अखिलेश यादव राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हैं और वो कोई ऐसा मौका हाथ से जाने नहीं देते जहां उन्हें योगी सरकार को डाउन करना होता है और शर्मनाक यही है कि इस राजनीती में अखिलेश ने रेप पीडिता के साथ उसके परिवार का भी सहारा ले लिया, दरअसल हाल ही में कौशांबी के लोहंदा गांव की एक 8 वर्षीय मासूम के साथ रेप के आरोप में वहीं के रामबाबू तिवारी के बेटे सिद्धार्थ पर आरोप लगा था।पुलिस के सिद्धार्थ के खिलाफ केस दर्ज करने के सप्ताह भर में ही रामबाबू ने सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने फर्जी मुकदमें में सिद्धार्थ को फंसाए जाने पर रेप पीड़िता के पिता सहित दो लोगों को फर्जी मुकदमें में गिरफ्तार कर लिया। बस इस पर कौशांबी से लेकर लखनऊ तक पूरी राजनीती गर्मा गई और अखिलेश यादव इसमें कूद गए, उन्होनें सीधे सीधे इस मामले को भाजपा की अंदरूनी लड़ाई बताकर इसे यूपी के दो उपमुख्यमंत्री पर दो समाज को लड़वाने की साजिश का आरोप लगा दिया। जिसमें एक पक्ष रेप पीडिता और दूसरा रामबाबू के पक्ष में खड़ा है. अखिलेश ने बिना नाम लिए कहा कि पहले एक उप मुख्यमंत्री ने नाइंसाफी करते हुए ‘पाल’ समाज के लोगों को मोहरा बनाया और उसके बाद दूसरे उप मुख्यमंत्री ने उस समाज के नाम पर झूठी सहानुभूति दिखानी शुरू कर दी। अखिलेश ने यह भी तंज मारा कि इस राजनीति के पीछे से वे भी सक्रिय हो गए, जिनकी पहलेवाले उपमुख्यमंत्री से पुरानी खींचातानी है।अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि top जगह बैठे भाजपाइयों’ के आपसी झगड़े के कारण, हर वर्ग और समाज बीच में पिस रहा है। ये समाज को बांट रहे हैं।

गोवा के Heath Minister की बदतमजी, सरेआम CMO को दी गालियां

नेता जब कुर्सी पर बैठ जाते हैं तो power का नशा इतना हो जाता है कि अपने आगे किसी को कुछ नहीं समझते और चाहे वो लोगों की जान बचाने वाले डाक्टर ही क्यों ना हो, अभी तक डाक्टरों के साथ मरीजों के रिश्तेदारों द्गारा बदतमीजी करने, मार-पिटाई करने की घटनाएं ही सुर्खियां बनती हैं पर गोवा के एक अस्पताल में वहां के हेल्थ minister ने ऐसी बदतमीजी की जिससे डाक्टर लाबी में तो क्या आम जनता में भी काफी गुस्सा है और इस मंत्री को तुरंत पद से हटाने की मांग तेज होती जा रही है, फेडरेशन आफ आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने इस मामले पर मंत्री के खिलाफ तुरंत एक्शन लेने के लिए गोवा के मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा है, वैसे आप खुद इस वीडियों में देखे कि गोवा के health minister किस तरह एक अस्पताल के chief medical officer को किस तरह सरेआम बेज्जत कर रहे हैं।

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पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।