आपको यह जानकार आशचर्य होगा कि भारतीय गैंडे अपने यूरीन को 16 फीट से भी अधिक दूरी पर स्प्रे कर सकते हैं। सुनकर ही हैरानी होती है पर ऐसा होता है और माना जाता है कि ऐसा करके ये अपना रहने का इलाका mark कर लेते हैं । दिखने में गैंडे चाहे भारी भरकम लगते हों पर ये 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से भाग भी सकते हैं, पर यह विशालकाय जीव 40 से 50 साल तक ही जिंदा रहता है।
WORLDWIDE गैंडो की पांच प्रजातियां पाई जाती
दुनिया भर में गैंडो की पांच प्रजातियां पाई जाती है काले, और सफ़ेद गैंडे की दो प्रजातियां अफ्रीका में होती हैं इसके अलावा गैंडों की कईं नस्ले भारत में पाई पाई जाती हैं। एक सिंग वाले गैंडे सिर्फ भारत में ही मिलते हैं। अलग अलग प्रजाती के सभी गैंडो का वजन एक हजार किलो से ऊपर तक होता है। पर देखा गया है कि अफ़्रीकी सफ़ेद गैंडे का वजन 3200 किलोग्राम तक पहुंच जाता है।
10 अलग-अलग आवाजें निकालने के लिए भी जाने जाते है
सबसे बडी हैरानी की बात ये भी है कि गैंडे का सींग बालों और नाखूनों की तरह ही जीवन भर बढ़ता रहता है। अगर यह किसी कारण टूट जाए तो इसके स्थान पर दूसरा सींग उग आता है। आपको बता दें कि गैंडे का सींग कैराटिन नामक एक प्रोटीन से बना होता है। जिससे बाल और नाख़ून बने होते है । भारत में पाए जाने वाले सुमात्रन प्रजाति के गैंडे सबसे छोटे कद के होते है इनकी ऊंचाई लगभग पांच फ़ीट तक होती है । वैसे एक और हैरानी की बात है कि भारतीय गैंडे 10 अलग-अलग आवाजें निकालने के लिए भी जाने जाते है