इमरान खान पाकिस्तान के सबसे लोकप्रिय लीडर है, पर माना जा रहा है कि अगर वो अगर वो जिंदा रहते हैं तो भी वहां की सरकार को प्रॉब्लम है और मर जाते हैं तो भी, पाकिस्तान में इमरान खान को लेकर के तमाम तरह की अटकलें चल रही है। 17 साल की उनकी कैद हो गई है , अब पाकिस्तान हमारा पड़ोसी देश है और पाकिस्तान से ही भारत को सबसे ज्यादा खतरा भी रहता है क्योंकि आतंकवाद जितना भी है पाकिस्तान से ही आता है , वहां की जो सिचुएशन है उसके बारे में जानना भी जरूरी है क्योंकि हमारा पड़ोसी देश है , तमाम बातों पर चर्चा की FORMER MAJOR GENERAL P K SEHIGAL

QUES ये क्यों कहा जाता है अगर इमरान खान को मरवा दिया गया तो भी सरकार के सामने प्रॉब्लम है और अगर वो जिंदा रहते हैं जेल में रहते हैं तो भी सरकार को प्रॉब्लम है ऐसा क्यों है

Ans इमरान खान जो है पाकिस्तान के सबसे लोकप्रिय लीडर है वास्तव में उन्होंने 1992 में वर्ल्ड कप को जीता था कैप्टन और पहली बार जब पाकिस्तान जीता था वहां हिंदुस्तान और पाकिस्तान में हुआ लोगों को क्रिकेट में बहुत ज्यादा दिलचस्पी है और इमरान खान जो है उसके बावजूद पॉलिटिक्स में आए चार साल वो प्राइम मिनिस्टर रहे और उसके बावजूद जब इलेक्शन हुआ उसकी पार्टी को बैन कर दिया गया। उसके पार्टी के लोग जो है एजइंडिपेंडेंस खड़े हुए। इसके बावजूद की जितने भी लीडरशिप थी लीडरशिप को जेल में डाल दिया था इंक्लूडिंग इमरान को तभी भी सबसे ज्यादा सीट जो है वो इंडिपेंडेंट ने जीती लेकिन उनको सत्ता में नहीं आने दिया उसको सत्ता से बाहर रखा गया और एक मिलीजुली सरकार का गठन किया गया जो वास्तव में मिलीजुली सरकार जो है कायम है , पर जनता से लेकर कईं अधिकारियों के बीच इमरान लोकप्रिय हैं और उनको मारना या जिंदा रखना दोनों ही सरकार के लिए बड़ी चुनौती है.

Quesकहा जाता है कि अमेरिका की वजह से उनके खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन हुआ और उनको सत्ता से हटा दिया गया।कितना सच है

Ans इमरान खान रिबैलियस हो गए थे, इमरान खान साफ तौर पर कह रहे थे कि जो पाकिस्तान में मुसीबत है उस मुसीबत का कारण दो है। एक अमेरिका और दूसर पाकिस्तान की आर्मी और इनका जो तालमेल है बहुत जबरदस्त है और किसी प्रकार से अमेरिका, पाकिस्तान के पक्ष में नहीं है। लोगों के पक्ष में नहीं है। वो केवल और केवल अपने हितों के लिए अपने फायदे के लिए पाकिस्तान के साथ दोस्ती जारी करना चाहता है। और इमरान चाहते थे कि चाइना के साथ रिलेशन और इम्रूव किए जाए। अमेरिका नहीं चाहता था कि पाकिस्तान , चाइना की गोद में और करीबी जाए और इमरान उसको और चाइना के नजदीक ले जाना चाहते थे। इसी की वजह से इमरान को हटाया गया पाकिस्तान की आर्मी के माध्यम से उनके आईएस के माध्यम से।

Quesक्या इमरान पठानों में बहुत ज्यादा लोकप्रिय हैं

Ansवो एक पठान है पुख्तम खावा के हैं और पख्त खावा में टीटीपी है वो साफ तौर पर तरीके तालबान पाकिस्तान और पीटीआई जो उनकी पार्टी है उनका जबरदस्त गठबंधन है। वहां के लोग जो है इमरान को चाहते हैं। वो नहीं चाहते कि नबाज शरीफ की सरकार रहे। वो नहीं चाहते कि वहां की आर्मी आईएसआई का गठबंधन कायम रहे। वो वास्तव में चाहते हैं कि जो पॉपुलर लीडर है जो लोकप्रिय लीडर है जो समाज के लिए कारवाई करेगा ना कि आर्मी अपने हितों के लिए कारवाई करती है। उनको वापस लाया जाए। अगर आपको याद होगा भुट्टो को फांसी में लटका दिया गया था जेल के बाद में उस समय सोशल मीडिया नहीं था इंटरनेट नहीं था और ये खबर जो है उसको एक किस्म से दबा दिया गया था , एक किस्म से गुपचुप तरीके से उसको मार दिया गया था आज के माहौल में इंस्टेंटेनियसली खबर सारी दुनिया में फैल जाती है अरब नेशन नहीं चाहते मुस्लिम नेशन नहीं चाहते अमेरिका भी नहीं चाहता कि इमरान को मारा जाए लेकिन जहां तक पाकिस्तान उनका ताल्लुक है। आसिफ मुनीर साफ तौर पर जानते हैं कि इमरान जिंदा हों या मुर्दा हो उनके लिए एक किस्म से फांसी का फंदा है। उनको बाहर निकालने के लिए पीटीआई की तरफ से लगातार , उनकी बहनों की तरफ से उनके बच्चों ,बेटों की तरफ से लगातार इस माफी की कारवाई होती रहती है और एक बारी नहीं साल में अनेकों बार होती है और उनको हर समय लगता है कि बड़े पैमाने पर सरकार को बदनामी होती है एंबलसमेंट होती है और बहुत जबरदस्त नुकसान होता है और पीटीआई मिलकर तरीके तालिबान पाकिस्तान के खिलाफ अनेकों कारवाई  करती है जिसके पीछे उनको साफ तौर पे नजर आता है कि इमरान का रोल है।

Quesक्या इमरान आज भी लोकप्रिय हैं

Ansवहां के आवाम 90% इमरान के साथ है, अगर आज इलेक्शन हो जाए इमरान खान 80 टू 90% सीट्स को स्वीप कर जाएगा। और साफ तौर पे जानते हैं कि ना तो पाकिस्तान की आर्मी टिकेगी ना आईएसआई टिकेगा ना ही शबाज शरीफ और जी जी और बेनजीर भुट्टो का बेटा जो है बिलावल भुट्टो वो टिकेगा

Quesक्या इमरान भारत से दोस्ती चाहते थे

Ans जो डेमोक्रेटिकली इलेकिटड सरकार है वो वास्तव में हिंदुस्तान के साथ उसका जो रिश्ते रहते बेहतर रहेंगे। वो साफ तौर पे तो जानते हैं कि पाकिस्तान इकोनमिकली अनस्टेबल है। जब तक हिंदुस्तान के साथ दोस्ती नहीं करते तो उन्हे यहां का सामान, थर्ड वर्ल्ड कंट्री के थ्रू खरीद खरीदते हैं तीन गुना या चार गुना कीमत के वहां जबरदस्त बेरोजगारी है इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है हेल्थ केयर नहीं है एजुकेशन नहीं है और हिंदुस्तान बहुत बड़े पैमाने पे बात कर सकता है फिर हिंदुस्तान पाकिस्तान के अंदर जितना पानी है या तो हिंदुस्तान के माध्यम से जाता है या अफगानिस्तान के माध्यम से जाता है अगर वहां मिलिट्री रूल खत्म हो जाता है शबाज शरीफ की सरकार खत्म हो जात है तो हो सकता है इमरान खान को एक किस्म से जेस्चर के तौर पे हिंदुस्तान जो है पानी दोबारा देना शुरू कर देगा और इमरान खान जो है यकीनन उस पानी को हासिल करने के लिए जो जिसका बहुत बड़े पैमाने पर असर होता है पाकिस्तान के हिंदुस्तान के साथ हाथ बढ़ाने की कोशिश करेंगे और क्योंकि वो डेमोक्रेटिक सरकार होगी उसमें चेकक्स एंड बैलेंस होंगे जहां तक आर्मी का ताल्लुक है कोई चेक्स एंड बैलेंस है नहीं आई ही सेज़ आई ही सेज़ आई एम द किंग आई एम द लॉ और मैं वही करूंगा जो उनके पास कोई किसी की आवाज सुनते नहीं किसी का व्यू सुनते नहीं किसी किसी के परसेप्शन नहीं सुनते। ऐसे में वो हिंदुस्तान के लिए सबसे बड़ा खतरा है । इस समय भारत के लिए भी खतरा है ना अगर वहां की सरकार कोई कमजोर अभी जो चल रही है और कोई आती भी है कमजोर सरकार ये भारत के लिए बहुत बड़ा खतरा रहेगा हमेशा ही तो देश हमारा देश भी यही चाहेगा कि पाकिस्तान में अगर इलेक्शन हो तो एक मजबूत सरकार वहां पे आए जो कंट्रोल कर सके , हिंदुस्तान की तो हमेशा ही कोशिश है कि हमारा जो नेबरहुड हो स्ट्रांग एंड स्टेबल हो कोई इनस्टेबिलिटी नेबरहुड हो उसका असर तो आपके ऊपर पड़ेगा अगर ग्वांडी के घर में आग लगेगी तो आग आज तो आपके पास हिंदुस्तान चाहता है कि पाकिस्तान स्ट्रांग एंड स्टेबल हो। हम चाहते हैं नेपाल स्ट्रोंग एंड स्टेबल हो। हम चाहते हैं म्यांमार स्ट्रंग एंड स्टेबल हो। हम चाहते हैं बांग्लादेश और श्रीलंका। इट्स अनफॉर्चूनेट कि हिंदुस्तान हिंदुस्तान एक ऐसे ऐसे एरिया में है साउथ एशिया के जहां सारी की सारी वोलेटिलिटी है हिंदुस्तान के नेबरहुड में और सारे के सारे देशों में इनस्टेबिलिटी है जो हिंदुस्तान के लिए बहुत बड़ा खतरा है.

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