उद्धव ठाकरे कब से बने ओवैसी के भाई ?

महाराष्ट्र में राजनीती एक बार फिर गर्मा रही है। दरअसल जब से वक्फ विधेयक को लेकर जेपीसी के फैसले पर उद्धव ठाकरे की असहमति की बात सामने आई है महाराष्ट्र में बीजेपी नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के मंत्री नितेश राणे ने तो यह तक कह दिया की ठाकरे और ओवैसी अब भाई जैसे हो गए और जब वक्फ बोर्ड ठाकरे के घर मातोश्री पर दावा करेगा, तब उन्हें समझ में आ जाएगा कि वे कहां जा रहे हैं, किसका समर्थन कर रहे हैं। आपको बता दें कि Waqf Amendment Bill) पर बनी जेपीसी की बैठक में सभी 14 संशोधनों को स्वीकार कर लिया गया है और इसके बाद ही राजनीती में जैसे भूचाल आ गया है। समिति के फैसले से विपक्षी सांसदों में जबरदस्त नाराजगी है और इस विपक्ष में उद्धव ठाकरे की पार्टी भी शामिल है। जानकर मानते हैं कि चूंकि ठाकरे महाराष्ट्र मे हिंदूत्व का बड़ा चेहरा मानी जाती है और ऐसे में उद्वव ठाकरे का Waqf Amendment Bill) का विरोध करना उन्हें भारी पड़ सकता है और बीजेपी इसी तरह का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।दूसरी तरफ आईएमआईएम नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस बिल के प्रति अपनी जबरदस्त नाराजगी वयक्त की है उनका कहना है कि भाजपा मुसलमानों के खिलाफ यह विधेयक लेकर आई है।
दिल्ली की किस सीट पर चार पार्टियां भिड़ेंगी

वैसे तो दिल्ली चुनाव में इस बार तीन दलों के बीच जबरदस्त त्रिकोणीय मुकाबला होने की चर्चा हो रही है, पहले जहां बीजेपी और कांग्रेस में मुकाबला होता था, फिर आम आदमी पार्टी पिच्चर में आई तो कांग्रेस गायब सी हो गई और मुकाबला बीजेपी और आम आदमी पार्टा में होने लगा लेकिन इस बार के चुनाव में बीजेपी और आप को टक्कर देने के लिए कांगेरेस पूरी तरह से तैयार नजर आ रही है इसलिए कहा जा रहा है कि मुकाबला त्रिकोणीय है। पर दिल्ली की एक सीट पर यह मुकाबला चार दलों के बीच होने से बहुत ज्यादा दिलचस्प बन गया है। जी हां दिल्ली की मुस्तफाबाद सीट पर आम आदमी पार्टी, बीजेपी, कांग्रेस के उम्मीदवार तो मैदान में हैं हीं पर उन्हें कड़ी टक्कर देने के लिए ओवैसी की पार्टी भी मैदान में हैं। इस सीट पर ओवैदसी ने दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को उतारा है। आपको बता दें कि 2008 के परिसीमन के बाद आई इस सीट पर मुस्लिम वोटर्स का दबदबा है और यहीं पर 2020 में सांप्रदायिक दंगे हुए थे। आपको बता दें कि इससे पहले यह करावल नगर विधानसभा सीट का हिस्सा था तभी बीजेपी ने यहां से करावल नगर के मौजूदा विधायक मोहन सिंह बिष्ट को टिकट देकर दांव खेला है। वहीं आम आदमी पार्टी ने आदिल खान को उतारा है और कांग्रेस ने यहां से पूर्व विधायक हसन मेहदी के बेटे अली मेहदी को उतारा है। चारों ही उम्मीदवारों का पूरा दबदबा है ऐसे में यहां पर मुकबला बड़ा दिलचस्प बन गया है। वैसे देखा यह भी गया है कि मुस्लिम वोटर ज्यादा होने के कारण यहां हमेशा मुस्लिम उम्मीदवार के ही जीतने की संभावना बनी रहती है।
