उद्वव ठाकरे आए Rahul के बुलावे पर लेकिन देंगे किसको झटका

माना यही जाता है कि शिवसेना दल के प्रमुख उद्वव ठाकरे महाराष्ट्र से कम ही निकलते हैं पर राहुल गांधी के बुलावे पर उद्वव का 6 से 8 अगस्त को दिल्ली आने पर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि क्या वास्तव में उद्वव राहुल के बुलाने पर आ रहे हैं या फिर कोई बड़ा खेला होने वाला है। पता चला है कि राहुल गांधी ने बाकयदा उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत की है और उन्हें इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए कहा है, यह बैठक Tuesday को होनी है , और इसके लिए एक दिन ही काफी है तो उद्वव तीन दिन के लिए क्यों आ रहे हैं, पता चला है कि दिल्ली आने पर उद्वव विपक्ष के कुछ नेताओं से मिलेंगे, जिनमें केजरीवाल और ममता बनर्जी का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है पर साथ ही यह भी चर्चा जोरों पर है कि वो बीजेपी के भी कुछ बड़े नेताओं से मुलाकात करेंगे जिनमें महाराष्ट्र के लोकप्रिय नेता नितिन गडकरी का नाम लिया जा रहा है, बस इसके बाद से अटकले यही लगनी शुरू हो गई हैं कि क्या उद्वव वापस एनडीए में आने का रास्ता बना रहे हैं क्योंकि इससे पहले उद्वव ने महाराष्ट्र के cm देवेंद्र फणडीवीस से भी मुलाकात की थी और फणडवीस ने उन्हें वापस NDA में आने का न्यौता तक दे डाला था। अब देखना यही है कि उद्वव के दिल्ली आने से क्या इंडिया गठबंधन को मजबूती मिलेगी या यह बैठक एक बहाना है उद्वव का प्लान इंडिया गठबंधन को करारा झटका देना है।

TMC ममता बनर्जी को अपने ही नेता ने दिया झटका, दिखाया आईना


ममता बनर्जी लगातर विपक्ष के लिए अपशब्द भाषा का प्रयोग करती रहती हैं अब इसका विपक्ष पर कितना असर पड़ता है यह तो कोई नहीं जानता पर इतना दिखना शुरू हो गया है कि TMC पार्टी के अंदर कईं नेताओं ने ममता की अशब्द बोलने की आदत की नकल करनी शुरू कर दी है और ममता के लिए यह बहुत embarrassing होता जा रहा है और पार्टी के लिए बड़ा खतरा, जी हां यह हम इसलिए कह रहे हैं कि हाल ही में TMC के दो बड़े नेता और सांसद महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी के बीच हुई जुबानी जंग बहुत ही हैरान और परेशान करने वाली थी कि क्या एक पार्टी के ही दो नेता एक दूसरे पर ऐसी भाषा का प्रयोग कर सकते हैं जी हां जहां महुआ ने कल्याण बनर्जी के लिए सुअर और महिला विरोधी शबदों क प्रयोग किया वहां कल्याण बनर्जी ने भी सारी मर्यादाएं ताक पर रखकर उनकी शादी और हनीमून तक की बात कह डाली, वैसे इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने damage control करने की भी कोशिश और अपनी पार्टी के सांसदों को आपसी लड़ाई बंद करने और केंद्र सरकार के खिलाफ मिलकर लड़ने का आदेश दे डाला। पर दीदी का महुआ के खिलाफ कोई एक्शन ना लेकर कल्याण बनर्जी को टारगेट किया गया और इससे गुस्साए कल्याण बनर्जी ने वो कर दिया कि दीदी सकते में आ गई जी हां दिल्ली में पार्टी की छवि सुधारने के लिए ममता TMC में बदलाव के लिए अपने भतीजे के साथ ऑनलाइन मीटिंग कर रही थी और जैसे ही दीदी ने कल्याण बनर्जी की भूमिका पर सवाल उठाए वह भड़क गए उन्होंने अपना इस्तीफा दे डाला और कईं तीखी टिप्पणियां भी कर डाली जो चर्चा का विषय बनी हुई हैं , वैसे दीदी के लिए यह सबक है कि अगर खुद भाषा की मर्यादा का ध्यान नहीं रखोगी तो पार्टी के नेताओं से उम्मीद क्यों।

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