कांग्रेस पर क्यों जमकर बरसे उद्वव के नेता वजह क्या है

महाराष्ट्र में महागठबंधन के दो बड़े दलों कांग्रेस और उद्वव ठाकरे की पार्टी शिवसेना यूबीटी के बीच कलह खुलकर सामने आ गया। आपको बता दें कि हाल ही में कांग्रेस ने महाराष्ट्र में होने वाले BMC चुनाव अकेले लडने का एलान किया था और इसके बाद से ही दोनों दलों के बीच पहले शीत युद्द शुरू हुआ और अब वाक युद्द शुरू हो गया , जी हां बिहार में कांग्रेस के जबरदस्त हार की आड़ में शिवसेना के Spokesperson आनंद दुबे ने खुलकर ना केवल कांग्रेस बल्कि राहुल गांधी की भी जमकर हंसी उड़ाई, इससे ना केवल कांग्रेस बल्कि गठबंधन के अन्य दल भी पूरे सकते में आ गए। आपको बता दें कि आनंद दुबे ने कई न्यूज चैनलों पर बिहार में महागठबंधन की हार को लेकर गजब की मिमिक्री की। राहुल गांधी की मिमिक्री करते हुए उन्होंने कहा कि हम जगाने जाते हैं कांग्रेसियों को, मगर जग जाते हैं भाजपाई। उन्होंने हंसते-मुस्कुराते, चुटीले अंदाज में कांग्रेस को भी जमकर सुनाया। आनंद दुबे ने साफ कह दिया कि कांग्रेस के कद्दावर नेताओं जैसे हुसैन दलवई, राशिद अल्वी, दिग्विजय सिंह और मणिशंकर अय्यर ने पार्टी को बर्बाद कर दिया। लेकिन अंत में सबको पता चल ही गया कि आनंद दुबे को कांग्रेस पर इतना गुस्सा क्यों आ रहा है क्योंकि चलते चलते उन्होंने कह दिया कि बीएमसी चुनाव में कांग्रेस का अकेले चलने का फैसला उन्हें 2-4 सीटों पर ही निपटा देगा।

Bihar —हार के पीछे 4 बड़ी गलतियां इनमें दम है

बिहार चुनाव में महागठबंधन की हार के पीछे चार बड़ी गलतियों की राजनीतिक गलियारे में बड़ी चर्चा है सबसे पहला की लालू की ओर से यादव समुदाय को सबसे अधिक टिकट देना, इसको जनता ने यादव राज और जंगल राज की वापसी से जोड़ा और RJD से दूरी बनाई, दूसरा चुनाव प्रचार में ‘वोट चोरी’ का मुददा जोरों से उठाना लेकिन अंतिम दिनों में ना केवल इस मुद्दे के कर्ताधर्ता ना कोवल राहुल गांधी का गायब हो जाना बलिक पूरा गायब होकर लोकल मुद्दों पर आ गया। इससे बिहार की जनता समझ ही नहीं सकी की महागठबंधन की दिशा क्या है, तीसरी गलती RJD ने ग्रामीण वोटरों की पूरी अनदेखी कर दी, उसका मेनिफेस्टो पूरी तरह से शहरी, शिक्षित युवाओं के लिए थे।गांव वालों के लिए इसमें कुछ खास नहीं था जिससे इनके ग्रामीण वोट भी कटे। और एक बड़ा कारण माना जा रहा है AIMIM का मुस्लिम वोटर्स को छीनना । अल्पसंख्यकों के मुद्दे महागठबंधन ने ठीक ढंग से उठाए नहीं और इसका फायदा औवेसी साहिब ले गए खासतौर पर उप मुख्यमंत्री पद के लिए किसी मुसिलम उम्मीदवार की घोषणा ना करके मुकेश साहनी पर भरोसा जताने से मुसिल्म बडी संख्या में RJD से नाराज हुए।

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