किस समय की गई Reiki सबसे ज्यादा फायदेमंद -Universe से मिलनी एनर्जी

Reiki hands. Reiki treatment. Alternative healing. Alternative healthcare concept. Vector illustration.

रेकी एक पूजा है, विश्वास हैं और इसके जरिेए आपको यनिवर्स से अपने आप को हील करने की यानी ठीक करने की ताकत मिलती है, पर रेकी किस समय की जाए , सवाल यही है , जो आपको ज्यादा फायदा हो। वैसे तो रेकी के बारे में कोई ऐसा नियम कानून नहीं है। आप जिस समय जिस टाइम अपनी सुविधा अनुसार रेकी कर सकते हैं अपने को चार्ज कर सकते हैं। पर अगर एक विशेष टाइम अपनी रेकी हीलिंग करते हैं यूनिवर्सल से पावर लेते हैं तो उसके रिजल्ट्स आपको बहुत अच्छे मिलेंगे।

सुबह का समय सबसे बेहतर बिना किसी Disturbance के कर सकते रेकी


सूर्य हमारा ब्रह्मकाल 3:30 से लेकर 5:30 शुरू होता है और हमारी सारी देवी देवताओं की भगवान की पूजा उसी टाइम होती है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई किसी भी धर्म के लोग होते हैं उसी टाइम उनके यहां पूजा होती है, अर्चना होती है। क्योंकि यूनिवर्सल की सारी पावर इस टाइम बहुत तेजी से आती है। उसके एक और कारण भी है कि उस टाइम आप डिस्टर्ब नहीं होते। ना आपकी घर की डोर बैल बजती ना आपके मोबाइल बजते ना आपको बच्चों के स्कूल भेजने की चिंता होती हस्बैंड को ऑफिस भेजने की चिंता होती ना ही अपने ऑफिस जाने काम की चिंता होती तो इस टाइम अगर आप रेकी हीलिंग करेंगे सवेरे जल्दी उठके तो उसके बहुत सारे फायदे होंगे एक तो एनर्जी लेवल आपके पास आएगी आपके अंदर बहुत अच्छा फ्लो होगा वाइब्रेशन बहुत अच्छी आएगी और पूरे दिन सुबह से लेकर शाम तक रात तक आपकी बॉडी पूरी तरह चार्ज रहेगी

Reiki एक बार Charge करिए हाथों में पूरे दिन एनर्जी रहेगी

असके लिए कोई भी ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि रेकी में एक ऐसी प्रक्रिया है। ये ऐसी शक्ति है यूनिवर्सल की जो आपको कभी नहीं कहती कि आप नहा के मंदिर जाके या पूजा पाठ अर्चना करके धूप बत्ती करके करें। अगर आप इतनी जल्दी नहा भी नहीं पाते तो अपने बिस्तर पर बैठे-बैठे ही आपने अपने हाथों को रगड़ के चार्ज करना है। हाथ फैला के यूनिवर्सल पावर मांगनी है। और रेकी के जितने भी प्रतीक चिन्ह आपको आते हैं वो आप अपने ऊपर डाल दीजिए। उसके बाद रात के सोने तक जब तक आप रेकी से कनेक्शन नहीं कट करते वो पावर आपके हाथों में रहेगी। उन हाथों से आप अपने आप को चार्ज करिए। हील करिए। अपने घर परिवार को करिए। घर में रखे पेड़ पौधों को करिए। अपने घर के जानवर पालतू को भी रेकी से ठीक किया जा सकता है , पर जरूरी है इस पद्वति पर विश्वास और समय देना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।