By Arati Jain
पहला घर हमारी Personality के बारे में बता देता है
हमारी कुंडली के 12 घर होते हैं और आपको यह जाकर आशचर्य होगा कि इन 12 घरों को जानकार अपने पूरे भविष्य के बारे में जाना जा सकता है, मतलब आपकी हेल्थ कैसी रहेगी, कितना पैसा आएगा, कितनी तरक्की होगी, कौन दुश्मन बन सकता है, किससे बचकर चलना चाहिए, बच्चों के weat points क्या हैं जिनपर शुरू से ध्यान देने की जरूरत हैं और तमाम तरह की जानकारियां इन 12 घरों में छुपी हुई हैं। कुंडली का पहला घर है आपकी पर्सनालिटी के बारे में बताता है, पहला घर बताता है कि बच्चे की पर्सनालिटी कैसी रहेगी। क्योंकि जन्मत्री हर कोई बनवाता है और पंडित जी से पूछता है हमारा बच्चा भाग्यवान है। अच्छा पैसा इसके पास है। बीमारी तो नहीं रहेगी। पढ़ाई बहुत अच्छी करेगा। तो इन सब बातों का पंडित जी अगर अच्छा जवाब देते हैं तो आप खुश हो जाते हैं। पर वहीं पंडित जी अगर कहते हैं ये बच्चा भाग्यवान नहीं है या इसके पास
पैसा कम होगा या ये बीमार रहेगा तो आप परेशान हो जाते हैं। पर परेशान होने वाली बात नहीं हैं पहला घर ही इसके लिए जिम्मेदार होता है और इसको जानकर हम शुरू से ही बच्चे पर ध्यान देना शुरू कर सकते हैं। पहला घर देखेंगे
वो किस राशि का है , किस नक्षत्र का है वो देखेंगे। इन सब चीजों को देख के ही पंडित जी निष्कर्ष निकालते हैं। हम निष्कर्ष निकालते हैं कि हमारा बच्चा कैसा होगा।
पता चल सकता है कि बच्चे में झूठ बोलने की आदत पड़ सकती है
जैसे पहले घर से आप पर्सनालिटी देख रहे हैं और आपको लग रहा है कि पंडित
जी ने बताया है कि हमारा बच्चा कमजोर होगा। इसकी पर्सनालिटी बहुत अच्छी नहीं रहेगी। इसका एक व्यक्तित्व रोबदार नहीं रहेगा या इसके संस्कार अंदर एक झूठ बोलने
की बहुत आदत रहेगी। संस्कार इसके अंदर अच्छे नहीं रहेंगे तो आप सावधान हो जाइए क्योंकि उसका भाग्य अब आपके हाथ में है क्योंकि आप ही उसके मां-बाप हैं। आप ही उसको ढाल सकते
हैं। जैसे मिट्टी का कच्चा घड़ा होता है। कच्चे घड़े को एक कुम्हार ही शेप देता है। वैसे ही आप अपने बच्चे को पर्सनालिटी को बनाइए। बच्चे की व्यक्तित्व को निखारिए। उसकी आदतें शुरू से ही ठीक कराएं जैसे उसकी आदतों में आपको सुबह
जल्दी उठने की आदत डालनी पड़ेगी। उसको हेल्दी खाना देना पड़ेगा। अगर वह बहुत कभी
जिद करता है तो उस जिद को आपको पेशेंस के साथ एक हैंडल करना पड़ेगा। जिससे उसके अंदर जिद करने की आदत नहीं हो पाई। जैसे कई बार बच्चे क्या होते हैं? बच्चे खूब रोते हैं किसी चीज के लिए। तो आप मां-बाप चिढ़ करके कहते हैं चल कर ले कोई बात नहीं। पर वो चीज आपको ध्यान रखनी है क्योंकि आपको पता है कि हमारी पर्सनालिटी बच्चे की थोड़ी सी कमजोर होगी। तो आप थोड़े से दृढ़ता से सामना करिए उसका और उसको धीरे-धीरे ठीक करिए। क्योंकि एक माली ही एक ख़राब पेड़
को भी ठीक करके उसको बहुत अच्छा बना सकता है। तो आप एक अपने बच्चे के माली है। जैसे
माली अपने पेड़ को बनाता है वैसे ही आप अपने बच्चे को बनाइए।
पहला घर में यदि शनि तो बच्चे के संस्कार पर ध्यान देना जरूरी
अब आप अब आपके सामने हम एक उदाहरण लेते हैं। जैसे शनि ग्रह की दशा में आपका बच्चा पैदा हुआ है। शनि ग्रह हमारे कर्मों का देवता है। और हमारे कर्म शनि ग्रह के कारण ही दिखते हैं। पर बच्चा बहुत छोटा है और उसको पता ही नहीं मैं क्या कर्म कर रहा हूं। कैसे कर्म कर रहा हूं। कौन से कर्म अच्छे हैं, कौन से कर्म बुरे हैं। तो वो तो आपको ही ध्यान रखना पड़ेगा ना। क्योंकि आपको ही उसकी पर्सनालिटी बनानी है। उसके पहले घर को एक निखारना है। उसके एक व्यक्तित्व को ऐसा बनाना है कि बच्चा समाज में आपका नाम रोशन करने में समर्थ हो। उसके लिए जैसे शनि ग्रह कर्म का देवता है तो आप उसके कर्मों को सुधारिए। उसको सुबह जल्दी उठने की आदत डालिए। उसको सबका सम्मान करना सिखाइए। स्पेशली जो आपके नीचे काम करने वाले वर्कर्स होते हैं, जो छोटे लोग होते हैं, उनसे वो प्यार से बात करें। तमीज से बात करें और साथ ही साथ अपना एक रूटीन सेट करें। रूटीन सेट करने से क्या होगा? धीरे-धीरे उसका जो व्यक्तित्व है वो निखरना शुरू होगा और आपका बच्चा बहुत अच्छा बनना शुरू हो जाएगा।
