जया बच्चन कौन इन्हें नहीं जानता है, फिल्म अभिनेत्री के तौर पर सालों साल लोगों के दिलों पर राज करने वाली, जया पिछले काफी समय से समाजवादी पार्टी की सांसद हैं , पर पहले हिऱोइन के तौर पर इनके जितने चाहने वाले थे सांसद के तौर पर इन्हें नापसंद करने वालों की तादाद भी कुछ ज्यादा ही, कारण जया अपने गुस्से, बेरूखे व्यबहार और तुकनबाजी के कारण कहीं भी कुछ भी कर सकती हैं, पर हाल ही में कुमार विश्वास ने जया पर काफी तीखे कटाक्ष किए और उन्हें बता दिया कि जनता उन्हें ज्यादा पसंद नहीं करती । आपको बता दें कि जया बंगाली बह्राण परिवार से आई हैं और इसी कारण कुमार विश्वास ने जया का नाम लिए बिना उनपर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल की घटना पर मुखर रहने वाली एक आवाज कोलकता में मेडिकल कालेज में एक डाक्टर के साथ हुए विभत्स कांड पर खामोश हैं, अपने नाम में पति का नाम ना आ जाए कहने वाली एक विजयी आवाज आज खामोख है, कुमार विश्वास ने जया के साथ बंगाल की सांसद महुआ मित्रा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टी की स्त्रियां हैं जो महिलाओं की नहीं बलिक पार्टी के हित देखकर संसद में आवाज बुलंद करती हैं। बस जनता को समझ आ गया कि कुमार विश्वास का इशारा किस तरफ है और उसके बाद एक के बाद एक लोगों ने इन सांसदों को घेरना शुरू कर दिया, जनता ने कह दिया की क्या करारा तमाचा मारा है, कुछ ने कहा दही जम गया है मुंह में। वैसे आपको बता दें कि जब सदन में स्पीकर जगदीप धनखड़ ने उन्हें जया अमिताभ बच्चन कह कर बुलाया था तो जया उनसे बहुत बदतमीजी से पेश आई थी।

उफ योगी ने कुंभ पर कैसे विपक्ष को चुप करा दिया

यूपी के सीएम योगी को बहुत कम गुस्से में देखा जाता है और बिना गुस्सा किए वह विपक्ष को ऐसी खरी खरी सुना देते हैं कि सब हैरान हो जाते हैं, अब कुँभ के आयोजन को लेकर बिखरा हुआ विपक्ष जिस तरह से एकसाथ लामबद्द होकर योगी को लगातार घेर रहा है , बस योगी ने सोचा की बहुत हो गया और उन्होंने विपक्ष को वो सब सुना दिया जिसकी आम आदमी कल्पना भी नहीं कर सकता । जी हां यूपी विधानसभा में योगी ने कहा कि कुँभ में जिसने जो तलाश उसको वही मिल गया , गिद्धों को केवल लाश मिली, सूअरों को गंदगी मिली और भक्त संवेदनशील लोगों को रिश्तों की खूबसूरत तस्वीर मिली और आस्थावान लोगों को को पुण्य मिला। और अंत में योगी ने यह भी कह दिया की किसी को कुछ मिला हो या नहीं भक्तों को भगवान मिल गए। दरअसल पिछले काफी समय से विपक्ष कुंभ को लेकर बहुत ही गलत और उल्टी सीधी बयानबाजी कर रहा था जी हां जैसे समाजवादी पार्टी ने खबरें फैला रखी हैं कि कुंभ भगदड़ में हजारों मरे, उनकी लाशे गंगा में बहा दी गई, ममता दीदी ने कुंभ को मौत का कुंभ बता दिया, खरगे जी ने कुंभ आयोजन की जगह गराबी हटाने की सलाह दे डाली, वगैरह वगैरह और ऐसे में योगी ने अपनी तरकक्ष से एक तीर निकाला और सभी पर जबरदस्त कटाक्ष करते हुए विपक्ष की तुलना गिद्दों और सूअरों से कर डाली और एक साथ सभी के मुंह बंद करवा दिए , योगी ने यह भी कहा कि जो भी लोग दुर्भावनापूर्ण , गलत इरादे से महाकुंभ जाएंगे उन्हें परेशानी ही होगी।

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गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।