Cricket ball resting on a cricket bat on green grass of cricket pitch

क्या क्रिकेट देश से बढ़ा-इन नेता को तो शायद यही मानना है

हाल ही में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाए जाने पर देश के कुछ नेताओं के पेट में दर्द होना शुरू हो गया है और उन्होंने इसपर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं और इनमें जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस मसले पर कुछ ज्यादा ही बोल रहे हैं, अब्दुल्ला जी कह रहे हैं कि क्या किसी एक खिलाड़ी को जबरदस्ती बाहर करने से बांग्लादेश के हालात सुधरेंगे या भारत-बांग्लादेश के रिश्ते मजबूत होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि खेल और राजनीति को अलग-अलग रखा जाना चाहिए। बांग्लादेश ने भारत में आतंकवाद नहीं फैलाया..लेकिन समझऩा यही है कि जिस देश की सरकार खुलेआम हिंदू नागरिकों की हत्याओं को एक तरह से सपोर्ट कर रही है, भारत के विरूद्द लगातार जहर उगल रही है क्या उन सब बातों पर आंख मूंद कर इससे क्रिकेट को अलग रखा जाए और वहां के खिलाडियों को सिर आंखों पर बिठाए जाए, उमर अबद्ल्ला के इस बयान पर उनकी चारों तरफ तीखी आलोचना भी हो रही है और आरोप लग रहे हैं कि उन्हें बांगल्देश में हिंदुओं के खिलाफ नफरत नजर नहीं आ रही है , वैसे कईं लोगों का यह भी तर्क है कि खेल और कला दोनों ही तभी पनपते हैं जब देश पनपता है और ऐसे में देश के साथ कोई बुरा करता है तो कलाकार हो या खिलाड़ी दोनों ही प्रभावित होते हैं ऐसे में खेल को राजनीती से कैसे अलग रखा जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *