अगर याद हो तो अक्षय कुमार की एक फिल्म आई थी Holiday जिसमें पहली बार देश में sleeper cell के रूप में घुसे आतंकवादियों के बारे में बहुत ही खुल कर बताया गया था , जी हां इससे पहले कम ही लोग ये जानते होंगे कि दुश्मन देश अपने आतंकवादियों को  बार्डर पर लड़ने नहीं भेजते  बलिक ये आतंकी देश में घुसकर, लोगों के बीच  पैठ बनाकर  , रिश्ते  बनाकर अंदर ही अंदर हिसा करते रहते हैं और कोई इनपर आसानी से शक भी नहीं करता, आतंक आपको लग रहा होगा अचनाक Sleeper Cell का मुद्दा  क्यों उठाया जा रहा है, पर जिस तरह से बीजेपी सांसद  रहे हैं, निशिकांत दुबे ने बयान दिया कि 5 लाख पाकिस्तानी लड़कियां शादी करके भारत आई हुई है और उन्हें अभी तक  भारतीय नागरिकता नहीं मिली है, सांसद ने कह दिया कि   इन दुश्मनों से कैसे लड़ा जाए जो अंदर घुस आए हैं?

देश के लिए बड़ा खतरा

मतलब इशारा साफ था कि क्या पाकिस्तान इन लड़कियों को sleeper cell के रूप में इस्तेमाल कर रहा है या कर सकता है। और अगर ऐसा हो रहा है तो ये बहुत घातक है, देश के लिए बड़ा खतरा है,  निशिकांत दुबे ने भी यही बात दोहराई है कि  पाकिस्तान आतंकवाद का यह एक नया चेहरा है जो  एक गंभीर खतरे की ओर इशारा कर रहा है। दूबे ने  X  पोस्ट  पर यह सब लिखकर sleeper cell के मुद्दे को हवा दी है। और सभी को इस तरह से खतरे से आगह भी किया है,

परमाणु युद्ध हुआ तो  करोड़ों मरेंगे, तापमान 10 डिग्री गिर जाएगा

इसके अलावा एक और खतरा है जो भारत  तो क्या पाकिस्तान के सिर पर भी मंडरा रहा है जी हां एक्सपर्ट ने दी चेतावनी दे दी है कि अगर दोनों देशों के बीच  परमाणु युद्ध होता है तो  करोड़ों, अरबों  लोगों की जान तो जा सकती है साथ ही भीषण तबाही होगी।  पारा  10 डिग्री तक नीचे गिर जाएगामेट्रो डॉट यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019 में वैज्ञानिकों की एक टीम ने रिसर्च की है कि दोनों देशों के बीच अगर परमाणु युद्ध होता है तो भारत और पाकिस्तान में ही 10-15 करोड़ लोग मारे जा सकते हैं। युद्ध का असर ना सिर्फ भारत-पाक के पड़ोसी देशों बल्कि दुनिया के बड़े हिस्से पर होगा।परमाणु युद्ध  एक छोटा हिमयुग ला सकता है। भयंकर  धुआं आसमान में फैलेगा और  सूरज की रोशनी तक को रोक देगा। अंधेरा छा जाएगा और  दुनिया का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाएगा।

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गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।