घर में कौन सी दिशा की बालकनी कवर ना करें- नहीं तो परिणाम भुगतने पड़ेगे
आजकल मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स बनने लगी हैं। फ्लैट सिस्टम आ गया है या आपका फ्लोर सिस्टम आ गया है। तो फ्लोर सिस्टम मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स में हम देखते हैं कि हर रूम के बाहर बालकनी होती है, जब घर शिफ्ट करते हैं तो बहुत अच्छा घर सोच समझ कर ही लिया जाता है, सारी चीजें देख वास्तु के भी अनुरूप ही लगती हैं, लेकिन कुछ समय रहने के बाद जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, हमारे को लगता है कि हमारे पास स्पेस की कमी हो रही है। और क्योंकि हर रूम के बाहर बालकनी होती है, तो हर कोई बालकनी को रूम बनाने के लिए बालकनी को कवर कर लेते हैं , हम बच्चों को एक अच्छा एटमॉस्फियर, स्पेस देने की कोशिश करते हैं,
South में बनी बालकनी को कमरा बनाया जा सकता है

पर हमें कहां की बालकनी कवर करनी चाहिए और कहां की नहीं करनी चाहिए यह जानना बहुत जरूरी है। क्योंकि कई बार ऐसे सवाल या वास्तु विजिट्स आते हैं जो कहते हैं कि पहले वह घर में बहुत अच्छा था पीसफुल था तरक्की भी थी लेकिन समय के साथ-साथ उन्होंने थोड़े से चेंजेस किए एक बस बालकनी ही कवर कराई है तो सबकुछ गडबड़ा गया है। अब इतने समय से रह रहे थे और कोई दिक्कत नहीं हुई तो ऐसा क्या किया आपने तो जब वह बोलते हैं कि हमने इस तरफ की बालकनी अपनी कवर्र की है। तो हर जगह की बालकनी को आप कवर नहीं कर सकते हैं। कौन सी बालकनी आप कवर कर सकते हैं और कौन सी नहीं करवा सकते वो जानना जरूरी है। हमारे को हमेशा साउथ हैवी रखना चाहिए और साउथ पे हम हाई वॉल्स
बना सकते हैं। क्योंकि आपके जो फ्लैट सिस्टम होते हैं या आपका फ्लोर सिस्टम है उसके अंदर आप सिर्फ जो आपके टेंपरेरी वो फिक्स कर सकते हैं। बालकनी टेंपरेरी रूम की तरह या टेंपरेरी स्ट्रक्चर क्रिएट कर सकते हैं। आप सीमेंट की वॉल जो आपका आउटलुक है बाहर से मकान का या फ्लैट का वो चेंज आप नहीं कर सकते हैं , तो आप टवर्ड्स साउथ साउथ ईस्ट वाली साउथ साउथ ईस्ट और साउथ वेस्ट वाली बालकनियों को कवर कर सकते हैं। क्योंकि वो वहां पर वैसे ही माना जाता है कि उसको हम जितना कवर रखेंगे आप हैवी कर्ट्स रखेंगे, कर्टन्स को बंद करके रखेंगे तो उधर की बालकनी के इफेक्ट्स, जो नकारात्मक ऊर्जा होती है वहां के कम हो जाते हैं और आपका साउथ भी भारी हो जाता है।
East और North-East की बालकनी को गलती से भी कवर ना करें

हमारे को यदि बच्चों का नॉर्थ ईस्ट में बडरूम है तो हम उनको नॉर्थ ईस्ट की बालकनी को कवर कर देते हैं ताकि बच्चों को पढ़ाई में आसानी हो। उनका एक सेपरेट रूम बन जाए पढ़ने के लिए या खेलने के लिए। जबकि नॉर्थ ईस्ट हमेशा ओपन होना चाहिए, खुला होना चाहिए और हल्का होना चाहिए। यदि इस चीज को आप लोग दिमाग में रख के बालकनी का चयन करेंगे। वैसे तो रिकमेंडेड यही है कि आप पूरे एंगल से दिखा के कि आपकी बालकनी कितनी नॉर्थ में आ रही है, कितनी ईस्ट में आ रही है या कितनी वेस्ट में जा रही है, उसी हिसाब से आप कवर्ड एरिया को लें तो आपको ज्यादा अच्छे फल मिलेंगे। तो आप कवर कर सकते हैं मोटे तौर पे यदि आप समझना चाहते हैं साउथ, साउथ वेस्ट साउथ ईस्ट की बालकनीज़ को आप कवर कर सकते हैं। नॉर्थ, नॉर्थ ईस्ट और ईस्ट की बालकनी को नहीं कवर कर सकते। नॉर्थ ईस्ट तो आप बिल्कुल भी कवर ना करें क्योंकि नॉर्थ ईस्ट हमारा वास्तु पुरुष का हेड एरिया होता है जिसको बहुत ही पवित्र माना जाता है। उस एरिया को बहुत क्लीन रखना चाहिए। वहां पे जूते चप्पल, डस्टबिन इस प्रकार की चीजें नहीं आनी चाहिए। तो यह है एक हमारी बालकनी के बारे में छोटी सी जानकारी आप सबके लिए जिससे आप लोग फायदा उठा सकते हैं।

