चाणक्य ने कैसे वोट चोरी पर Congress को लोकसभा में जमकर सुनाया


लोकसभा में राहुल को चाणक्य से भिड़ना भारी पड़ गया, चाणक्य ने राहुल पर तंज कसते हुए कहा कि जब आप जीतते हैं, नए कपड़े पहनते हैं- शपथ लेते हैं तो वोटर लिस्ट बिल्कुल ठीक होती है। लेकिन जब हारते हैं तो वोटर लिस्ट में कोई समस्या है। कांग्रेस का यह दोहरा मापदंड नहीं चलेगा। चाणक्य यहां नहीं रूके और कहा कि विपक्ष के नेता वोट चोरी की बात कर रहे थे, जबकि कुछ परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी वोट चोर थे।फिर अमित शाह ने दिए वोट चोरी के 3 उदाहरण देते हुए बताया कि देश में पहली वोट चोरी हुई जब देश को पहला प्रधानमंत्री तय करना था, उस समय 28 वोट सरदार पटेल को मिले और दो वोट जवाहरलाल नेहरू जी को, और प्रधानमंत्री जवाहर लाल जी बने। फिर वोट चोरी हुआ जब श्रीमती इंदिरा गांधी रायबरेली से चुनी गईं, इलाहाबाद हाईकोर्ट श्री राजनारायण इसके विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे और कहा कि इसमें बहुत बड़ी वोट चोरी हुई है पर वोट चोरी को ढकने के लिए कांग्रेस संसद में ही कानून लाई कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई केस ही नहीं हो सकता है। तीसरी वोट चोरी वो है, जिसमें सोनिया गांधी जी इस देश की नागरिक बनने से पहले मतदाता बन गई थीं। वैसे इस बयान से कांग्रेस ने अपनी नाराजगी दिखाई क्योंकि तीनों ही मामले में congress ही वोट चोरी की किसी ना किसी तरह आरोपी थी।

 

88 मिनट तक क्या बात हुई मोदी-राहुल के बीच


राहुल गांधी से जुड़ी दो खबरें काफी चर्चा में हैं, पहली कि राहुल ने pm office में पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के साथ 88 मिनट तक बैठक की , खबर है कि इसमें मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर चर्चा चली थी जैसा कि नियम है कि PM द्वारा नॉमिनेटेड एक केंद्रीय मंत्री और विपक्ष का नेता ही मुख्य सूचना आयुक्त, सूचना आयुक्त और विजिलेंस डिपार्टमेंट के टॉप लेवल अधिकारीयों की नियुक्ति के फैसला करते हैं। इनपर फैसला करने के लिए ये बैठक हुई पर सबको उम्मीद थी कि यह बैठक जल्दी खत्म हो जाएगी पर ऐसा नहीं हुआ और उसके बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया, यह चर्चा जोरों पर चल रही है कि राहुल ने सभी अप्वाइंटमेंट पर अपनी आपत्ति जताई, काफी बहस हुई , वैसे इस तरह की बैठकों में विपक्षी नेताओं की आपत्तियां काफी आम होती हैं पर असली बात यही रही कि 88 मिनट तक अंदर क्या हुआ, दूसरी खबर राहुल के जर्मनी दौरे को लेकर सामने आई, संसद चल रही है और अपनी आदत के मुताबिक राहुल सत्र के बीच में ही जर्मनी जा रहे हैं जिसको लेकर बीजेपी नेता उनपर हमला बोल रहे हैं और कह रहे हैं कि नेता विपक्ष तो पर्यटन के नेता हैं, पर अपने भाई की वकालत करके प्रियंका ने इसका पलट कर जवाब भी दे दिया और कहा कि जब pm मोदी अपने काम का आधा समय विदेशों में बिताते हैं तो नेता प्रतिपक्ष बाहर क्यों नहीं जा सकता ।

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पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।