छोटी उम्र में ही राजनीती में चमकी —BJP दिग्गज को पछाड़ा

इकरा हसन के खून मे ही राजनीती है

उत्तर प्रदेश की जनता उस समय हैरान रह गई थी जब एक सत्ताइस साल की लड़की, जो हाल ही में लंदन से लौटी राजनीती में उतरी और भाजपा के दिग्गज नेता प्रदीप चौधरी को कैराना लोक सभा सीट से धूल चटा दी । इस लड़की का नाम है इकरा हसन और अपनी इस शानदार जीत से इकरा ने यह साबित कर दिया कि राजनीति उनके खून में शामिल है। वैसे आपको बता दें कि कैराना की राजनीति में हसन परिवार का अच्छा खासा दबदबा है। लेकिन, भाजपा के प्रदीप चौधरी ने इकरा की मां को यहां दो बार लोक सभा चुनाव हराया हुआ है।

 

Ingland में पढ़ाई की पर दिल हिंदूस्तान में बसा था

इंग्लैंड में पढ़ाई करते वक्त भी इकरा सुर्खियों में रही थीं। उनका नाम पहले पहल उस समय मीडिया में उछला था जब उन्होंने सामान नागरिक संहिता संशोधन कानून का वहां विरोध किया था। इकरा 2021 में उस समय भारत लौटीं जब उनके बड़े भाई नाहिद हसन को को जेल जाना पड़ा था। तब से ही इकरा राजनीति में शामिल हो गई थीं।

जेल में बंद अपने भाई को चुनाव जीताने में की पूरी मदद

इकरा के पिता मुन्नवर हसन , कैराना और प्रदेश की राजनीति में कद्दावर नेता रहे हैं। उनके बेटे नाहिद हसन कैराना विधानसभा से 2014 में उपचुनाव जीत कर पहली बार विधायक बने।वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव आया तो एक मामले में विधायक नाहिद को जेल जाना पड़ गया था। उस दौरान इकरा जेल में बंद अपने भाई नाहिद हसन सहारा का बनीं। इकरा की कोशिशें हुईं और बड़े भाई को चुनाव में विजय हासिल करवा दी।

अखिलेश यादव ने इकरा पर भरोसा जताते हुए कैराना लोकसभा सीट से टिकट दिया

इकरा हसन ने साल 2016 में पहली बार इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अखिलेश यादव ने उन पर भरोसा जताते हुए कैराना लोकसभा सीट से टिकट दिया। पश्चिमी यूपी की कैराना लोकसभा सीट पर जीत दर्ज करना आसान नहीं था, क्योंकि पश्चिम यूपी में सबसे ज्यादा ताकत रखने वाली राष्ट्रीय लोक दल बीजेपी के साथ जा चुकी थी, जिसकी वजह न सिर्फ कैराना, बल्कि पश्चिमी यूपी की अधिकतर सीटों पर इंडिया गठबंधन की अपेक्षा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का पलड़ा भारी था। उसके बावजूद भी इकरा हसन ने बीजेपी प्रत्याशी प्रदीप चौधरी को बड़े अंतर से हराया था।

 

इकरा के पास पढ़ाई की बड़ी बड़ी डिग्रियां

इकरा की शुरुआती शिक्षा भले ही कैराना में हुई हो, लेकिन उन्होंने 12वीं दिल्ली के क्वींस मेरी स्कूल से की थी। लेडी श्रीराम कालेज से ग्रेजुएशन किया। दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की। इंटरनेशनल ला एंड पालिटिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन यूनिवर्सिटी आफ लंदन से किया था। वह पढ़ाई पूरी कर 2021 में स्वदेश लौटी थीं। इसके बाद ही वह इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय हुईं।

इकरा अपनी हाजिर जवाबी और प्रजेंश ऑफ माइंड के लिए जानी जाती हैं।

छोटी उम्र में इकरा ने लोगों के बीच काफी अच्छी लोकप्रियता हासिल की। इकरा अपने सहज भाषा-शैली और जनता के बीच अपने मजबूत जुड़ाव के लिए जानी जाती हैं। उनका संवाद करने का तरीका ऐसा है कि वे जमीनी मुद्दों को सरलता से जनता तक पहुंचा पाती हैं। इससे न केवल वे लोगों के बीच लोकप्रिय हैं, बल्कि उनकी समस्याओं को समझने और उन्हें सुलझाने में भी प्रभावी भूमिका निभाती हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर भी इकरा के प्रति लोगों का अलग जुड़ाव है। इकरा अपनी हाजिर जवाबी और प्रजेंश ऑफ माइंड के लिए जानी जाती हैं।

धर्म से उपर उठकर भाईचारे की बात करती हैं

सांसद बनते ही इकरा ने साबित कर दिया था कि उनकी लोकप्रियता सिर्फ मुस्लिम समुदाय में ही नहीं, बल्कि हिंदू समाज के बीच भी है। इकरा समय- समय पर हिंदुओं से जुड़े मुद्दे भी उठाती रहीं हैं। यही वजह है कि इकरा हसन ने जातिगत राजनीति से ऊपर उठकर लोकसभा में अपने पहले बयान में शामली से वैष्णो देवी और प्रयागराज के लिए सीधी ट्रेन चलाने की मांग की थी। इकरा ने कहा था कि ये हमारे क्षेत्र की बड़ी समस्या है।

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