नाभि से नीचे मौजूद च्रक – यह सृष्टि की सृजन का केंद्र-reiki की मदद से इसे जागृत करें

हमारे जो शरीर के सात चक्र है जो हमारे ऊर्जा केंद्र है अगर रेकी हीलिंग को आप उन चक्रों को साथ जोड़ के करेंगे तो आपको बहुत फर्क पड़ेगा। आपके शरीर में निरोगी होने की क्षमता बढ़ती चली जाएगी। पांच विशेष चक्रों के बारे में बता चुके हैं। आज अपने छठे चक्र के बारे जानिए, सबको पता होना चाहिए कि हमारा पहला चक्र है क्राउन चक्र। दूसरा है हमारा आज्ञा चक्र। तीसरा है हमारा विशुद्ध चक्र। चौथा हमारा हार्ट चक्र। पांचवा हमारा मणिपुर चक्र और छठा हमारा स्वाधिष्ठानक। यह हमारे नाभि से तीन ऊपर नीचे स्थित रहता है। यह चक्र बहुत इंपॉर्टेंट है। यहसृष्टि की सजन का केंद्र है। सारे प्रजन अंग यही पे होते हैं। इस अंग का इस चक्र का रंग है ऑरेंज और इसका बीज मंत्र है वम। तो साथियों जैसे ही हम वम का उच्चारण करते हैं और ऑरेंज रंग की कल्पना करते हैं कि हमारी नाभि से नीचे आ रही है तो आसपास के जितने भी हमारे अंग होते हैं वो ऊर्जा लेना शुरू कर देते हैं और वहां की एनर्जी बहुत बढ़ जाती है।

नई नई खुशियां – उमंगे -सपने इसी चक्र से बहुत रिलेटेड है

तो यह चक्र हमारी खुशी का भी बहुतप्रतीक है। हमारी नईनई जो खुशियां होती है, हमारे उमंगे होते हैं, सपने होते हैं वो इस चक्र से बहुत रिलेटेड है। इस रंग के साथ इस चक्र को डील करने से जो आपके जो भी सपने हैं, आपके जो भी इच्छा है, वो बहुत अच्छी तरह पूरे होते चले जाएंगे। रेकी ऊर्जा में इसको जोड़ते चले जाएंगे हम और अगर साथ में अगर रेखी के प्रतीक चिन्ह आपको मालूम है जो हमारे रेखी चैनल रेखी प्रतीक चिन को जानते हैं इस चक्र के साथ साथ उन प्रतीक चिन को डालेंगे उस बीच मंत्री कंपन देंगे उस रंग को उसको गिरते देखेंगे तो देखते चले जाएंगे आपके जीवन में कितनी खुशियां आएंगी आपके अंदर जो निराशा भरी हुई है वो आशा के रूप में बढ़ती चली जाएगी तो ये चक्र बहुत अच्छी तरह फील करिए क्योंकि ये हमारा आगे जो हमारी सृष्टि चलती है आगे जो हमारे प्रोडक्शन होते हैं उस अंग से जुड़े हुए हैं। ये अंग हमें बहुत सहायता करता है। हमारे हर कार्य में हमारी खुशियों में और हमारे आने वाली जो फ्यूचर की खुशियां है जो आपने सोच के रखी है उस अंग को हील करने से वो खुशियां आपकी बहुत जल्दी पूरी होती है।

 

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