नीतीश का यह छक्का होश उड़े सबके बदल देगा रिजल्ट

चुनाव में वोटर्स को लुभाने के लिए मुफ्त की रेबडियां बांटने की शुरूआत केजरीवाल महोदय ने की थी और उसका फायदा भी उन्हें बहुत हुआ , लंबे समय तक वह दिल्ली की गद्दी पर विराजमान रहे, कहने को तो केजरीवाल की इस शुरूआत की कांग्रेस तो क्या बीजेपी नेताओं ने भी जमकर बुराईयां की थी पर जब उन्होनें देखा कि इससे वोटर्स कितनी जल्दी आपके पाले में आ जाते हैं तो फ्री bees बांटने का चस्का हर पार्टी को लग गया , और अब बिहार में चुनाव हैं और JDU ने भी freebies के जरिए ज्यादा से ज्यादा वोटर्स को अपने पाले में करने की शुरूआत कर दी है, जी हां नीतीश कुमार ने भी केजरीवाल की तर्ज पर 125 यूनिट बिजली मुफ्त देकर फ्रीबीज पॉलिटिक्स को बिहार में चुनाव हथियार बना लिया है, इससे किसी और को कोई और परेशानी हो या ना हो पर तेजस्वी को धक्का लगा है क्योंकि हाल ही में RJD ने भी उनकी सरकार बनने पर 200 यूनिट बिजली फ्री देने का वादा बिहार की जनता से किया था। माना जा रहा है अनुभवी नीतीश कुमार ने चुनावी पिच पर अपने उस एलान से ऐसा छक्का जड़ दिया है , जिसका तोड़ ना कांग्रेस के पास है ना ही लालू यादव के पास, तेजस्वी तो अभी नीतीश के सामने राजनीती में बच्चे ही हैं।वैसे आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फ्री बिजली के अलावा भी बिहार में कई ऐसी योजनाएं शुरू की हुई हैं जो सीधे- सीधे आम जनता को फायदा दे रही हैं और इसी कारण बिहार चुनाव में JDU का पलड़ा भारी माना जा रहा है।

 

प्रशांत किशोर दूसरों को बहुत जिताया अब कर पाएंगे अपने लिए कोई करिसमा

बिहार के राजनीतीकार प्रशांत किशोर जो नीतीश कुमार से लेकर ममता बनर्जी, मोदी से लेकर चंद्रबाबू नायडू की जीत का रास्ता तय करवा चुके हैं और आज वो बिहार में अपनी पार्टी को स्थापित करने के लिए साम दाम दंड भेद की पूरी राजनीती करने में जुटे पूरी तरह से इस कोशिश में जुटे हैं , प्रशांत किशोर बिहार की जनता को भावनात्मक रूप से अपने साथ जोडने का काम कर रहे हैं और साबित कर रहे हैं कि वो ही हैं जो बिहार का उद्धार कर सकते हैं और यही कारण है प्रशांत किशोर अपनी तरकश से हर वो तीर छोड़ रहे हैं जिससे नीतीश तो क्या लालू तो क्या बीजेपी तक भी धाराशायी हो जाए। प्रशांत किशोर बिहार के लोगों को बता रहे हैं कि अभी तक उन्होंने मंदिर और जाति के नाम पर वोट दिया पर अपने बच्चों के भविष्य के लिए नहीं। आज उन्हें अपने बच्चों के लिए वोट देना है और अगर वो ऐसा करते हैं तो बिहार के युवाओं को छठ के बाद बाहर मजदूरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

प्रशांत किशोर ने मोदी और नीतीश पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार के लोगों ने पीएम मोदी को मंदिर के लिए वोट दिया, वो बन गया। जाति के नाम पर वोट दिया तो नीतीश कुमार ने जाति गणना करा दिया। लेकिन पीएम मोदी अपने राज्य गुजरात में फैक्ट्री लगवा रहे हैं और बिहार के युवा मजबूर हैं मोदी के गुजरात में जाकर उन्हीं फैक्ट्रियों में मजदूरी करने के लिेए । RJD और JDU को भी नहीं छोडा और कहा कि दोनों ही डर की राजनीति कर रहे हैं। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि किसी भी पार्टी के पास शिक्षा और रोजगार के लिए कोई विजन नहीं है। अब देखना यही है कि दूसरे दलों को जीताने, कुर्सी पर बिठाने का दमखम रखने वाले प्रशांत किशोर बिहार में अपनी पार्टी को कुछ सीटे हासिल करवाने के लिए क्या करिसमा करते हैं, वैसे देखा यही जा रहा है कि उन्हें सुनने के लिए बिहार की जनता तो इकट्टी हो रही है।

आठ साल एक महिला-दो बच्चियां जंगल में कैसे रही जीवित

अभी तक आपने फिल्मों या सीरियल में ही देखा होगा कि कोई आदमी, औरत अकेले जंगलों में रहकर अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं, ना कोई उन्हें जानता ना किसी को उनके बारे में पता था और जब राज खुलता है तो सभी को बड़ी हैरानी होती है कि जंगल में ये इतने समय तक जिंदा कैसे रहे पर बेंगलुरु के रामतीर्थ हिल की जो सामने घटना सामने आई वो एक सच्चाई थी और पूरी तरह से हैरतअंगेज क्योंकि यहां के जंगल की गुफाओं में पिछले आठ साल से एक रूसी महिला नीना कुटिना अपनी दो बेटियों के साथ  रह रही थी और किसी को इसके बारे में कानोकान खबर नहीं हुई। जब इस बारे में पता चला तो जांच की गई और सच बहुत ही हैरान करने वाला था, पता चला कि नीना का पति एक इजरायली बिजनेसमैन है, जो भारत में कपड़ों का कारोबार करता है और नीना का परिवार रूस में ही है। उसके पिता, भाई और उसका एक बेटा भी रूस में ही रहते है। ये सभी नीना की आर्थिक मदद करते थे। नीना के पास न तो WiFi था, न फ्रिज, न AC. इसके बिना नीना कैसे इतने लंबे समय तक दो छोटी लड़कियों के साथ रह रही थी पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।