नीतीश की यात्रा भाजपा नेता गायब—क्या खेला होने वाला

दोनों उपमुख्यमंत्री इस यात्रा में शामिल ना होकर दिल्ली पहुंचे

बिहार की राजनीती हमेशा ही उठा -पठक से भरी रहती है कारण यही है कि पिछले काफी समय से कोई यहां सरकर बनाने के लिए majority लेकर नहीं आ रहा है और ऐसे में दो -तीन दलों की खिचड़ी सरकार में तनातनी बनी रहती है. आजकल बिहार में जेडीयू और बीजेपी के बीच कुछ गड़बड़ होने की बातें जोर पकड रही हैं, अब इसके पीछे कारण भी है, दरअसल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अपनी चर्चित प्रगति यात्रा की शुरूआत की और गया चर्चाओं का बाजार गर्म क्योंकि इस यात्रा में । भाजपा का कोई भी नेता नहीं देखा गया यही नहीं , दोनों उपमुख्यमंत्री की absence ने इस बात को और हवा दे दी कि सरकार चलाने वाली दोनों पार्टियों के बीच कुछ ठीक नहीं है। कहा जा रहा है दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा इस यात्रा में शामिल ना होकर दिल्ली पहुंचे हुए थे।

नीतीश कुमार के ‘प्रगति’ संदेश को BJP ‘पसंद नहीं कर रही

अब क्या नीतीश कुमार के ‘प्रगति’ संदेश को BJP ‘पसंद नहीं कर रही है इसलिए क्या बीजेपी आलाकमान की ओर से ही सभी बीजेपी नेताओं को इस यात्रा से दूरी बनाने के आदेश जारी किए गए हैं क्योंकि किसी एक भी नेता का इस यात्रा में शामिल ना होना यही बताता है कि यह निर्णय कहीं उपर से ही लिया गया है और अब चर्चा यह भी है कि क्या बिहार NDA में अभी कोई खेला हो सकता है।

पर अगला चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा

पर दूसरी तरफ जिस तरह से उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा है कि अगला चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। इसको लेकर कहीं कोई भ्रम नहीं है। चौधरी के इस बयान ने कम से कम इन अटकलों पर तो विराम लग गया की बिहार में सीएम फेस बीजेपी का होगा। अब माना यही जा रहा है कि अंदर से बीजेपी और jdu के बीच कुछ भी तल्खियां हो सकती हैं पर दोनों पार्टियां में सीएम फेस के रूप में नीतीश कुमार के नाम पर पूरी तरह से राजामंदी है।

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