बिहार के पहले Round में हुई जबरदस्त Voting के पीछे चर्चाओं का बाजार गर्म है कि जीविका दीदियों ने नीतीश को जिताने के लिए जमकर वोटिंग की है और नीतीश को जीताने में हमेशा से ही जो बिहार की आधी आबादी को रोल रहता है वो जीविका दीदी सच करने में लगी है, आपको बता दें कि जीविकी दीदी बिहार के गांवों की महिलाओं का एक विशाल समूह है जो सरकार की ओर से चलाए जाने वाली योजनाओं का लाभ उठाकर अपने पांव पर खड़ी हैं और आत्मनिर्भर हैं, माना जा रहा है कि बिहार की लगभग 1.4 करोड़ इन्हीं महिलाओं के हाथ में ही सराकर को गिराना या बनवाने का बड़ा दामोदार रहता है।पहले समय में बिहार में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बहुत ही कम थी। महिलाएं घर के बाहर निकलती ही नहीं थी पर पिछले 10-15 सालों में हालात पूरी तरह से बदल चुके हैं और इसके लिए श्रेय काफी हद तक नीतीश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई योजनाओं को माना जाता है। महिलाएं खुल कर कहने लगी हैं कि ससुराल में पति के नाम पर रहना और मायके में पिता के नाम पर अब यब परंपरा खत्म हो चुकी हैं, अब हमें जीविका दीदी के रूप में नईं पहचान मिली है। वैसे चर्चाएं ये भी हैं कि क्या जीविका दीदी की बंपर वोटिंग सीएम नीतीश कुमार के काम को जीताने के लिए हैं या तेजस्वी यादव की ओर से उनके लिए किए गए लुभावने वादों के लिए हैं , अब यह सस्पेंस तो 14 नवंबर को ही खुलेगा।
