बिहार के चुनाव जैसे जैसे पास आ रहे हैं यहां पर छोटे बड़े सभी दल चुनव जीतने के लिए हर रणनीती पर काम कर रहे हैं और इन सब के बीच जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर ने कुछ ऐसा कर दिया कि उसमें दुश्मन फंसने की बजाय दोस्त ही फंस गया है। जी हां हाल ही में JDU मंत्री अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर के एक आरोप पर उन्हें कोर्ट में खसीट कर उनपर  मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया है,  प्रशांत किशोर ने खुलेआम कहा था कि  अपनी बेटी को चुनाव लड़वाने और  लोकसभा टिकट पाने के लिए चौधरी ने चिराग पासवान को रिश्वत दी थी। बस फिर क्या था अशोक चौधरी ने ना केवल प्रशांत किशोर को कोर्ट में घसीट लिया बल्कि  प्रशांत किशोर को  खुलेआम इसे साबित करने के लिए चुनौती दे डाली और यह तक कह दिया कि  हूं कि अगर जरूरत पड़ी तो मैं इस लड़ाई को वह उच्चतम न्यायालय तक ले जाएंगे अब चौधरी और प्रशांत किशोर की लड़ाई में चिराग पासवान का नाम लगातर बीच में आ रहा है और बदनामी भी हो रही है। वैसे   प्रशांत किशोर चिराग पासवान  का लिहाज करते हैं और उनपर कभी जुबानी हमला नहीं करते। वहीं दूसरी तरफ चिराग पासवान और उनकी पार्टी लोजपा (रामविलास) भी  कभी  प्रशांत किशोर के खिलाफ नहीं बोलती है पर माना यही जा रहा है कि अशोरक चौघरी पर अटैक करने के चक्कर में  प्रशांत किशोर ने अपने ही दोस्त यानी चिराग पासवान को फंसवा दिया है। क्योंकि उनके आरोप यही कहते हैं कि  चिराग की पार्टी में टिकटों की खरीद-फरोख्त हुई है। वैसे आपको बता दें कि अशोक चौधरी की बेटी शांभवी समस्तीपुर के आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से चिराग की पार्टी  की सांसद हैं।

राहुल गांधी करने वाले जल्द छुट्टी इन दो कद्दावर नेताओं की

 राहुल गांधी आजकल बिहार में बहुत ज्यादा एक्टिव दिख रहे हैं और बीजेपी तो क्या कांग्रेंस के कईं नेताओं तो इससे आशचर्य हो रहा है क्योंकि राहुल हो या प्रियंका गांधी दोनों के बार में ही मशहूर है कि वोटिंग से कुछ दिन पहले ही दोनों की शक्ले दिखाई देती हैं , पर इस बार लगता है राहुल कुछ ज्यादा सीरियस हो रहे हैं और बिहार में अपनी जडे मजबूत करने के साथ उन्होंने मध्यप्रदेश में भी  23 साल बाद कांग्रेस की वापसी  के लिए एक जबरदस्त अभियान शुरू किया है। चर्चाएं यही चल रही हैं कि राहुल यहां बहुत ही विशेष मकसद से आए थे और  23 साल के  वनवास को खत्म करना चाहते हैं। और इसके लिए राहुल कई कठोर कदम लेने वाले हैं यानी की मधयप्रदेश में कांग्रेस की कमान कमल नाथ और दिग्विजय नेताओं के हाथों सो लेकर नए नेताओं के हाथों में सौपने की तैयारी है, अब यह तो समय बताएगा कि राहुल का यह कदम कांग्रेस के लिए संजीवनी बनता है या फ्लाप हो जाता है। पर जो राहुल बरसों तक मघ्यप्रदेश की जनता के बीच नहीं गए अचानक उनके यहां पहुंचने से जो नजारा दिखा वो अजीबोगरीब ही था। राहुल के काफिले के सामने ही सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने राहुल के लिए नारे लगाने शुरू कर दिए ,  राहुल को देखने भर के लिए कार्यकर्ताओं में ही धक्का-मुक्की शुरू हो गई। यही नहीं कईं तो इस कारण राहुल की कार के आगे ही गिर पड़े और राहुल गांधी को अपना काफिला रोकना पड़ा।

कांग्रेस कैसे आ गई पूरी तरह से बैकफुट पर

पहले आपरेशन सिंदूर के चलते बीजेपी कईं जगह पर विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस पर हावी ही साबित हो रही थी, कांग्रेस ने आपरेशन सिंदूर पर तमाम तरह के प्रश्न भी खड़े किए हैं पर जनता का सा अभी भी मोदी के साथ ही लगता है और अब एक और मामले में कांग्रेस पूरी तरह से बैकफुट पर खड़ी नजर आ रही है, जी हां आपको बता दें कि हाल ही में जयपुर में इंटेलिजेंस पुलिस ने जिस  संदिग्ध जासूस शकूर खान को  गिरफ्तारी किया था , वह शकूर खान पूर्व  कांग्रेस मंत्री सालेह मोहम्मद का निजी सचिव रह चुका है, बस जब से यह बात सामने आई है बीजेपी के तमाम नेताओं ने कांग्रेस पर चढाई शुरू कर दी है। आपको बता दें कि   12 साल पहले भी तत्कालीन एसपी ने पाकिस्तानी कनेक्शन के इस नेटवर्क पर हाथ डाला था पर जबरदस्त राजनैतिक दबाव के चलते कुछ हो नहीं पाया था और यही नहीं  बाद में एक्शन लेने वाले एसपी का रातोंरात ट्रांसफर भी कर दिया।  बीजेपी तमाम इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस का घेराव कर रही है । पोकरण से भाजपा विधायक महंत प्रतापपुरी ने बताया कि शकूर खान  सरकारी कर्मचारी होते हु भी बिना किसी सूचना के पाकिस्तान की यात्राएं करता रहता था और उसे पूरी तरह से कांग्रेस के नेताओं का संरक्षण प्राप्त था, उन्होंने कहा कि अब   अब शकूर खान को संरक्षण देने वाले लोगों की जांच का समय आ गया है और वो हम करवाएं । उन्होंने ये भी कहा कि   जांच के दौरान हो सकता है कुछ और चौंकाने वाले  नाम  सामने आ जाएं।

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