By Arti Jain
आकाश तत्व खराब तो समझो बृहस्पति अच्छा फल नहीं देगा

बृहस्पति ग्रह किस तत्व से जुड़ा हुआ है , बृहस्पति ग्रह हमारा आकाश तत्व से जुड़ा हुआ है। आकाश यानी स्पेस। क्योंकि बृहस्पति ग्रह बहुत सबसे बड़ा ग्रह है हमारे प्लनेट्स में और इसी ग्रह ने सूर्य को अन्य ग्रहों को बैलेंस में बना के रखा हुआ है। मतलब अगर बृहस्पति ग्रह डिस्टर्ब हो जाए तो सारे ग्रहों में डिस्टरबेंस आ जाती है। सारे ग्रह प्रभावित होते हैं और अपना अच्छा प्रभाव नहीं दे पाते। और बृहस्पति ग्रह स्पेस से इसलिए भी जुड़ा हुआ है क्योंकि एक तो ये सबसे बड़ा है। दूसरा ये बहुत बड़ा होने के कारण इसमें एक्सपेंशन बहुत ज्यादा है। बृहस्पति ग्रह उस चीज को डिनोट करते हैं जो वास्तव में खुद भी बहुत बड़ा है और बृहस्पति ग्रह भी बहुत बड़ा है। इसका असर हमारी जिंदगी में कैसे होता है, यह जानना जरूरी है, अगर जीवन में स्पेस एलिमेंट यानी आकाश तत्व कम है या आप उस तत्व को महसूस नहीं कर पाते अपनी जिंदगी में उसका इस्तेमाल नहीं कर पाते तो जीवन में बृहस्पति ग्रह भी खराब होगा। मतलब आपका डाइजेशन खराब होगा। आपके अंदर मोटापा आएगा और जो आपके अंदर दूसरों को क्षमा करने की एक प्रवृत्ति होती है, दूसरों को लेट go करने की प्रवृत्ति होती है, वह भी धीरे-धीरे खत्म होती है। क्योंकि बृहस्पति ग्रह आपको एक बहुत ही जिंदगी में एक बड़ापन देता है। एक अच्छा इंसान बनने की शक्ति देता है।
सिर के बाल अचानक उडने शुरू हो गए समझो गृह खराब

अगर बृहस्पति ग्रह ख़राब हो या आकाश तत्व ख़राब हो, तो जीवन में अहंकार की प्रवृत्ति आ जाती है। मतलब आप अपने अंदर अपने को बहुत अभिमानी मानने शुरू कर देते हैं। अपने ज्ञान को बहुत बड़ा मानना शुरू कर देते हैं। अपने ज्ञान के आगे किसी को समझते नहीं है। जो मैं कह रहा हूं वही ठीक है। और यही सब बृहस्पति ग्रह आपको जिंदगी में एक अपना खराब असर देना शुरू कर देता है। साथ ही अगर इसकी सबसे बड़ी पहचान ये है कि आदमी- पुरुष के सिर के मध्य भाग में बाल उड़ने शुरू हो जाते हैं। आजकल यह चीज़ स्त्रियों में भी बहुत कॉमन दिखाई दे रही है। तो, इस चीज़ से पहचान होती है कि आपका बृहस्पति ग्रह अच्छा नही है। और साथ ही साथ आप कितना भी जतन-पतन कर लीजिए, कितनी भी डाइट कंट्रोल कर लीजिए, कितना भी अपने खाने पे दिमाग लगा लीजिए, पर आपको मोटापा आएगा ही आएगा। अगर आपका बृहस्पति ग्रह ठीक नहीं है। तो, यह तो हो गया आपकी पहचान कि आपका बृहस्पति ग्रह खराब है। आकाश तत्व से कैसे इस गृह को ठीक करें? तो उसके लिए आप थोड़ी देर स्वच्छ आकाश के नीचे बैठने की कोशिश करें। बाहर हम निकल कर के बाग में बगीचे में अपनी बालकनी में सीधा आकाश के नीचे खड़े होकर के कुछ समय रहिए। आकाश तत्व को महसूस करिए और जो एक आपकी जिंदगी में जो ठहराव आ जाता है उसको कम करने की कोशिश करिए। क्योंकि आकाश तत्व आपको जो एक जिंदगी में शांति देता है, सुकून देता है और साथ ही साथ आपको एक अंदर जो एक ईगो होती है आपकी कि आप अपने आगे किसी को कुछ समझते नहीं है। उसको भी समझाने की कोशिश करता है।
फलदार पेड़ की तरह झकिए और सबका भला कीजिए -बृहस्पति गृह ठीक होगा
पर हमारे साधु संत होते हैं ईगो, अहम त्याग करने वाले सबसे बड़े उदाहरण हैं जो साधु संत सब कुछ छोड़ कर के अपने महल छोड़ कर के अपने सारी भोग विलास की वस्तुएं छोड़ कर के ए साधु वाली जिंदगी अपना लेते हैं। क्योंकि वो उसी में ही अपना सुकून ढूंढते हैं और उनको ये सब चीजें मोह माया लगती हैं। तो जैसे हमारे बड़े-बड़े मुनि हैं, ऋषि हैं। मोस्टली जो ऋषि मुनि हुए हैं हमारे वो सब राज परिवार से राजघराने से ही आए हैं। जो जिन्होंने एक नाम लिया है और साथ ही साथ जो हमारे कबीर है, सूरदास है, यह बहुत नीचे श्रेणी से आए हैं। पर इनके सामने अगर कोई राजा भी आ गया, कोई बहुत बड़ा व्यापारी भी आ गया, इनको कोई फर्क नहीं पड़ता। जी हां, अगर आपका आकाश तत्व ठीक है तो आपकी जो अगर आपके सामने कोई अरबपति भी आ गया, करोड़पति भी आ गया, बहुत एक राजाभी आ गया, कोई एक मजिस्ट्रेट आ गया, कोई बहुत बड़ा आदमी आ गया, आपको कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि आपको पता है जो उसका है वह उसी का है। जो मेरे पास है वह सिर्फ मेरा ही है। आपको उससे ना कोई जलन होगी ना कोई ईर्ष्या होगी , यह समझे हमेशा ही एक बहुत घना वृक्ष फलदार वृक्ष ही झुकता है। और कभी भी एक ठूठ होता है जो जो सीधा वृक्ष होता है वो कभी भी किसी के सामने नहीं झुकता। और पर जो एक घना वृक्ष है, फलदार वृक्ष है उसी को ही पत्थर पड़ेंगे। ठूठ तो क्या है? ना वो छाया देगा, ना वह फल देगा और ना ही ना उसको कोई पत्थरमारेगा। तो इसलिए अगर आपका बृहस्पति ग्रह अच्छा है तो आप में एक ईर्ष्या द्वेष की भावना ख़त्म होगी। आप में अहंकार की भावना ख़त्म होगी और आप एक बहुत अच्छे इंसान बन करके आएंगे और साथ ही साथ आपका शरीर भी स्वस्थ रहेगा। मोटापा आपके अंदर बिल्कुल भी नहीं आएगा। चाहे आप कितना भी खाइए, कितना भी कुछ करिए आपको मोटापा नहीं आएगा। इस तरह से आप अपने बृहस्पति ग्रह और आकाश तत्व को ठीक करेंगे।
