क्या Media Attention के लिए पूरा plan

खबरों में कैसे बने रहे ये पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बहुत अच्छे ढंग से आता है । अभी वो ब्रिटेन की अपनी ऑफिशियल यात्रा पर थी, जहां वो बहुत सारा बिजनेस या और संबंधों को मजबूत करने का दावा करने के लिए गई हों।उन्होंने वहां बंगाल और ब्रिटेन के पुराने लिंकेजेस की भी बात की । लेकिन चर्चा कुछ और बात की ज्यादा हो रही है और लग रहा है कि यह सब कुछ मीडिया एटेंशन के लिए हुआ। दरअसल TMC के MP कुणाल घोष ने एक वीडियो साझा किया है उस वीडियो में ममता दीदी यानी मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल की, वो साड़ी और स्लीपर पहनकर जॉगिंग कर रही हैँ। अब इसके दो पक्ष हो सकते हैं पहला पक्ष जिसको समझ करके कुणाल घोष ने शेयर किया है वह यह है कि ममता दीदी की फिटनेस कॉन्शस और रूटीन मॉर्निंग वॉक, मॉर्निंग जॉगिंग के बारे नें जग को बताना कि दीदी चाहे कहीं भी हों अपना रूटीन नहीं भूलती। उन्होंने बकिंघम पैलेस से लेकर के हाइड पार्क तक जॉगिंग की और वहां की सुंदरता जो है ग्रीनरी इन सब की भी चर्चा ट्वीट में कुणाल घोष ने किया है उन्होंने एक कार्डिगन पहना है इसलिए कि वहां थोड़ा टेंपरेचर कम है उनके साथ एक बड़ी टीम है जो ऑब्वियसली जो ऑफिशियल होंगे पार्टी वर्कर्स होंगे मुख्यमंत्री दौड़ रही है तो मुख्यमंत्री के साथ दौड़ना ही पड़ेगा सबको वो लोग भी दौड़ते हुए नजर आए ऑब्वियसली ये जो वीडियो बना है तो एक व्यक्ति वीडियो भी बना रहा होगा वो उनके आगे आगे दौड़ रहा होगा लेकिन यह एक पक्ष हो गया कि दीदी की फिटनेस दीवानगी को दिखाना।

 

साड़ी पहन के जॉगिंग पैर फंसने की पूरी संभावना

लेकिन साड़ी और स्लीपर पहन के जॉगिंग करना, थोड़ा सा हास्यास्पद और Media Attention टाइप ही लग रहा था। किसी के लिए भी साड़ी पहन के जॉगिंग करने में इस बात की संभावना हमेशा रहती है कि पैर फंसेगा और व्यक्ति गिर सकता है। इस बारे में भी चर्चा हो रही है कि कि क्या यह सिर्फ दिखावे के लिए किया गया है या सिर्फ एक फोटो ऑप है जिसमें एक दो कदम या तीन चार कदम चल करके इसलिए कि लंबा डिस्टेंस है हाइडल पार्क और जो बकिंघम पैलेस के बीच का और इसको उन्होंने वार्म अप कहा है वार्म अप की बात कही। और ऐसा ऐसा भी नहीं है कि ये लंदन में ये पहली बार कर रही हैं 2023 में जब अपनी स्पेन की यात्रा पर थी ऑफिशियल विजिट में तब उन्होंने मैड्रिड में भी ऐसा ही काम किया था निश्चित तौर पर ममता बनर्जी जो पश्चिम बंगाल में ट्रेडिशनल महिलाएं पहनती हैं साड़ी ही पहनती हैं लेकिन अगर जॉगिंग कर रहे हो तो ये कुछ अजीब लगता है खासकर सुरक्षा को ध्यान में रखकर।
ममता दीदी अपनी जनता को क्या Message देना चाह रही

पर इससे पॉलिटिकल मैसेजिंग भी दो तरह से होगी एक तो यह कि इस नाते ममता बनर्जी की सिंपलीसिटी उनके स्लीपर वो हमेशा एक उनका अपना ट्रेडमार्क है वो वैसे ही स्लीपर पहनती हैं एक साड़ियों का भी बंगला साड़ी ही पहनती हैं वो वो भी अपना उनका ड्रेस कोड जैसा है तो एक तो ये कि वो एक सिंपलीसिटी का मैसेज देंगी ।दूसरा यह कि वो अपने कल्चरल जो उनकी आइडेंटिटी है बंगला वाली उसको मैसेज देंगी। तीसरा वो मैसेज अपने प्रदेश के जनता को देंगी । तो यह एक बड़ा तरीके से बहुत चालाक के साथ बहुत बेहतर उसके साथ किया गया प्रयास है अब उस प्रयास में जो मैंने बात कही कि वो निश्चित तौर पर साड़ी पहन के कोई आदमी कितनी देर तक दौड़ सकता है ये निश्चित तौर पर हम सबके परिवार में लोग साड़ी पहनते हैं साड़ी पहन के कितनी दूर देर तक वॉक कर सकते हैं ये वो मुश्किल है तो क्या यह सब सिर्फ मैसेजिंग के लिए है

क्या सिर्फ एक PHOTO SHOOT

मैसेज देने की कोशिश कि ममता दीदी फिटनेस पर भी घ्यान देती हैं। अब बिजनेस डील की शायद ही कोई खबर बनती पर ममता बनर्जी की जॉगिंग की यात्रा खबर बनेगी और फैलेगी। यह बात ममता दीदी जानती है वो इस तरह की पॉलिटिशियन है जिनको मालूम है कि क्या काम करता है क्या नहीं काम करता है

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