ममता लाओ -राहुल भगाओ-कईं दलों के नेताओं का नारा बुलंद

राजनीतिक गलियारों में अचानक पशिचम बंगाल की दीदी यानी ममता बनर्जी की छवि एक तेज तर्रार महिला नेता के रूप में ही देखी जाती है और आजकल तो यह भी बात कही जा रही है कि देश में बीजेपी को कोई टक्कर दे रहा है और दे सकता है तो वो ममता बनर्जी ही हैं, कुछ समय पहले ममता बनर्जी जब sir के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जिरह करने पहुंची तो उनका एक दूसरा रूप ही जनता के सामने आया, दीदी के चाहने वालों ने इस सराहा और विपक्ष ने इस राजनीती से प्रेरित बताया, खैर इन सब के बीच दीदी को लेकर एक और चर्चा जोर पकड़ रही है और उसके कारण दीदी अचानक ही सुर्खियों में आ गई हैं , जी हां और हैरानी की बात ये बातें बंगाल के लोग या दीदी की पार्टी के नेता नहीं कर रहे पर हैं कि ये थी कईं दलों के अनुभवी नेताओं के अलावा कईं दलों के सुप्रीमों अब खुलकर ममता बनर्जी के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं, जी हां इन नेताओं का कहना है कि समय आ गया है कि अब इंडी गठबंधन की कमान दीदी को सौंप दी जाए क्योंकि वो अकेली ही बीजेपी से टकराने की क्षमता रखती हैं और इसके लिए उनके पास संसाधनों की भी कमी नहीं है।

केजरीवाल और उद्दव ठाकरे ने शुरू किया ममता पर अभियान

आपको बता दें कि अभी पिछले दिनों ही शिव सेना के प्रमुख उद्वव ठाकरे ने कहा था कि इंडी गठबंधन की जिम्मेदारी ममता बनर्जी को संभाल लेनी चाहिए, वैस उन्होंने तमिलनाडू के मुख्यमंत्री स्टालिन का भी जिक्र किया था। वैसे अगर आपको याद होगा तो दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने सबसे पहले दीदी के नाम को इंडी गठबंधन के लिए उछाला था , पर बात ठंड़े बस्ते में चली गई पर हाल फिलहाल में कईं बड़े नेता दीदी के लिए खुलकर बोलने शुरू हो गए है, उद्वव ठाकरे के बाद rjd के भी कईं नेताओं ने दबे स्वर में उसकी वकालत कर डाली थी और अब खुद कांग्रेस के अनुभवी, वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर बाकायदा कोलकाता में जाकर बयान दे रहे हैं कि अगर ममता बनर्जी नहीं होंगी तो इंडी गठबंधन का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा. उन्होंने खुलकर कहा कि ‘दीदी’ को इसे संभालना चाहिए.

तेजस्वी यादव संभाल सकते पर राहुल गांधी इस लायक नहीं —कांग्रेसी बोला

गजब बात तो यह हुई की कांग्रेस के इन वरिष्ठ नेता ने इंडी गठबंधन संभालने के लिए कईं क्षेत्रीय नेताओं के नाम गिनवा दिए जिसमें एम. के. स्टालिन, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव के नाम शामिल थे, पर भूले से भी उन्होंने राहुल का नाम नहीं लिया, मतलब साफ है कि कांग्रेस के अंदर ही कईं वरिष्ठ नेता जिनमें कपिल सिब्बल गुलाम नबी आजाद तो पहले से ही राहुल को इस पद के लिए नाकार चुके हैं और अब मणिसंकर अय्यर भी उन्ही नेताओं की लेिस्ट में शामिल हो चुके हैं , साफ लग रहा है कि अब कांग्रेस के साथी दल नहीं बल्कि अब खुद कांग्रेस के अनुभवी नेता अपनी पार्टी का डूबता आस्तित्व बचाने के लिए राहुल को बाहर जाने का रास्ता दिखा रहे हैं , सवाल यही है कि इनकी कौन सुनेगा क्योंकि जिसके खिलाफ शिकायतें हैं वहीं जज बने बैठे हैं।

 

योगी के राज में 10 मिनट में नहीं दिया जवाब तो

यूपी में पिछले काफी समय से विधायक इस बात से नाराज चल रहे थे कि उनको जीताने वाली जनता जब उनसे काम कराने के लिए संपर्क करती है तो वो चाह कर भी उसकी मदद नहीं कर पाते , कारण सरकारी अधिकारि उनका फोन ही नहीं उठाते हैं और अगर उठा भी लें तो काम ना करने के बहाने खोज लेते हैं, हाल ही में यह मुद्दा यूपी विधानसभा में भी गूंजा , पर गजब यही हुआ कि ऐसी व्यवस्था शुरू कर दी गई की अब विधायकों के फोन का 10 मिनट में उत्तर देंना ही पड़ेगा सरकारी अधिकारियों को और काम ना करने का कोई बहाना भी नहीं चलेगा। जी हां पता चला है कि गाजियाबाद, हरदोई और कन्नौज में इसके लिए जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर की व्यवस्था शुरू की गई है, अब यदि कोई अधिकारी नेताओं द्वारा की गई कॉल 10 मिनट के भीतर रिसीव नहीं करता या काल बैक नहीं की जाती है तो नेता इसकी सूचना कमांड सेंटर को देंगे जिसके बाद कमांड सेंटर संबंधित अधिकारी को तुरंत काल बैक के लिए निर्देशित करेगा और इस बात को सुनिश्चित करेगा कि नेता की बात उस अधिकारी से हो गई है। यह व्यवस्था केवल कार्य दिवसों और कार्यालय समय में और सरकारी नंबरों पर लागू होगी। इसकी प्रतिदिन समीक्षा भी की जाएगी।

Bihar-तेजस्वी ने अपनाया दोबारा आक्रमक रूप

बिहार में मिली जबरदस्त हार के बाद चुपचाप, गुमनामी में बैठे RJD नेता तेजस्वी यादव दोबारा ने दोबारा अपनी विपक्ष की फार्म में आना शुरू कर दिया है, और इसके चलते उन्होंने सबसे पहला हमला नीतीश कुमार पर ही बोल दिया नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश को इस समय का सबसे कमजोर मुख्यमंत्री बताया और कहा कि हाल ये है कि उन्हें कुछ भी याद नहीं रहता है। तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि अभी तक नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री रहते हुए गृह मंत्रालय बीजेपी को नहीं दिया पर अब उनसे गृह मंत्रालय भी ले लिया गया और वो कुछ नहीं पर पाए, वैसे आपको बता दें कि पिछले काफी समय से ही तेजस्वी नीतीश की health को लेकर बड़े बड़े बयान देते रहे हैं, एक समय में उन्होंने ये भी कहा था कि नीतीश नाम के मुख्यमंत्री हैं सरकार तो अधिकारी ही चला रहे हैं क्योंकि नीतीश को कुछ याद ही नहीं रहता है। तेजस्वी ने अपनी भड़ास अमित शाह पर भी निकाली और हाल ही में उनके बिहार के सीमांचल दौरे को लेकर कहा कि यह दौरा पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया है इसमें घुसपैठ कोई मुद्दा ही नहीं है। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि इससे पहले पहले झारखंड और बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी जानबूझकर यह मुद्दा उठाया गया था।

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