राहुल कब तक चुनाव आयोग को लेकर झूठ बोलेंगे

राहुल गांधी का जो चुनाव आयोग पर एक और हमला हुआ है वो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसके पहले एक एटम बम फोड़ चुके हैं राहुल गांधी। ऐसा उनका दावा है। हाइड्रोजन बम फोड़ने की तैयारी है। लेकिन इस बीच उन्होंने एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चुनाव आयोग पर हमला किया है कि चुनाव आयोग जो है वो उन बूथ्स पर वोट हटा रहा है या वोट रिमूव कर रहा है जो कांग्रेस के वोटर्स हैं। हालांकि इसको लेकर के उन पर जब काउंटर क्वेश्चन किया जा रहा है तो उनके पास जवाब नहीं है लेकिन वो इस तरह की बात कर रहे हैं। अब जैसे राहुल गांधी ने आलंदा में एक बीएलओ के रिश्तेदार को वोट के वोट डिलीट होने का दावा किया। जब पूछा तो बताया गया कि एक पड़ोसी ने वोट किया है। जब पड़ोसी से पूछा गया तो उसको इस बारे में जानकारी नहीं है। कोई सूर्यकांत है उसके नाम पर 12 वोट डिलीट किए गए हैं। गोडाबाई कोई है उनके नाम पर है। इस तरह के बहुत सारे उनके दावे हैं जो सब्सटेंशिएटेड नहीं है। ये एक बड़ी मुश्किल है राहुल गांधी के लिए जिसका वो जवाब नहीं कर पा रहे हैं। अब चुनाव आयोग जो है वो उनके पूरे दावों को नकार चुका है कि उनके जो दावे हैं झूठ है उन पर कोई प्रमाण नहीं है। ये जब उन्होंने एटम बम फोड़ा था तब हालांकि राहुल गांधी ने एक धमकी दी है कि अभी उनका हाइड्रोजन बम आना है। लेकिन क्या ये जो राहुल का दावा है कि वो हाइड्रोजन बम फोड़ेंगे। एटम एटम बम फोड़ चुके हैं या जिस तरह की बात कर रहे हैं। क्या इन सब आरोपों को अगर वो सब्सटशिएट नहीं हो रहे हैं तो कोई सीरियसली ले रहा है? मुश्किल है। शायद राहुल गांधी अपनी इमेज को और खराब कर रहे हैं।

दुनिया मोदी की दीवानी पर विपक्ष को ना भाए PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर यह पहला मौका था जब प्रधानमंत्री को वीडियो मैसेजिंग के द्वारा लगभग देश के सभी बड़े नेताओं ने बधाई दी। चाहे वो यूरोप के कंट्रीज हो, चाहे वो अमेरिका अमेरिकी राष्ट्रपति का तो फोन आ गया था। चाहे वो पुतिन हो, चाहे वो नेतननिया हो, चाहे और बहुत सारे नेता न्यूजीलैंड हो सब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश किया लेकिन जो उम्मीद वो उम्मीद तो नहीं है, लेकिन कम से कम एक बेसिक शिष्टाचार के नाते कि भारत में जो हैं लोग वो भी उनको बधाई करें ऑब्वियसली उनकी पार्टी के लोगों ने तो उनको बधाई दी ही , लेकिन विपक्ष ने जिस तरह से उनके बर्थडे पर बात की जैसे कांग्रेस के नेताओं ने एक वीडियो डाला जिसमें एक महिला अपने लड़के को मार रही है। तो ये कांग्रेस के एक नेता का ट्वीट है कि अगर यही काम साहब की मां ने किया होता तो देश को आज ये जो दिन देख रहे हैं नहीं देखने
पड़ते। वो सीधा कमेंट प्रधानमंत्री पर था। एक और प्रवक्ता कांग्रेस की उन्होंने प्रधानमंत्री का एक 2014 का बहुत डल पिक्चर और एक बहुत बढ़िया पिक्चर 2025 का शेयर किया और दिखाया ये बदलाव है। हालांकि इसका जवाब भी उनको मिला ,समझने की बात है। ग्लोबल कम्युनिटी एक ऐसे व्यक्ति को फोन करके वीडियो मैसेजेस के माध्यम से विश कर रही है और भारत के नेता उसका माखौल उड़ा रहे हैं और व्यक्तिगत टिप्पणी कर रहे हैं। ये निश्चित तौर पर दुखद भी है और इसका राजनीतिक फायदा तो निश्चित तौर पर नहीं होने जा रहा है।

Bihar —तेजस्वी की धमकी क्या सच हो रही

बिहार के चुनाव और किसी भी समय घोषित हो सकते हैं। इस तरह की खबरें आ रही हैं कि बिहार के चुनाव जल्दी ही घोषित हो सकते हैं। तो बिहार पर दो बातें करता हूं। पहला विपक्ष की महागठबंधन की और दूसरा एनडीए की। महागठबंधन की बात करते हैं। अभी-अभी जो है चुनाव अधिकार वोटर अधिकार यात्रा खत्म हुआ है। लेकिन वोटर अधिकार यात्रा खत्म होते ही तेजस्वी ने अपनी यात्रा शुरू कर दी है। और उस यात्रा में एंप्लॉयमेंट की बात हो रही है अब इसमें जो ये तेजस्वी यादव की यात्रा है उसमें कांग्रेस को नहीं बुलाया गया है या शामिल नहीं किया गया है। कांग्रेस की एक रैली हुई थी अभी उसमें भी तेजस्वी को बुलाया गया था लेकिन तेजस्वी नहीं गए थे। सीट को लेकर के कांग्रेस जो है वो जो वोटर अधिकार यात्रा है उसके बाद इतना उत्साहित है कि वो 70 75 की मांग कर रही है और उप मुख्यमंत्री की मांग कर रही है। दूसरी तरफ़ जो है अह तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी ने एक इशारा या धमकी दे दी है कि अगर कांग्रेस उनकी शर्तों पर नहीं मानेगी या नहीं तैयार होगी तो वो पूरे 243 सीट पर लड़ने के लिए तैयार हो जाए तैयार है। तो यह एक ऐसा मसला है जो बिहार में बहुत तेजी से चल रहा है और तेजस्वी जो है बहुत अग्रेसिवली कैंपेन भी कर रहे हैं।

क्या NDA चुनाव में 225 के आसपास सीट जीतेगी

 

अब बिहार चुनाव से जुड़ा एक और मसला एनडीए को लेकर के। एनडीए में जो प्रमुख तीन अगर आप दलों को मान ले तो भारतीय जनता पार्टी जनता दल यू और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास इनके चाचा जो पशुपतनाथ पारस है वो महागठबंधन के साथ हैं। अब चिराग पासवान से अक्सर यह प्रश्न किया जाता है कि जिस तरह की बात वो कर रहे हैं उससे क्या एनडीए में की एकता विखंडित हुई है क्या एनडीए की एकता पे कोई संदेह है ? दूसरी तरफ
वो उम्मीद ये कर रहे थे कर रहे हैं कि उनको लगभग 40 सीटें दी चुनाव लड़ने के लिए दी जाए। दावा उनका यह है कि उनको पांच सीटें दी गई थी और पांच की पांचों जीत गए हैं। तो इसलिए उनकी दावेदारी बनती है। लेकिन जनता दल उनको किसी भी कीमत पर 20 सीट से ज्यादा नहीं देने के लिए तैयार है। और कमोबेश ऐसी ही मंशा भारतीय जनता पार्टी की भी है। तो क्या इन सब परिस्थितियों में
एनडीए एक साथ रहेगी? एक साथ वो करेगी? तो इन सब प्रश्नों के जवाब में चिराग पासवान ने साफ तौर पर कहा कि एनडीए बहुत मजबूती के साथ एकजुट है। एकजुट होकर के चुनाव लड़ेगी और उन्होंने प्रेडिक्ट भी कर दिया कि एनडीए जो है इस बार के चुनाव में 225 के आसपास सीट जीतेगी जो अपने आप में थोड़ा सा अविश्वसनीय है। थोड़ा सा क्या काफी अविश्वसनीय है। 243 में 225 सीट जितना अह महाराष्ट्र के चुनाव जैसा होगा। अह जो अभी
कम से कम नहीं दिख रहा है। इसलिए कि तेजस्वी की रैलियों में भीड़ ठीक-ठाक इकट्ठा हो रही है। कम से कम उनका जो अपना वोटर है मुस्लिम यादव वो एकजुट नजर आ रहा है। प्लस चुनाव आयोग के खिलाफ जिस तरह से कैंपेन चला रहे हैं वो भी महत्वपूर्ण है। वो भी बहुत दिख रहा है कि लोग उनको उस मामले में सुन
रहे हैं।

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गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।