by Dr  R P PRASHER

सर्दी में बना कफ – जुकाम- खांसी- दमा- अर्थराइटिस की वजह

शीत ऋतु में फेफड़ों की बीमारियां हृदय संबंधी बीमारियां और जोड़ों से संबंधित बीमारियां एकदम से बढ़ जाती
हैं , लेकिन आयुर्वेद के माध्यम से इन बीमारियों से अपना बचाव बखूबी कर सकते हैं । शीत ऋतु में कफ का संचय होता है शरीर में जिससे कफ से संबंधित बीमारियां एकदम बढ़ जाती हैं। अगर कफ का संचय फेफड़ों में होगा तो जुकाम खांसी दमा इस तरह की बीमारियां होंगी। अगर कफ का संचय जोड़ों में होगा तो अर्थराइटिस जैसी बीमारी और साथ में जोड़ में दर्द की समस्या बढ़ जाएगी
और अगर कफ का संचय कहीं शरीर में और किसी रूप में हो रहा है तो ब्लॉकेज वगैरह भी बढ़ सकती है। जिस अंग में भी कफ का संचय हो रहा हो इसके लिए हमने अपने खान पान पर ध्यान देना है।

 

ज्वार, बाजरा,मक्की शरीर को देते हैं गर्मी


जो मेलेट्स डाइट है जैसे ज्वार, बाजरा,मक्की । इनका हम प्रयोग करें तो शरीर
में गर्मी रहती है और कफ का संचय शरीर में नहीं होने पाता है । सब्जियों की बात करें तो पालक है बथुआ है सरसों है यह शरीर को गर्म रखते हैं और शरीर में कफ की वृद्धि नहीं होने देते हैं अगर फलों की बात करें तो इस मौसम में विटामिन सी से भरपूर फल संतरा, मौसमी और अमरूद है, जिसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी और बाकी चीजें होती हैं जिनसे शरीर में ताकत भी आती है और शरीर गर्म भी रहता है ।

मौसम में हो जाती कमजोर इम्युनिटी

इस मौसम में स्वस्थ रहने के लिए पूरी सावधानी बरतनी है । एक तो सबसे पहले ठंड से अपने आप को बचाना होता है क्योंकि इस मौसम में थोड़ा सा ठंड लगते ही हम बीमार हो जाते हैं जिसकी वजह से हमारी कमजोर इम्युनिटी होती है। हम ऐसे चीजों का सेवन करें जिनसे शरीर में कफ दोष का संचय ना हो और हमारे शरीर की इम्युनिटी बढ़ी रहे। खजूर, किशमिश को अगर हम दूध में उबाल कर ले साथ में कच्ची हल्दी या हल्दी पाउडर अगर साथ में ले तो हमारे शरीर में कफ का संचय नहीं होगा। हमारी इम्युनिटी बढ़ी रहेगी। तुलसी अदरक लौंग काली मिर्च दालचीनी इस तरह के और बहुत से मसाले हैं उनका हम
अपनी सब्जी में प्रयोग करें । चाय या दूध में उबाल कर ले सकते हैं, उनका काढा बनाकर पिए तो भी हमारे शरीर में कफ संबंधी शिकायत बिल्कुल भी नहीं होंगी ।

गर्म पानी से नहाने पर हमारे खून

कोशिश करें कि सिर पर टोपी और पैरों में गर्म जुराबे पहन कर रखें ।रोज हम गर्म पानी से नहाएं, यह बहुत जरूरी है क्योंकि गर्म पानी से नहाने पर हमारे खून का सर्कुलेशन बना रहेगा खून ठंडा नहीं होने पाएगा और उसके चलते हमें हार्ट अटैक या ब्रेन अटैक जैसी समस्याए नहीं होगी। क्योंकि ज्यादा हार्ट अटैक सर्दी के मौसम में होते हैं तो रात को सोने से पहले हम गर्म पानी में पैर सेक के सोए रात को विशेषक हम कोई ठंडी चीजों का प्रयोग ना करें चावल दही कढ़ी गोभी मटर उड़द की दाल वगैरह जो है यह अगर लेनी है तो इनका प्रयोग गरम मसालों के साथ दिन में किया जा सकता है रात को तो इनका बिल्कुलही त्याग करें ।अपने शरीर को गर्म रखने के लिए हम मेवा का प्रयोग करें- अंजीर, बादाम,किशमिश , छुआरा है इन चीजों का प्रयोग हम नियमित रूप से कर सकते हैं । तिल है तिलकी गज्जक का प्रयोग तिल के लडडू का प्रयोग हम करें गुड़ का हम शक्कर का हम विभिन्न तरीकों से प्रयोग करें तो हम सर्दी के रोगों से अपना बचाव पूरी तरह कर पाएंगे और हम बिल्कुल स्वस्थ रहेंगे । आयुर्वेद के सिद्धांतों का पालन करते हुए सर्दी की बीमारियों से बचें।

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