सावधान -शिर्डी में VIP दर्शन के नाम ले होने वाले धोखे से बचें

 

हम करप्शन देखते हैं , हम गलत बातें देखते हैं लेकिन हम चुप हो जाते हैं उसके भागीदार भी होते हैं क्योंकि और हम कहीं ना कहीं उसको इग्नोर करते हैं कि कोई बात नहीं हमें लगता है कि कहीं ना कहीं इन बातों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए , खासतौर पर मंदिरों से जुड़े जो करप्शन है , आप इतनी श्रद्धा से किसी मंदिर में जाते है और जब करप्शन होता है कि पैसा देकर दर्शन करवा देंगे आपको कई तरह की प्रॉब्लम आती है तो कहीं ना कहीं उसके लिए आवाज उठानी चाहिए

60 से ज्यादा उम्र वालों के लिए दर्शन के लिए है अलग से लाइन

आज हम बात कर रहे हैं शिरडी के साईं बाबा की, हजारों लाखों भक्त हैं और हजारों लाखों भक्त शिरडी के साईं बाबा जाते हैं लेकिन जिस किस तरह का रैकेट वहां चल रहा है इस इस पर आज हम चर्चा करेंगे क्योंकिहाल ही में मैं शिडी गई और मैंने खुद वो रैकेट फेस किया और हम बेवकूफ बन गए , इनके खिलाफ कोई कारवाई नहीं होती है। मंदिर के बाहर तमाम संख्या में महाराष्ट्र सुरक्षा बल के जवान खड़े होते हैं। वहां पे पुलिस चौकी भी बनाई गई है। लेकिन उसके बाद भी वहां दलाल घूमते रहते हैं। एक बहुत ही कॉमन मोड्स ऑफ़ अप्रेंडी है। आप तीन चार लोग हैं। आप में कुछ 60 70 प्लस के लोग हैं जो ज्यादा चल नहीं पा रहे हैं। तो कुछ दलाल आपके पास आते हैं और आपको कहते हैं कि हम आपको वीवीआईपी दर्शन करवाएंगे। अब जाहिर सी बात है दोस्तों बहुत से ऐसे लोग हैं जिनको कुछ पता नहीं होता शिरडी के बारे में कि वहां पे 60 प्लस की जो लोग होते हैं उनके लिए बकायदा एक अलग से लाइन होती है जो अंदर जाके होती है उसका नेम प्लेट भी लगा होता है लेकिन क्योंकि बहुत संख्या में लोग वहां जुड़ते हैं तो कई बार वो नेम प्लेट पढ़ नहीं पाते हैं और बाहर की तरफ से निकल जाते हैं और ऐसे लोगों को ही अपना शिकार बनाते हैं ये दलाल तीन चार के ग्रुप में होते हैं । आपके ग्रुप में लोग पैदल चल रहे हैं चला नहीं जा रहा है तो आपके पास पहुंचते हैं। बड़े श्रद्धा पूर्वक आपसे बोलते हैं कि आप चल रहे हैं। आप थक गए होंगे। हम आपको वीवीआईपी दर्शन करवाएंगे और पैसे अभी मत दीजिएगा। पैसे जब आपको दर्शन हो जाएंगे उसके बाद दीजिएगा। तो कहीं ना कहीं आपको लगता है कि बंदा थोड़ा जेन्युइन है और आप थके हुए होते हैं या आप चलना नहीं चाहते इतना ज्यादा तो आप उनकी बातों में आ जाते हैं। तो पर पर्सन कोई ₹500 मांगता है, कोई ₹700 मांगता है। आप मोलभाव करते हैं तो वे ₹250 में आ जाता है। और वह आपको क्या करता है? आपके आधार कार्ड आपको चाहिए होता है। आपके आधार कार्ड लेकर 60 प्लस के जो लोग हैं वह उस लाइन में ले आता है जो ऑलरेडी 60 प्लस की जो लाइन है गवर्नमेंट की तरफ से मुहैया करवाई गई है। लेकिन लोगों को उसके बारे में पता नहीं रहता।

 

बुजुर्ग व्यक्ति अपने साथ एक Attendant ले जा सकता है

और आपको यह भी बता दें कि जो 60 प्लस के लोग हैं उनके साथ एक अटेंडेंट एक रिलेटिव जा सकता है। वो यंगर जो यंग ऐज का हो चाहे वो 24 साल का हो, 25 साल का हो, 15 साल का हो उसके साथ वो एक अलाउड करते हैं 60 प्लस के साथ। तो इनकी मोड्स ऑफिटी क्या होती है? दो आदमी को 60 प्लस के पकड़ लेते हैं। एक का हाथ पकड़ते हैं। दूसरों को कहते हैं आपको हम इसके साथ घुसा देंगे। वो क्या घुसाएंगे? वो तो अपने आप ही जो पुलिस वाले हैं उनको वो कार्ड देखते हैं आधार कार्ड और आपको अंदर कर देते हैं। और ये आपको इंस्ट्रक्शन देते हैं कि आपको कुछ नहीं कहना है। हम सब संभाल लेंगे। अंदर भी आपके अच्छे से दर्शन करवाएंगे। वहां पर खड़े करवाएंगे। अगर आपने माला ली हुई है कहते हैं कि आपको माला भी अच्छे से बाबा जी को चढ़वाएंगे बाबा जी के चरणों में। और यह कहकर वह आपको उस लाइन में एक 60 प्लस का आधार कार्ड लेते हैं। उसके साथ एक अलेंडेंट दूसरे रिलेटिव को साथ रख लेते हैं यंगर को और अंदर घुसा देते हैं। अंद आप चले जाते हैं। बड़े उत्साह में चले जाते हैं कि शॉर्टकट मिल गया। आप अंदर जाते हैं और आपका फिर आपको लगता है कि आपको बेवकूफ बना दिया गया। जी हां, आपको वही कॉरिडोर में चलना पड़ता है। वही आपको पूरा सिस्टम जो है थोड़ा सा शॉर्ट हो जाता है क्योंकि आप 60 प्लस की लाइन में आए हैं तो आपको थोड़ा कम चलना पड़ता है। लेकिन आगे जाकर
आप मेन लाइन के साथ मिल जाते हैं और वहीं आपको कोई दर्शन एक्स्ट्राऑर्डिनरी नहीं करवाए जाते। कोई नहीं होता। आपको जैसे सब लोग दर्शन कर रहे होते हैं वैसे ही आ दर्शन करते हैं। आपको वहां एक सेकंड भी रुकने नहीं दिया जाता।

 

मंदिर में किसी भी प्रकार का प्रसाद नहीं चढ़ा सकते 

तो कोई भी ग्रुप अगर आपको अप्रोच करता है तो उससे बचिए। 60 प्लस की लाइन वहां पे है और 60 प्लस के एक आदमी के साथ एक यंगर आदमी को जाने दिया जाता है। कानून की अगर हम बात करें वहां व्यवस्था की बात करें। ठीक है? सफाई बहुत अच्छी है। सिक्योरिटी लेवल हम देखते हैं कि महाराष्ट्र सुरक्षा बल के बहुत सारे जवान वहां तैनात है। और एक और बात मैं आपको बताना चाहूंगी कि वहां पर बहुत से दुकानदार भी घूमते हैं जो कहते हैं आप चादर भी ले जाइए। आप फूल भी ले जाइए। आप माला भी ले जाइए। सब अलाउ हो गया है। लेकिन वहां जाके कुछ भी अलाउ नहीं करते हैं। अगर आप फूल लेके जा रहे हैं। बड़ी-बड़ी माला लेके जा रहे हैं। कुछ एक लोगों की मालाएं वो चढ़ा देते हैं। थोड़ी बहुत चीजें वो चढ़ाते हैं लेकिन चढ़ाने का कुछ फायदा ही नहीं है क्योंकि उसी टाइम वो उठा ली जाती हैं। आप जा रहे हैं श्रद्धा से जाड़िए। बाबा जी के आगे हाथ जोड़िए और जो करप्शन जो हम लोग बढ़ावा देते हैं उससे बचिए।

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