घर की सीढियों का रंग हरा तो जिंदगी हरी भरी

हमें सीढ़ी का कलर क्या रखना चाहिए, यह जानना बहुत जरूरी है। अमूमन बहुत घरों में देखा गया है कि सीढ़ियां ब्लैक बना दी जाती हैं तो वास्तु के हिसाब से ब्लैक कलर अवॉइड करना चाहिए क्योंकि ब्लैक रिप्रेजेंट करता है हमारे शनि प्लनेट को कोई भी चीज किसी भी प्लनेट की यदि हम जरूरत से ज्यादा लगाते हैं तो वो कहीं ना कहीं हमारे जीवन में असर करती हैं तो सीढ़ियों के लिए हमारे बेस्ट कलर्स होते हैं जो यूनिवर्सल कलर्स भी माने जाते हैं वाइट ऑफ वाइट लाइट शेड्स में आप ग्रीन कलर ले सकते हैं ग्रीन यदि आप ग्रीन स्टेयर्स अपने ईस्ट साइड में रखते हैं तो वो आपको बहुत अच्छे रिजल्ट्स देते हैं या येलोइश टोन में भी आप लोग स्टेयर्स ले सकते हैं तो यह कुछ ऐसे कॉमन कलर्स हैं जहां पे स्टेयर्स के हम रख सकते हैं ।

सीढ़ियों की एनर्जी लेवल को अच्छा करना तो बीच में एक हाईलाइटर दें

 

सीढ़ियों की एनर्जी लेवल को और अच्छा करने के लिए हम लोग बीच में एक हाईलाइटर दे सकते हैं डिफरेंट कलर से जैसे आपकी वाइट ऑफ वाइट है तो बीच में आप ग्रीनिश कलर का हाईलाइटर दे सकते हैं या कॉम्बिनेशन में करके यदि बीच में हाईलाइटर देते हैं तो एक तो सीढ़ी की एनर्जी क्योंकि पॉजिटिव कलर होने के कारण सीढ़ी की एनर्जी बढ़ेगी प्लस कोई भी चढ़ते में आराम से सीढ़ी के ऊपर ही पैर रखेगा कई बारी सीढ़ियों की बनावट ऐसी बनी होती है कि आप सीढ़ी के डबल डबल पैर के कारण कई बारी गिर पड़ते हैं तो वो एक सावधानी भी हो जाती है हाईलाइटर लगाने से सुंदर भी लगता है और सीढ़ियों की एनर्जी लेवल भी उठ जाता है।

सीढ़ियां क्लॉकवाइज मतलब आप आगे बढ़ रहे हैं -ग्रोथ की तरफ

मन में सवाल आता है कि राइट हैंड साइड से क्यों सीढ़ी पकड़ के चढ़ते हैं या हमारे हैंड जो पकड़ने का स्थान होता है वो राइट हैंड पर क्यों होना चाहिए क्योंकि जब सीढ़ियां क्लॉकवाइज चढ़ रहे होते हैं हम लोग और राइट हैंड से पकड़ के चढ़ रहे होते हैं एक तो देखिए हर उम्र का इंसान सीढ़ी चढ़ता है और सीढ़ी पकड़ के ही चढ़ना चाहिए ताकि कोई मिसहप ना हो तो क्लॉकवाइज डायरेक्शन हमेशा हमारे को चढ़ाई मतलब एक पॉजिटिविटी को देती है कि आप ग्रोथ कर रहे हैं और बुजुर्गों के हिसाब से किसी के भी हिसाब से जब सीढ़ी पकड़ के चढ़ी जाती है तो आपके हार्ट पर असर कम आता है वो जो हेल्थ पॉइंट ऑफ व्यू से बहुत अच्छा माना जाता है हृदय पे जब आपका कम असर होगा तो कहीं ना कहीं आपकी हेल्थ अच्छी रहेगी इसलिए अवॉइड कर करते हैं कि सीढ़ी चढ़ते में ज्यादा ज़ोर पड़ता है उतरते टाइम तो फटाफट फटाफट उतर सकते हैं तो उसके अंदर इतनी दिक्कत नहीं होती , हार्ट पर भी ज़ोर नहीं आता है वह तो हर कोई समझ सकता है कि सीढ़ी चढ़ने में ज्यादा असर पड़ता है और उतरने में इतना असर नहीं होता है ।

सीढियों पर ज्यादा ठोके ना —प्लांटर रखना सबसे बेहतर

सीढ़ियों की डायरेक्शन रखनी चाहिए वो ईस्ट टू वेस्ट और नॉर्थ टू साइड साउथ रखनी चाहिए यह कुछ और छोटे-छोटे से कुछ टिप्स थे जिनको आप फॉलो करके अपनी सीढ़ियों के एनर्जी लेवल को और बेहतर कर सकते हैं , सीढी के नीचे नीचे प्लांटर रख सकते हैं ,सीढ़ियों के कई बारी देखा गया है कि स्टेयरकेस में आप बहुत सारे फोटोग्राफ्स भी लगा देते हैं सी यदि आपका डुप्लेक्स है तो यदि आपको कलर कॉम्बिनेशन का नहीं पता है तो जब एंटी कलर कॉम्बिनेशंस आपके स्टेयर्स पे चले जाते हैं तो वो और कहीं ना कहीं बहुत ज्यादा जब ठोका ठाकी होती है तो कहते हैं ना कि होल्स हो जाते हैं जितने ज्यादा दीवारों में आप होल्स करेंगे उतने कहीं ना कहीं लीकेज हो जाती है तो स्टेयर्स को आप प्लेन रखें स्टेयर्स के नीचे प्लांटर्स रखें यह एक और स्पेशल टिप है इन सब चीजों को फॉलो करके देखें फिर देखें कि आपके घर के वास्तु की एनर्जी लेवल कितना बढ़िया होगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।