By Arati Jain
सुबह उठकर पानी पीना—क्यों है वरदान कैसे ठीक करे हमारे दो ग्रहों को
ग्रहों का और हमारे जो पंच तत्व हैं उनका क्या संबंध है उसके बारे में जानकारी दे रहे हैं, अब सवाल यही आता है कि ग्रहों का पंच तत्वों से क्या संबंध सकता है, उनसे बहुत गहरा संबंध है क्योंकि पंच तत्वों के आधार पर ही हमारी सब चीजें बनी हुई है। चाहे ग्रह हो, चाहे हमारे घर हो, चाहे आपका कुछ भी चीज हो सब पंच तत्व हमारा शरीर भी पंच तत्वों से बना हुआ है। तो पंच तत्वों में हमारे पांच तत्व है आकाश, वायु, जल, अग्नि और पृथ्वी। इनहीं पांच तत्वों पर हमारे सारे ग्रह संबंधित है।
जीवन में जल तत्व की कमी मतलब शुक्र ग्रह और चंद्र ग्रह खराब हो रहा

जैसे पृथ्वी तत्व से हमारा बुध ग्रह जुड़ा हुआ है। आकाश तत्व से हमारा बृहस्पति ग्रह जुड़ा हुआ है। वायु तत्व से हमारा शनि ग्रह जुड़ा हुआ है। अग्नि तत्व से हमारे दो ग्रह जुड़े हुए हैं। जी हां, मंगल और सूर्य क्योंकि दोनों ही गरम ग्रह होते हैं जो हमारे अग्नि तत्व से जुड़े हुए हैं। और जल तत्व से हमारे दो ग्रह जुड़े हुए हैं। चंद्रमा और शुक्र। जी हां, यह दो ग्रह जल तत्व को हमारे जीवन में अपना प्रतिनिधित्व करते हैं। अपना स्थान दिखाते हैं कि अगर आपके शरीर में आपके जीवन में जल तत्व की कमी है तो उससे भी आपका शुक्र ग्रह और चंद्र ग्रह प्रभावित होता है। अच्छा या खराब हो सकता है। जल तत्व के ऊपर शुक्र ग्रह कैसे अपना प्रभाव डालता है। चंद्रमा ग्रह कैसे प्रभाव डालता है उसके बारे में बताते हैं। जैसे जल तत्व जो है आप सबको पता ही है कि जल तत्व हमारे शरीर को और हमारे पूरे पृथ्वी को 75% के करीब अपना डोमेन देता है। और इस डोमेन में आपको पता ही है कि जल तत्व महत्व है, हमारे जीवन में? क्योंकि जल से हम सिर्फ एक या दो दिन ही जल के बिना जीवित रह सकते हैं। उसके बिना हमारा अस्तित्व खतरे में आ जाता है। आपको पता ही है आप दो बार वोमिट कर लेते हैं, तीन बार वोमिट कर लेते हैं। आप डिहाइड्रेट हो जाते हैं। मतलब आपके शरीर में जल की कमी हो गई तो उससे भी आपका चंद्र ग्रह और शुक्र ग्रह खराब होता है। जैसे अगर अपना शुक्र ग्रह अच्छा करना है, चंद्र ग्रह अच्छा करना है तो आप अपने शरीर के जल तत्व को अच्छा करिए जिससे कि आपका धीरे-धीरे करके शुक्र तत्व और जल और चंद्रमा का जो तत्व है वो आपके शरीर को आपके जीवन को और भी अच्छा करेगा।
सोते समय गिलास में नमक का पानी भरकर साथ में रखें

अब आप जल तत्व को अपने शरीर में अपने जीवन में कैसे अच्छा करेंगे उसके बारे में जानते हैं। जैसे कि सुबह उठकर के आप पानी पीजिए। जरूरी नहीं है कि पानी आपको चार गिलास ही पीना है। अपने शरीर के हिसाब से पानी की मात्रा आपको देखनी होती है। किसी किसी को चार ग्लास पानी सूट करता है। किसी किसी को आधा गिलास ही पानी सूट करता है। जी हां। अगर वो दो गिलास पानी पी लेता है तो उसको लगता है जैसे मेरे को उल्टी सी आ रही है। मेरे को वोमिट हो रहा है तो उसको पानी कम पीना है। ये आपको खुद ही पहचानना पड़ेगा कि आपको पानी कितना पीना है और सबसे अच्छा तरीका है पानी को घूंटघंट करके पीजिए। और अगर आपको और भी अच्छा प्रभाव लेना है तो पानी को एक घूंट लीजिए। कुछ सेकंड के लिए अपने मुंह के अंदर रखिए जिससे कि आपका जो सलाइवा है वह पानी के साथ मिले और उससे आपका स्टमक भी अच्छा होगा और जल तत्व का प्रभाव भी आपके शरीर पर बहुत ही अच्छा पड़ेगा। ये तो हो गई हमारा पानी पीने का तरीका और साथ ही साथ पानी आपको खाने के जो खाना खाते हैं उसके तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। कम से कम 1 घंटे का 45 मिनट्स का आपको डिफरेंस रखना चाहिए। हां, अगर आप खाने के बीच में आधा खाने खाना खाने के बाद थोड़ा सा पानी पी लेते हैं तो वह भी आपके जल तत्व को आपके शरीर में बैलेंस करेगा। साथ ही साथ अगर आप रात को सोते हैं सोते समय अगर आप अपने सिराहाने पे एक कप में या एक गिलास में थोड़ा सा नमक वाला पानी अपने सिराहाने रख लेते हैं तो उससे भी आपके शरीर का जो जल तत्व है वो संतुलित होगा। क्योंकि जो नमक है वह समुद्र से ही आता है और समुद्र आपकी जो प्रभाव है उससे आपकी ओरा की जो भी नेगेटिविटी है जो भी जल तत्व का आपके शरीर के ऊपर बुरा प्रभाव है उसको दूर करेगा और इसका प्रभाव आपको हफ्ते में दिखना शुरू हो जाता है। पर उस पानी को अगर आप आप नमक डालते हैं पानी के अंदर तो उस पानी को पौधे के अंदर नहीं डालना है क्योंकि पौधा उससे खराब हो जाता है। उसको आप किसी भी जमीन पे बहा दीजिए। वॉश वेशन में बहा दीजिए। सबसे अच्छा है फ़्लश कर दीजिए। उससे आपका फ़्लश भी साफ़ होगा, सेनिटाइज़ होगा। आपके फ्लश की नेगेटिविटी दूर होगी। इसी तरह से आप अपने जल तत्व को अपने शरीर से ठीक कर सकते हैं और अपने शुक्र ग्रह को और चंद्र ग्रह को भी ठीक कर सकते हैं। अगर आपको चंद्र ग्रह और शुक्र ग्रह अच्छा करना है जल तंत्र के माध्यम से तो आपको एक नहाने की आदत भी डालनी पड़ेगी। जी हां, अगर आप नहाते हैं और सुबह अगर आप 12:00 बजे के बाद नहाते हैं, तो उससे आपके शरीर का जल तत्व का बैलेंस खराब होगा और जल तत्व का आपके ऊपर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ेगा। जिससे आपका चंद्र ग्रह और शुक्र ग्रह भी खराब होगा। नहाते समय सबसे पहले आपको अपने पैरों पर पानी डालना चाहिए। क्योंकि उससे क्या होता है कि आपके शरीर का जो तापमान है वो बैलेंस होना शुरू हो जाता है और धीरे-धीरे करके उसका प्रभाव हमारे शरीर पर अच्छा आता है। कभी भी सिर पर डायरेक्ट पानी मत डालिए और सबसे अच्छी बात सिर पे कभी भी गर्म पानी मत डालिए। तो गरम पानी से आपकी जो सिर की एक तो स्किन है वो भी खराब होती है। पोर्स खुल जाते हैं। उससे आपके बाल कमजोर हो जाते हैं और बालों को भी उससे नुकसान होता है। अब आप सोचेंगे छोटी-छोटी बातें हैं और इन बातों से ही आप अपने चंद्र ग्रह को और शुक्र ग्रह को ठीक कर सकते हैं।
By Arati Jain
