हमारे शरीर के चक्रों को एक्टिव करती है Reiki -जाने हार्ट चक्र के बारे में

हमारे शरीर के सात सात महत्वपूर्ण चक्र जो हमारी प्राण ऊर्जा केंद्र है, अगर आप इन चक्रों को रेकी की ऊर्जाओं के साथ रेकी के प्रतीक के साथ मिला देंगे और अपनी हीलिंग करेंगे तो आपके शरीर में बहुत अच्छी ऊर्जा स्थापित होगी। एनर्जी लेवल बहुत बढ़ जाएगा और आपके अंदर शरीर के अंदर रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती चली जाएगी। हमारे सात महत्वपूर्ण चक्र हमारा क्राउन चक्र, आय चक्र, विशुद्ध चक्र। आज हम आपको बताने जा रहे हैं अपने चौथे चक्र के बारे में जो सबसे महत्वपूर्ण चक्र है हृदयक हार्ट यह हमारे बिल्कुल दिल के पास हृदय के पास स्थित होता है और इसका जो जैसा कि हम जानते हैं हृदय का काम होता है पूरे शरीर को खून पहुंचाना ऑक्सीजन लेवल पहुंचाना आप जानते हैं हमारा जो शरीर के सारे अंग है उसका राजा हृदय होता है इसलिए इस चक्र को हम बहुत महत्वपूर्ण मानते है इस चक्र का रंग है हरा और विशेष इसका बीज मंत्र है यम। जैसे ही हम अपनी हीलिंग शुरू करते हैं, मेडिटेशन ध्यान करते हैं, अगर हम इसके बीज मत यम का उच्चारण करेंगे और उसके रंग हरे रंग की विशेष ऊर्जाओं को देखेंगे, हमारे ऊपर बरस रही है, तो हमारा ये चक्र बहुत एक्टिवेट होगा।

हार्ट चक्र एक्टिव होने से लोगों के प्रति प्यार, इज्जत, भावना ज्यादा होती है खुशी मिलती है

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यह चक्र जैसा कि नाम से है, मन का कारक है, मन का साथी है। मन से जो काम किया जाता है बहुत अच्छी तरह होता है। जितना हम इसको एक्टिवेट करेंगे हमारे अंदर मन की पॉजिटिव एनर्जी बढ़नी शुरू हो जाएगी हमारे अंदर लोगों के प्रति प्यार, इज्जत, भावना, उनके रिलेशन के प्रति सम्मान पैदा होना शुरू हो जाएगा। इस चक्र के आसपास हमारे लंग्स भी जुड़े होते हैं। इस चक्र को हीलिंग करने से जो हमारे लंग्स है उनकी ऑक्सीजन लेवल बहुत अच्छी बढ़ जाती है, तो रेकी के प्रतीक चिन्ह जो जानते हैं वो प्रतीक चिन्ह डाल के इस ऊर्जावान शक्तिवान चक्र को और एक्टिवेट कर सकते हैं। अगर जो लोग रेकी में प्रतीक चिन्ह नहीं जानते नहीं शक्तिशाली चिन्ह जानते वो सिर्फ ओम के प्रतीक चिन को या अपने कोई भी गुरु मंत्र बीज मंत्र को उच्चारण करके इस चक्र को हील करेंगे तो देखेंगे आपका चक्र कितना एक्टिवेट हो जाएगा। आपके दिल में लोगों के लिए जो प्रति प्यार होता है और निस्वार्थ भावना से जो सेवा भावना होती है वो बढ़ जाती है और आप कुदरत से बहुत जल्दी जुड़ जाते हैं क्योंकि कुदरत का जो नियम है जो चीज आप दिल से किसी को अच्छे भाव से लेंगे वो चीज वापस आपके पास बह के आती है।

 

मणिपुर चक्र को कैसे करें एक्टिव

हमारा पांचवे चक्र के बारे में जो हमारे बिल्कुल नाभि से दो उंगल ऊपर होता है। इस चक्र का नाम है मणिपुर चक्र और इस चक्र का रंग है पीला और बीज मंत्र है इसका ब्रम। अब हमारे इस बीज मंत्र का जो रंग है वो है पीला। तो अब आप पीले रंग की ऊर्जा अपने ऊपर बरसे देखेंगे और देखेंगे पीले रंग की ऊर्जा आपके उसी अंग के आसपास जितने भी स्थित अंग है उस पर आके आती है और उसको हील करती है। जो हमारा मणिपुर चक्र है जैसा कि हम जानते हैं हमारे पेट के आसपास स्थित होता है। इस चक्र में अग्नि तत्व हमारा मिश्रित होता है और जठार अग्नि भी यही होती है। हमारा सारा खाना पीना यहीं जाके पचता है और आप जानते हैं हमारे शरीर के जितने भी रोग है वह सब हमारे पेट से जुड़े होते हैं। तो अगर हम इस अंग पे बहुत ध्यान देंगे इसके चक्रा के बीज मंत्र का उच्चारण करेंगे तो देखेंगे आपके पेट से संबंधित जो भी समस्या हैं डाइजेशन की है, कब्ज की है, कोई भी समस्या है, वो धीरे-धीरे कम होती चली जाएगी। और अगर इसमें आप रेकी के प्रतीक चिन्ह डाल देंगे, तो जैसे सोने में सुहागा आपको उसमें फर्क मिलना शुरू होगा।

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