AI समिट में France के राष्ट्रपति ने कैसे सबको दिल जीता
देश की राजधानी दिल्ली में एआई इंपैक्ट समिट में बहुत कुछ खास हुआ, दुनियाभर से आईटी इंड्रस्टीज के दिग्गज यहां पहुंचे, पर इन सब के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने वो किया कि सबका दिल जीत लिया, मंच पर पहुंचकर उन्होंने सबका नमस्ते से अभिवादन किया , बस तभी से लो सभी के चहेते बने, मैक्रों ने अपनी बातों से भी सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने भारत में यूपीआई और तेजी से हो रहे बदलावों को भी बहुत ही अच्छे ढंग से पेश करके सबको दिल जीत लिया, इस अवसर पर pm मोदी ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे बड़ा टेक टैलेंट पूल का केंद्र बन गया है। इस समिट में टाटा समूह का प्रतिनिधित्व एन चंद्रशेखरन ने किया, उन्होंने कहा कि हर जगह एआई को अपना रहे हैं और ऐसे में आगे की सफर बहुत रोमांचक होने वाला है , गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने तो भारत में आकर अपनी खुशी व्यक्त की। , उन्होंने कहा कि हर बार भारत आता हूं, तो बदलाव की गति देखकर surprise हो जाता हूं, सुंदर पिचाई के अलावा UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी समिट में भाग लिया और कहा कि एआई का भविष्य मुट्ठी भर देशों द्वारा तय नहीं किया जा सकता या कुछ अरबपतियों की मनमानी पर नहीं छोड़ा जा सकता। समिट में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला समेत कई अन्य अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने भाग लिया है।
फोन न उठाने वाले अफसरों पर हो कार्रवाई’

अकसर यही देखने में आता है कि बहुत से अधिकारी ना केवल जनता की शिकायतों को नजरअंदाज कर देते हैं बल्कि यदि उस क्षेत्र का विधायक जनता की समस्या लेकर बड़े पदों पर बैठे अफिसरों को फोन करता है तो , वो उसका फोन तक नहीं उठाते, अब ये समस्या किसी एक जिले या राज्य तक सीमित नहीं है बलिक ज्यादातार राज्यों में कुर्सी संभाले अधिकारी और जनता की ओर से चुन कर आए नेताओं के बीच यह टस्ल चलती रहती है, पर हाल ही में यूपी विधानसभा में जो हुआ उससे लगता है कि अब कम से कम यूपी में उंचे पदों पर बैठे officers की ये प्रेकिटस नहीं चलने वाली है , जी हां यूपी के विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विधायकों की इस बारे में लगतार आती शिकायतों पर कड़ा रूख लिया है और उन्होंने आदेश दिया है कि विधायकों का फोन न उठाने और उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि ये गलत परंपरा चल रही है और ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाए जिससे अभी और भविष्य में जनता की शिकायतें नजरअंदाज ना हों। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों के खिलाफ ऐसी कारवाई हो जिससे दूसरे अधिकारी इससे सबक लें। वैसे इस मौके पर सतीश महाना ने विधायकों को भी अपना काम अगले चुनाव में जीतने के लिए नहीं बल्कि जनता के हित में , भविष्य की पीढी के हित में करने की नसीहत दी।
राज ठाकरे और एकनाथ शिंदे -जब WE MET क्या हुआ

महाराष्ट्र में लंबे समय के बाद विधानसभा चुनाव में एक हुए राज ठाकरे और उद्वव ठाकरे ने सोचा तो यही था कि उनका मिलाप विधानसभा चुनाव में कोई चमत्कार कर देगा, लेकिन रिजल्ट आए तो फ्लाप रिजल्ट आया और रही सही कसर bmc चुनाव में फ्लाप शो ने कर दी और साफ लगा कि दोनों भाईयों के बीच फिर दूरियां बन गई हैं और इन सब के बीच बुधवार को महाराष्ट्र में वो हुआ जिसके बारे में किसी ने सोचा नहीं था, जी हां राज ठाकरे ने बाकायदा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके मुंबई स्थित आधिकारिक निवास ‘नंदनवन’ में मुलाकात और उसके बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया कि अब राज ठाकरे का उद्दव से मोह भंग हो गया इसलिए वो दूसरी शिवसेना प्रमुख एकनाथ से संबंध जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। आपको बता दें कि BMC चुनाव के बाद यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने बैठक थी। इस बैठक को महाराष्ट्र की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैसे दोनों की बीच दोस्ती के संकेत हाल ही में मिलने शुरू हो गए थे जिसमें राजठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नव निर्माण सेना यानी MNS ने कल्याण-डोंबिवली में एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन दिया था।और उसके बाद शिंदे ने भी राज ठाकरे की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा था कि राज ठाकरे कभी निजी फायदे के बारे में नहीं सोचते उनके फैसले हमेशा ही बड़े हित के लिए होते हैं। शिंदे ने हाथों हाथ ये भी कह दिया कि राज ठाकरे ने विकास के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी का हमेशा ही समर्थन किया था
