Congress के Handsome-Intelligent लीडर हैं शशि थरूर जो जनता के दिल में भी बसते हैं…

शशि थरूर चौथी बार जीते हैं रिकार्ड बनाया है 

केरल में योगय लीडर की कद्र होती है 

कांग्रेस नेता शशि थरूर का नाम एक बहुत ही बुद्भिमान, लोकप्रिय नेता के रूप में लिया जाता है ।  केरल की राजधानी तिरुअनंतपुरम से  कांगेस नेता शशि थरूर  चौथी बार जीते हैं और इस रिकार्ड जीत से शशि थरूर की लोकप्रियता का आपने आप अंदाजा लगाया जा सकता है। वैसे कहा ये भी जाता है कि केरल में योगय लीडर की कद्र होती है और  राजधानी तिरुअनंतपुरम के मतदाता राज्य में सबसे अधिक शिक्षित हैं और शायद यही कारण है कि ज्यादा शिक्षित नेता ही उन्हें लुभाते हैं।अगर कहा जाए कि केरल की राजधानी तिरुअनंतपुरम से वही नेता जीतता है जो बहुत ज्यागा पढ़ा लिखा हो ,  सभ्य हो और बुद्धिमान हो तो कुछ गलत नहीं होगा

इस बार केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर को हराया 

आपको बता दें कि पहले इस सीट पर हमेशा से वामपंथियों और निर्दलियों का दबदबा रहा है।पर शशि थरूर ने 2009 में कांग्रेस के लिए यह सीट तीस साल बाद जीती थी और विजय का यह सिलसिला तभी से चला आ रहा है। वहीं, अपने विजयरथ पर सवार सत्ताधारी दल भाजपा ने केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर को इस बार मैदान में उतारा था। ये दोनों ही नेता नायर समुदाय से आते हैं।  आपको बता दें कि नायर समुदाय केरल में दूसरा सबसे बड़ा हिंदू समुदाय है और इस समुदाय की तिरुवनंतपुरम में अच्छी खासी तादाद है। पर आखिर में बाजी शिश थरूर ने ही जीती

भाजपा ने भी केरल में अपने  पैर फैलाए हैं

2019 से पहले तक भाजपा का केरल  में  लड़ने का या मौजूदगी का अहसास तक नहीं होता था  पर स्थिति तब बदली जब कुछ साल पहले केरल में सबरीमाला विवाद पैदा हुआ जिसने भाजपा को अपने पैर फैलाने का मौका इस हद तक दिया कि 2019 और 2024 के लोक सभा चुनाव में दोनों बार भाजपा दूसरे पायदान पर आ खड़ी हो गई।

शहरी मतदाताओं के बीच भाजपा ने अपनी पैंठ बढ़ाई 

साथ ही इस सच्चाई से भी मुंह नहीं मोड़ा जा सकता है कि इधर दो चुनावों में शहरी मतदाताओं के बीच भाजपा ने अपनी पैंठ बढ़ाई है । कारण भले कुछ भी हो। यही नहीं राज्य के संसदीय इतिहास में पहली बार मात्र एक सीट की जीत से भाजपा का केरल में खाता खुला।

केरल की पहचान है इन पर्यटन क्षेत्र से 

तिरुवनंतपुरम की सबसे बड़ी पहचान श्री पद्मनाभस्वामी का मंदिर है जो लगभग २००० साल पुराना है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने के बाद से यह नगर एक प्रमुख पर्यटक और व्यवसायिक केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है। इसकी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और शोभायमान तटों से आकर्षित होकर प्रतिवर्ष हजारों पर्यटक यहां खीचें चले आते हैं।
यहां कई  प्रसिद्द  शैक्षणिक संस्थान हैं जिनमें  विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र, राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी केन्द्र  भी प्रमुख है  हैं , यहां  पर आट्टुकाल देवी का मंदिर काफी प्रसिद्ध है। इसके अलावा चिड़ियाघर, कनककुन्नु महल, शंखुमुखम बीच, कोवलम बीच भी फेमस हैं।

BJP के सपने पर पानी फेरा शिश थरूर ने 

इस सीट के पिछले दो बार के चुनावों के नतीजों को अगर देखें तो और 2019 और 2024 में बीजेपी दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी है। बीजेपी को इस बार सीट पर विजय की पूरी उम्मीद थी। पर शशि थरूर का जादुई करिसमा इस सीट पर बरकरार है और लोगों ने उन्हें फिर से जिता दिया।