UP में नहीं मिली एक भी सीट फिऱ भी राहुल – अखिलेश हैं दोस्त

सोशल मीडिया पर एक फोटो बहुत ज्यादा वायरल हो रही है और उसको लेकर काफी चर्चाएं भी हो रही हैं। इस फोटो को देखकर लोग कह रहें हैं कि कांग्रेस बिल्कुल Compromise Mode में आ गई है जबकि अखिलेश यादव ने एक ऐसा दांव खेला की बड़े बड़े नेताओं को चारों खाने चित कर दिया। इस फोटो में राहुल गांधी और अखिलेश हाथ पकड़ के साथ खड़े हुए हैं और मुस्कुरा रहे हैं। अखिलेश यादव ने इस पोस्ट में तमाम बातें लिखी हैं, पर उन बातों पर नहीं जाना है , फोटों का मतलब समझना है। सबको पता हैं कि यूपी में अखिलेश ने कांग्रेस को एक भी सीट नहीं दी बावजूद इसके राहुल उनके साथ खड़े हैं मतलब संदेश दिया गया है कि उनके और कांग्रेस और राहुल गांधी के साथ घनिष्ट रिश्ते कायम हैं । तो अखिलेश ने ऐसा क्या दांव खेला की कांग्रेस झुक गई, मान गई और दोस्ती भी बरकरार रखी। इसके पीछे कारण छनछनकर बातें सामने आ रही हैं। अखिलेश यादव ने क्या घुट्टी पिला दी कि कांग्रेस और राहुल गांधी दोनों बैकफुट पर खड़े हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस आलाकमान और अखिलेश यादव की पार्टी के बीच जो गुपचुप समझौता हुआ बहुत ही चौकाने वाला है। बहुत ही चतुराई से अखिलेश यादव ने यहां पर अपना दांव खेला है कांग्रेस को भी सबक सिखा दिया और दोस्ती भी नहीं तोड़ी और दूसरी तरफ यूपी की पूरी 9 सीटों को इंडी गठबंधन के बैनर तले लड़ने की बात कहकर यह भी संदेश दे दिया कि वह गठबंधन के Loyal हैं।
अखिलेश के इस दांव ने सबके चित कर दिया

कम ही लोग यह जानते होंगे कि अखिलेश ने पिछले कुछ समय महाराष्ट्र के मुस्लिम बहुल इलाके में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए प्रचार प्रसार शुरू कर दिया था। गुपचुप तरीके से पांच उम्मीदवारों के नाम भी धोषित कर दिए । महारास्ट्र में अखिलेश के पहले से ही दो एमएलए हैं । महाराष्ट्र में कम से कम 35 सीटों पर मुसलमानों का दबदबा है और अखिलेश यहां 25 सीटों पर चुनाव लड़ने की मंशा बनाकर बैठे थे और अगर अखिलेश ऐसा करते तो इसको सीधा नुकसान कांग्रेस और महाविकास अधाडी को होता। इसलिए कांग्रेस ने यूपी की सीटें छोड़कर अखिलेश को वहीं रोकने का प्रयास किया है ।
पैचअप को लेकर समाजवादी पार्टी-कांग्रेस के स्थानीय नेताओं में गुस्सा
ताजा खबर आ रही है कि महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी को 2-4 सीटें मिल सकती है। और यहां लगता है कि पैचअप हो जाए क्योंकि इसके लिए कांग्रेस ने यूपी में कुर्बानी दी है। पर यह पैचअप भी इतना आसान नहीं , सीटों पर बंटवारा ना होने से समाजवादी पार्टी के ताकतवर एमएलए अबू आजमी बहुत गुस्से में हैं, उन्होनें साफ कह दिया कि यदि एक दिन के अंदर उन्हें सीटों के बारे में नहीं बताया गया तो समाजवादी पार्टी यहां पूरी 25 सीटों पर उम्मीदवार खड़े कर लेगी। दूसरी तरफ इस पैचअप को लेकर यूपी कांग्रेस के कईं नेताओं में रोष है जो लड़ने के लिए सीट के लिए आस लगाकर बैठे थे। दबे स्वर में आवाज उठ रही है कि अगर Congress Compromise करती रहेगी तो राज्यों में उसका आस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। बगावत होगी और पार्टी बिखर जाएगी।
Congress करना पड़ रहा है बहुत ज्यादा Compromise
इस एपिसोड के बाद और एपिसोड भी देखें तो congress के Compromise की घटनाएं बहुत नजर आ जाएंगी। एक नेशनल पार्टी होने के बावजूद Congress को बहुत झुकना पड़ रहा है और छन-छन केबातें सामने आ रही है कहा जा रहा है उचे स्तर पर बैठे नेता मतलब राहुल, प्रियंका की तरफ इशारा है , सिचुएशन को ठीक से हैंडल नहीं कर पा रहे हैं। और इसी वजह से Congress को बहुत ज्यादा झुकना पड़ रहा है।
यूपी-महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर कांग्रेस झुकी पड़ी है
यूपी में कांग्रेस ने कॉम्प्रोमाइज पर महाराष्ट् में नेशनल पार्टी , बड़ी पार्टी होने के बावजूद और लोकसभा चुनाव में शरद पवार और उद्धव ठाकरे की पार्टी से अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद , 85 85 85 का फार्मूला निकाला गया और कहा गया कि समाजवादी पार्टी और अन्य दलों को सीटें देने के बाद जो सीटें बचेंगी कांग्रेस उसपर चुनाव लड़ लेगी। कांग्रेस चाहे वहां पर चुनाव लड़ना चाहती हो या नहीं इससे किसी को मतलब नहीं मतलब यहां पर भी कांग्रेस झुकी है।Decision Making की पोजीशन पर कांग्रेस बिल्कुल नहीं लग रही है चाहे वो यूपी हो या महाराष्ट्र। कॉम्प्रोमाइज जम्मू और कश्मीर में भी कांग्रेस ने किया. उसे लड़ने के लिए वो सीट दी गई जहां वो जीत नहीं सकती थी और जब सरकार बनी
