Bihar तीन बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला वोटर्स को लुभाने निकले

बिहार की राजनीती में इस समय काफी उठा-पठक चल रही है , अगले साल यहां चुनाव होने वाले हैं और यहां पर मुख्य मुकाबला लालू और नीतीश की पार्टी में हैं और यही कारण हैं दोनों ही दलों के नेताओं ने अभी से अपनी -अपनी तैयारी शुरू कर दी है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला वोटर्स को लुभाने के लिए 15 दिसंबर से महिला संवाद यात्रा पर जाने का निर्णय लिया है, वहीं विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए 4 दिसंबर को संवाद यात्रा पर निकल रहे हैं। मतलब बिहार में सियासी हलचल जोरों पर है।

प्रशांत किशोर भी चुनाव को लेकर पूरे एक्टिव

हाल ही में अपनी पार्टी का बिहार में गठन कर चुके प्रशांत किशोर भी चुनाव को लेकर अभी से एक्टिव नजर आ रहे हैं और उन्हें जब भी मौका मिल रहा है वह नीतीश कुमार की सरकार पर निशाना साध रहे हैं। बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार के शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था का पतन उनके शासन का काला अध्याय होगा। प्रशांत किशोर ने indirectly अपनी पार्टी की तरफ इशारा करते हुए नीतीश पर यह भी तंज कस दिया की यदि अच्छी , नईं सरकार आ जाती है तो नीतीश कुमार के हटते ही टूटी सड़कें बन जाएं और लोगों को रोजगार मिल जाए,

उपेंद्र कुशवाहा एनडीए के पक्ष में माहौल बना रहे हैं

बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं । इसलिए सभी पार्टियां अपने बखान और गुणगान के लिए लगातार लोगों से जनसपंर्क में जुट गई हैं। क्योंकि नीतीश की सरकार है इसलिए हर दल और नेता सबसे पहले उऩ्हें ही कटघरे में खड़ा कर रहा है। इस सब के बीच इन सब के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी वोटर्स को लुभाने पहले से ही बिहार यात्रा पर निकल चुके हैं।
वह अपनी यात्रा में एनडीए के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं और लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों के बारे में बता रहे हैं।

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