रैलियों में केजरीवाल के अंदर वो दमखम, जोश नहीं जो पहले था

ndia’s Aam Aadmi Party (Common Man’s Party) leader Arvind Kejriwal gestures as he addresses a public meeting in New Delhi on December 22, 2013.Photo By Pankaj Nangia

आजकल चर्चाओं का बाजार गर्म है कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल की बातों, उनकी जनसभाओं , चुनाव प्रचार के लिए उनकी रैलियों में केजरीवाल के अंदर वो दमखम, जोश नहीं दिख रहा जो आज से कुछ समय पहले तक नजर आता था। माना यही जा रहा है कि शायद केजरीवाल को इस बात का अहसास हो  चला है कि इस बार दिल्ली की गद्दी उनके हाथ से पिसलने वाली है । उनकी बाडी लांग्वेज में वह स्पार्क नजर ही नहीं आ रहा जो पिछली बार दिल्ली के चुनाव प्रचार में था।

शीशमहल का लाइम लाइट में आना केजरीवाल की मुसीबत

अब राजनीतिक विशेषज्ञ केजरीवाल के हारने के पीछे कई कारण बता रहे हैं, सबसे केजरीवाल के आवास पर करोडों रूपए का खर्च । और उनके शीशमहल के लाइम लाइट में आ जाने से ,  आम जनता के बीच उनकी छवि आम से खास बन गई है और जनता को लगने लगा है कि उन्हें बरसों से मूर्ख बनाया गया है।

लोगों का  भ्रम टूटा है कि केजरीवाल  ईमानदार हैं

दूसरा जिस तरह से केजरीवाल और उनकी सरकार के कईं मंत्रियों पर corruption के चार्ज लगे, वो जेल गए, उससे भी केजरीवाल को चाहने वाले बहुत से लोगों का यह भ्रम टूटा है कि वो ईमानदार हैं और उनके कार्यकाल में सब ईंमानदारी से हुआ।

बहुत ज्यादा सक्रिय है  Congress

तीसरा अहम कारण है कि दिल्ली में कांग्रेस इस बार बहुत ज्यादा सक्रिय है और congress के जो वोट पिछले चुनावों में aap के खाते में चले गए थे इस बार उनके वापस लौटने की बहुत संभावना है।

Congress और आप के बागी नेता भी केजरीवाल को हरवा रहे

केजरावाल को शिकस्त देने में cpngress और आप के बागी नेता भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। जैसे की कांग्रेस के दो कद्दावर नेता अरविंदर सिंह लबली और राजकुमर चौहान ने बीजेपी join कर ली और दोनों को ही चुनाव मैदान में उतारा गया है और दोनों की ही अपने  इलाकों में जीतने की पूरी संभवना है। दूसरा आप के बागी नेता कपिल मिश्रा को बीजेपी ने करावल नगर से उतार कर यह सीट पक्की कर ली है क्योंकि कपिल का इस सीट पर पूरा दबदबा है और पिछली बार उन्होंने यहां से बीजेपी के ही उम्मीदवार को हराया था। फिर चुनाव से पहले आप की मंगोलपुरी से पार्षद सुमन राजौरा ने  बीजेपी में शामिल होकर आप को करारा झटका दिया है।

दिल्ली की गद्दी हासिल करने  BJP ने  सारे पासे फेंके

केजरीवाल की हार का एक बड़ा कारण बन सकता है  इस बार दिल्ली की गद्दी हासिल करने के लिए bjp ने अपने सारे पासे फेंक दिए हैं। रमेश विधूड़ी, प्रवेश वर्मा और कईं कद्दावर नेताओं और पूर्व सांसदों को चुनाव में उतारकर bjp ने अपनी जीत का बिगुल बजाना शुरू कर दिया है। लेकिन ये राजनीती है और इसमें कल क्या हो जाए, किसकी बाजी पलट जाए कोई कह नहीं सकता, इसलिए आगे आगे देखिए होता है क्या।

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पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।