मिल्कीपुर विधानसभा उप चुनाव ,  यूपी के इस इलाके में होने वाला यह मतदान बहुत खास ही है, आप सोच रहे होंगे ऐसा क्यों ,चलिए हम बताते हैं , दरअसल अभी हाल फिलहाल में यूपी में जिन 9 सीटों पर उपचुनाव हुआ था उसको जीतना बीजेपी और सामजवादी पार्टी के लिए बड़ी प्रतिष्ठा थी, खासकर योगी के लिए क्योंकि जिस तरह से लोकसभा चुनाव के रिजल्ट ने बीजेपी को झटका दिया था और योगी के नेतृत्व पर सवाल खड़े हो गए थे, उसके बाद योगी ने उन 9 सीटों को जीतने के लिए जी जीन लगा दिया और रिजल्ट भी मिला 7 सीट  बीजेपी को मिल गई, और अब मिल्कीपुर पर भी वही समीकरण बने हुए हैं,  और कहें बहुत ज्यादा बने हैं क्योंकि यह सीट  अयोध्या के जनपद मिल्कीपुर की है।  इसलिए  योगी और अखिलेश हर संभव कोशिश में हैं कि यह सीट उनकी झोली में गिरे। आपको बता दें कि इस उपचुनाव में भाजपा के चंद्रभानु पासवान और समाजवादी पार्टी  के अजीत प्रसाद में सीधा मुकाबला है वैसे यहां से इनके समेत 10 उम्मीदवार मैदान में हैं।मतगणना तो 8 फरवरी को होनी है पर उससे पहले ही समाजवादी ने आरोप लगाने का सिलस्ला शुरू कर दिया है सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने खुलकर कहा कि समाजवादी पार्टी के  कार्यकर्ताओं को पोलिंग बूथों से भगाया जा रहा है… और उन्हें सूचना मिली है कि उनके  कम से कम 5 कार्यकर्ताओं को बंद कर दिया गया है। साथ ही समाजवादी पार्टी  ने बीजेपी पर फर्जी मतदान का भी   आरोप लगा दिया, वैसे बीजेपी नेता भी कम नहीं है उन्होंने भी पलटवार करते हुए  कहा कि समाजवादी हार रही है इसलिए पहले से ही भूमिका बांधनी शुरू कर दी।

राहुल को क्यों दी गई यह किताब पढ़ने की सलाह

लगता है आजकल संसद में काम कम , मुद्दों पर चर्चाएं कम पर एक दूसरे पर  टिप्णियां, गलतबयानबाजी का दौर ज्यादा चलने लगा है। अब राहुल गांधी ने जिस तरह से लगातार संसद में गलत बयानबाजी की तो पीएम मोदी भी  उसका करारा जवाब देने में पीछे नहीं रहे। दरअसल हाल ही में लोकसभा में राहुल गांधी ने सरकार से उन reports  पर सवाल खड़ें कर दिए जिसमें कहा गया था कि भारत ने चीन को अपनी 4,000 वर्ग किलोमीटर से ज़्यादा ज़मीन सौंप दी। इसका जवाब देते हुए  पीएम मोदी ने कहा कि  जिन्हें भी विदेश नीतियों में दिलचस्पी है वह सभी  ‘जेएफके फॉरगॉटन क्राइसिस’ किताब जरूर पढ़ें। पीएम मोदी ने  विपक्ष पर जबरदस्त  निशाना साधते हुए कहा कि अगर किसी को सच में Foreign Policy में रूचि है और Foreign Policy को समझना है और आगे जाकर कुछ करना भी है, तो मैं ऐसे लोगों को कहूंगा कि एक किताब जरूर पढ़ें। जिसका नाम है, JFK’S FORGOTTEN CRISIS.  मोदी ने कहा कि इस किताब में  प्रधानमंत्री पंडित नेहरू और अमेरिका के तब के राष्ट्रपति John F. Kennedy के बीच हुई चर्चाओं और निर्णयों का  वर्णन है। जब देश ढेर सारी चुनौतियों का सामना कर रहा था, तब विदेश नीति के नाम पर क्या खेल हो रहा था इस किताब से पता चल जाएगा।
साफ लग रहा था कि प्रधानमंत्री  राहुल गांधी को ही उनके उठाए गए बयानों पर घेर रहे हैं। वैसे  एक दिन बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसका कड़ा खंडन किया।

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पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।