पिछले दो दिनों से दिल्ली की आबो हवा बिल्कुल बदली-बदली नजर आ रही है, हर जगह बीजेपी कार्यकर्ता  और नेता जश्न जैसा माहौल बनाए हुए हैं , कही भगवा झंडे फहरा रहे हैं ,कई जयसियाराम के नारे गूंज रहे हैं, विजयी नेताओं के स्वागत में गाजे बाजे तो हर जगह बजते दिख रहे हैं। वैसे बीजेपी का  इस तरह विजयी माहौल बनाना शायद बनता भी है क्योंकि दिल्ली में पूरे   27 साल बाद बीजेपी ने अपनी सरकार बनाने जा रही हैं यानी एक लंबे इंतजार के बाद दिल्ली के नेताओं और कार्यकर्ताओं का सूखा ख्तम हो रहा है।  चर्चाओं का बाजार गर्म है कि मोदी सरकार दिल्ली में काफी काम करना चाहती है पर पता चला है कि 5 ऐसे काम है जिन्हें दिल्ली की सरकार बनते ही सबसे पहले शुरू करने की कवायद हो जाएगी।

MODI ने कहा दिल्ली के दोषियों को बख्या नहीं जाएगा

जैसे कि cag रिपोर्टस पेश करने की खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दिल्ली विजय अभियान के बाद  अपने भाषण में इसकी घोषणा कर दी है। आपको बता दें कि ये रिपोर्ट्स पिछले  डेढ़-दो साल से दिल्ली सरकार के पास पेंडिंग पड़ी थीं, एलजी लगातार इन्हें विधानसभा में पेश करने के लिए कह रहे थे, पर आप सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही थी।इन रिपोर्टस में   शराब की आपूर्ति से लेकर  गाड़ियों के धुएं से होने वाले प्रदूषण, डीटीसी की फंक्शनिंग और तमाम मुद्दे शामिल हैं।  जैसा की पीएम मोदी मन बना चुके हैं और कह चुके हैं कि कि दिल्ली में हुए तमाम भ्रष्टाचार की जांच होगी और दोषियों को एक-एक पाई वापस लौटानी होगी इसलिए  नई सरकार बनते ही एक SIT गठित करने की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही बीजेपी  सरकार आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू करेगी। जिससे लोगों को मुफ्त स्वस्थय योजना का लाभ मिल सके। बीजेपी की सबसे बड़ी प्राथमिकता यमुना की सफाई का काम शुरू करना भी है क्योंकि चुनाव के दौरान बीजेपी ने यमुना  सफाई एक बड़ा मुद्दा बनाया था। और योगी जी ने बाकायदा केजरीवाल को यमुना में नहाने की चुनौती दे ड़ाली थी। बीजेपी के लिए पांचवा सबसे बड़ा मुद्दा है दिलिली में  पानी की सप्लाई और जलभराव की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाना क्योंकि गर्मी दस्तक दे रही है और इस बार जनता इन समस्याओं के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है उससे बीजेपी से बहुत उम्मीदें हैं।

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गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।