यही माना जा रहा था कि अमेरिका में ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से भारत के लिए बहुत अच्छा रहेगा क्योंकि वो मोदी जी के दोस्त हैं, पर जिस तरह एक के बाद एक घटनाएं घट रही हैं उससे लग रहा है कि ट्रंप लगातार मोदी की मुशिकलें बढ़ा रहे हैं, पहले वहां अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को बेडियों में वापस भेजना, फिर टैरिफ बढ़ाना और अब ट्रंप सरकार भारतीय business man और मोदी के खास कहे जाने वाले गौतम अडानी पर शिकंजा कस रही है। जी हां पता चला है कि अमेरिका की एजेंसी SEC ने भारत के law department से गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के साथ साथ उनकी कंपनी के कई टॉप अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए मदद मांगी है। आपको बता दें कि अडानी पर अधिकारियों को रिश्वत देने के साथ अमेरिकी निवेशकों से बात छिपाने का भी आरोप है। यह पूरा मामला शेयरों में कथित हेराफेरी और 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वतखोरी से जुड़ा है। SEC इसकी जाँच कर रही है और उसने ही न्यूयॉर्क की एक अदालत को बताया कि गौतम और सागर अडानी को कोर्ट का नोटिस देने की कोशिश की जा रही है क्योंकि दोनों भारत में रहते हैं। अब देखना यही है कि आने वाले समय में मोदी अपने दोस्त के लिए कुछ कर पाते हैं या नहीं ।

केजरीवाल दिल्ली से हो रहा पूरा सफाया


आप पार्टी जिस तेजी से उपर उठी थी लगता है उतनी तेजी से नीचे गिर रही है और कहते है ना डूबते जहाज से हर कोई भागने की कोशिश करता है वहीं आजकल आम आदमी पार्टी के साथ हो रहा है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में में मिली जबरदस्त हार के बाद अब दिल्ली नगर निगम में भी आम का वर्चस्व खत्म हो गया है। जी हां जैसा की सबको पता ही है कि दिल्ली चुनाव से पहले ही आप के आठ पार्षदों ने केजरीवाल से मुंह मोड़ कर बीजेपी का दामन थाम लिया था और अब हाल ही में आम आदमी पार्टी के तीन और पार्षदों ने बीजेपी ज्वाइन कर ली है। बस इसके साथ ही दिल्ली नगर निगम में भी आम आदमी पार्टी अल्पमत में आ गई है।आपको बता दें यही वो आम आदमी पार्टी है जिसने एमसीडी के 2022 में हुए चुनाव में 134 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था। कुल सीटें 250
थी जिसमें बीजेपी को 104 कांग्रेस -9 और 3 निर्दलीय जीत कर आए थे।
पर अब situation पूरी उल्ट गई है। निगम सदन में भाजपा के पास 116 पार्षद हो गए हैं आप के पास 114 पार्षद ही बचे हैं। कांग्रेस के पास आठ पार्षद हैं।आपको बता दें कि 11 पार्षदों के विधायक बनने के बाद अब निगम में 238 पार्षद ही बचे हैं। इसके चलते अब यह तो पक्का हो गया कि अप्रैल में होने वाले चुनाव में बीजेपी का ही मेयर और deputy मेयर बनने वाला है। भई आप केजरीवाल के लिए एक और मुशिकल खड़ी हो गई है वह है दिल्ली नगर निगम में आप द्वारा बनाया गया बजट पास कराना। अब तो बीजेपी ही अपने अनुरूप बजट पास करवाएगी।

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पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।