यूपी में महाकुँभ के सफल आयोजन के बाद योगी जी की हर तरफ धूम मची हुई है , खुद पीएम मोदी जी ने कुंभ के आयोजन को लेकर योगी की जमकर तारीफ की है, पर इन सब के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के एक बयान ने एक बार फिर योगी को हटाए जाने की चर्चा को हवा दे दी है, दरअसल हाल ही में योगी ने विधानसभा में कड़े तेवर दिखाते हुए साफ कहा था कि अंसल ग्रुप पैसा लेकर भागा तो उसे पाताल से भी ढूंढ़ निकालेंगे। यही नहीं योगी ने अंसल ग्रुप का जिक्र करते हुए उसे समाजवादी मॉडल का नमूना बताया और कहा कि होम बायर्स से धोखा के मामले में एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। बस इसी बात पर अखिलेश भड़क गए और उन्होंने योगी पर तंज कसते हुए कहा कि अपनी नाकामी छुपाने के लिए जब लोग किसी और का नाम लेते हैं तो भूल जाते हैं कि उसी के नाम से बनी सिटी में स्थित मॉल और हॉस्पिटल का उन्होंने ही उद्घाटन किया था। साथ ही अखिलेश यादव ने योगी की विभिन्न प्रोजेक्ट का उद्घाटन करते हुए वीडियो भी पोस्ट कर दिया। यही नहीं अखिलेश इतने नाराज थे कि उन्होंने यह तक कह दिया कि योगी को सत्ता से बेदखल होने की जो चर्चाएं जो हर तरफ फैली हैं। उसी की खीझ और हटाए जाने का डर ही है जो उनके मुंह से ऊंची आवाज बनकर निकल रहा है। सफलता व्यक्ति को शांत, शालीन और शिष्ट बनाती है। बस फिर क्या था अखिलेश यादव का बयान वायरल हुआ और सीएम योगी को हटाए जाने की चर्चा फिर गरमा गई।

 

राहुल का गुस्सा गिरेगी इन नेताओं पर गाज

चर्चाओं का बाजार गर्म है कि राहुल गांधी हरियाणा चुनाव में अंदरूनी कलह के चलते कांग्रेस के प्रदर्शन से काफी नाराज तो थे लेकिन अब हरियाणा शहरी निकाय चुनावों को कांग्रेसियों ने जिस हल्के ढंग से लड़ा उससे राहुल की नाराजगी और ज्यादा बढ़ गई है और खबरे आ रही हैं कि राहुल और खरगे हरियाणा कांग्रेस को फिर से मजबूत करने के साथ आपसी कलह के लिए जिम्मेदार नेताओं पर कड़ी कारवाई करने वाले हैं। इसके लिए दिल्ली में एक बैठक हो रही है। सबको पता है कि हरियाणा बिधानसभा चुनाव कांग्रेस जीतते जीतते हार बैठी थी और उसका कारण था कांग्रेस नेताओं की आपसी गुटबाजी और टिकटों का सही ढंग वितरण ना होना. पर उस हार से सबक लेने की बजाय हरियाणा में अंदरूनी लड़ाई कम होने की बजाय बढ़ ही गई और यही कारण है कि शहरी निकाय चुनाव में ना ठीक से प्रचार हुआ और ना ही चुनाव लड़ने के लिए कईं जगह कांग्रेस को कोई नेता मिल पाया। पता चला है कि इन्हीं कारणों के चलते राहुल एक बार फिर हरियाणा में सक्रिय हो रहे हैं और बैठक ले रहे हैं जिसमें हरियाणा के प्रमुख कांग्रेस नेताओं के साथ सभी तरह के मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही नेताओं की गुटबाजी खत्म करके एक बार फिर हरियाणा कांग्रेस को पटरी पर लाने की कोशिश की जाएगी। आपको बता दें कि हरियाणा में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन की वजह से राहुल गांधी ने काफी दिनों तक उन्होंने हरियाणा के राजनीतिक मामलों से दूरी बना कर रखी हुई थी पर जिस तरह कांग्रेस को यहां लगातार नुकसान हो रहा है उसके चलते राहुल यहां फिर से सक्रिय हो रहे हैं।

भगवत मान क्यों भड़के किसानों पर


कल तक किसानों के हित के लिए आप के मुखिया केजरीवाल बढ़चढ़कर बोले थे यही नहीं दिल्ली बार्डर पर जब किसानों ने जबरदस्त धरना दिया था तो केजरीवाल ने इस का भी समर्थन किया था चाहे उससे दिल्ली आने जाने वाले लाखों लोगों को परेशानी हो रही थी, पर आज आम आदमी पार्टी के एक और नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवत सिंह मान को किसानों का धरना अच्छा नहीं लग रहा आज उन्हें आम आदमी की चिंता सता गई. जी हां मान ने हाल ही में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आप हर दिन ‘रेल रोको’, ‘सड़क रोको’ प्रदर्शन करते हैं.. इससे पंजाब को भारी नुकसान हो रहा है। पंजाब ‘धरना’ राज्य बनता जा रहा है। हाथ ही हाथ मान ने किसानों को चेतावनी भी दे डाली कि मेरी नरमदिली को यह मत समझिए कि मैं कार्रवाई नहीं करता…मैं 3.5 करोड़ लोगों का संरक्षक भी हूं।इस बयान के आने के बाद मान की जबरदस्त निंदा हो रही है और किसान तो क्या आम लोग तक बोल रहे हैं कि अब तक आम आदमी पार्टी का किसानों को समर्थन क्या दिखावा था वैसे आपको बता दें कि किसान कईं फसलों पर एमएसपी, न्यूनतम न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की मांग कर रहे हैं और ये वो फसले हैं जिनपर पंजाब का पड़ोसी हरियाणा किसानों को एमएसपी दे रहा है , हरियाणा 23 फसलों को एमएसपी पर खरीद रही है जबकि पंजाब में ऐसा नहीं है। और इसलिए भी मान पर जबरदस्त दबाव बना हुआ है, पर जो भी हो अपने उपर जब आती है तभी वय्कित और पार्टी की असलियत का पता चलता है।

 

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पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।