हम भगवान के दर्शन करने विभिन्न मंदिरों में जाते है  पर क्या आप जानते है की हमारे देश में एक ऐसा मंदिर भी है जहा  कुतों कुत्तो की पूजा होती है वैसे हम में से ज्यादातर लोग जानते होंगे की शिवजी के गणों में
एक काले श्वान यानी कुत्ते का भी जिक्र आता है और शिवगणों में उसने भी अहम स्थान हासिल किया. भैरव वाहन के रुप में काले कुत्ते की पूजा होती है कर्नाटक राज्य में रामनगर जिले के चन्नापटना में एक मंदिर में कुत्तों की पूचा अर्चना की जाती है, जो कि इस मंदिर को अन्य मंदिरों से अलग बनाती है.
कर्नाटक में चन्नापटना में डॉग टेंपल छोटे से गांव अग्रहारा वलागेरहल्ली में स्थित है. स्थानीय तौर पर इसे ‘नई देवस्थान’ के नाम से जाना जाता है, जहां स्थानीय कन्नड़ भाषा में ‘नाई’ का मतलब ‘कुत्ता’ होता हैइस गांव में यह भी मान्यता है कि अगर कोई  से प्रार्थना करता है और यहाँ आकर पूजा अर्चना करता है तो उसकी मनोकामना पूरी हो जाती है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए वर्ष में एक बार इस गांव में एक बार मेला आयोजित होता है और विभिन्न हिस्सों से हजारों भक्त यहां आते हैं,भक्त पहले कुत्तों को प्रणाम करते हैं और फिर वीरमस्ति केम्पम्मा देवी के दर्शन करते हैं. यह आस्था है कि चन्नापट्टना के वलागेरेहल्ली गांव में कुत्तों को विशेष प्राथमिकता मिली है

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