इसे कहते हैं देश के लिए लड़ मरने का जज्बा-शादी के 24 घंटे के अंदर बार्डर पहुंचा

 कहते है ना कि एक सैनिक के लिए देशप्रेम से बढ़कर , बार्डर पर अपनी डूयूटी से बढ़कर कुछ होता ही नहीं और अब जब भारत के शत्रु पाकिस्तान के साथ almost  युद्द शुरू हो चुका है तो हर सैनिक देश पर अपनी जान मिटाने को तैयार है और इन सब के बीच बक्सर के डुमरांव के नंदन गांव के  त्यागी यादव ने देशप्रेम की अनूठी मिसाल पेश करके सबको इन सैनिकों पर फ्रक करने पर मजबूर कर दिया। दरअसल त्यागी पिछले छह वर्षों से आर्मी में हैं और वर्तमान में श्रीनगर के कंगधार में इनकी पोस्टिंग हुई है। अब त्यागी जी की शादी पक्की हो गई तो ये   दो महीने की छुट्टी पर घर आए हुए थे।त्यागी की शादी भी सात मई को प्रिया कुमारी नाम की लड़की के साथ  धूमधाम से हो गई पर  24 घंटे बाद ही उन्हें  वापस अपनी डूयटी पर लौटाने का आदेश आ गया । पर त्यागी जी पर इसका कोई असर नहीं हुआ और वो   अपनी पत्नी को अलविदा कह कर अपनी डूयूटी लौट आए।
शुरू में यह खबर सुनते ही परिवार में सन्नाटा छा गया, लेकिन उसके बाद त्यागी और उनके परिवार ने  देश सेवा के नाते  त्यागी को वापस भेजने की तैयारी शुरू कर दी। त्यागी की इस  देशभक्ति से ना केवल अनके माता-पिता  , पूरा गांव गर्व से भरा है बल्कि उनकी नई नवेली दुल्हन ने भी मस्कुराते हुए से अपने पति को विदाई दी। सभी ने त्यागी को  पाकिस्तान के खिलाफ  जंग में भारत की जीत के लिए लडने की  कामना भी की है।

त्यागी यादव की यह सच्ची कहानी ना केवल  केवल डुमरांव के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक संदेश है कि जिस देश के सैनिक ऐसे हों उसका दुश्मन बाल भी बांका नहीं कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।