बिहार चुनाव आने वाले हैं और जहां बीजेपी नेताओं के पास इस समय यहां चुनाव में प्रचार प्रसार करने के लिए आपरेशन सिंदूर का बड़ा मुद्दा है और यही बात किसी को सबसे ज्यादा अखर रही है तो वह है कांग्रेस को क्योंकि बिहार में ज्यादा से ज्यादा सीटे लाने का उसका सपना आपरेशन सिंदूर ने लगभग खत्म कर दिया, लेकिन इसके चलते कांग्रेस के कई नेता बहुत ही घटिया राजनीति पर उतर आए हैं और उन्होंने आपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए, राहुल गांधी , जयराम रमेश, पवन खेडा जैसे नेताओं के बाद अब खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पर नए सिर से सियासत शुरू कर दी और खरगे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के सिंगापुर में दिए गए एक बयान को लेकर मोदी सरकार को घेर रहे हैं, खड़गे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस बयान से कई गंभीर सवाल उठे हैं. इन सवालों पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र तुरंत बुलाया जाना चाहिए. मोदी सरकार ने देश को गुमराह किया है., पर अब बिहार चुनाव में आपरेशन सिंदूर गर्माया हुआ है तो बिना देर किए बिहार के ही कद्दावर नेता केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने खरगे पर जबरदस्त पलटवार करते हुए कहा कि अगर उन्हें अब भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सबूत चाहिए तो उन्हें पाकिस्तान जाकर सबूत मांगना चाहिए. पाकिस्तान कोई सबूत नहीं दे पा रहा है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस पार्टी हमेशा सेना की बहादुरी पर सबूत मांगती रही है. , गिरिराज सिंह ने यह भी कहा की खरगे पाक्स्तानियों की भाषा खड़गे बोल रही है, और उन्हें अपने बयान पर शर्म आनी चाहिए., साथ ही गिरिराज सिंह ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती पर भी निशाना साधाते हुए कहा कि . उन्होंने जीवन भर आतंकवादियों का समर्थन किया है. और वह हमेशा पाकिस्तान का ही साथ देती हैं।

 

आपरेशन सिंदूर पर विपक्ष को इतना गुस्सा क्यों आने लगा है

आपरेशन सिंदूर की सफलता और पाकिस्तान के आतंकवादी चेहरे को बेनकाब करते -करते कांग्रेंस के बड़े कद्दावर नेता सलमान खुर्शीद ने मोदी सरकार की ओर से कशमीर में धारा 370 को खत्म करने को अच्छा कदम बताया है, उन्होंने इंडोनेशिया में बोलते हुए कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद की समस्या खत्म हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 के समाप्त होने से कश्मीर में प्रगति का माहौल है। यह बयान देश के लिए बहुत सुखद बयान हैं क्योंकि विदेशों में पहंचे अलग अलग पार्टी के नेता अपने बयानों से लगातार यह साबित कर रहे हैं कि चाहे पार्टी अलग है, विचारधारा अलग पर देश सुरक्षा पर सब एक हैं,
पर शर्मनाक बात यह है कि देश के अंदर कांग्रेस और कुछ अन्य पार्टियों के नेता आपरेशन सिंदूर और मोदी सरकार के साथ इन नेताओं के बारे में भी बेहूदा टिप्टणियां करने से बाज नहीं आ रहे हैं, सबसे पहले कांग्रेस की ही बात करते हैं, उनके वरिष्ठ नेता जयराम रमेश इन नेताओं की तुलना एक तरह से आतंकवादियों से कर रहे हैं, जयराम रमेश ने बहुत ही शर्मनाक बयान देते हुए कहा है कि पहलगाम में हमला करने वाले आतंकी खुले आम घूम रहे हैं वहीं हमारे सांसद भी दुनियाभर में घूम रहे हैं। वहीं कांग्रेस के एक ओर नेता और तेलांगना के मुख्यमंत्री रेवंता रेड्डी तो राहुल गांधी को pm बनवाने के चक्कर में यह भी भूल गए कि उनकी गलत टिप्पणियां पाकिस्तान की मीडिया की तुरंत सुर्खियां बनेगी, रेवंत रेड्डी ने कहा है कि “मोदी हमारे लिए कभी भी युद्ध नहीं जीत सकते हैं, केवल प्रधानमंत्री के रूप में राहुल गांधी ही ऐसा कर सकते हैं।”यही नहीं भावनाओं में बहे रेवंत रेड्डी यह भी बोल गए कि “अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री होते तो वह पीओके वापस ले आते। वहीं शिवसेना उद्वव पार्टी के नेता संजय राउत तो और दो कदम आगे बढ़ गए , मोदी सरकार, आपरेशन सिंदूर और इन नेताओं को नीचा दिखाने के लिए कुछ दिन पहले उन्होंने कहा कि ये टूरिज्जम दौरा चल रहा है, और अब राउत का एक ओर शर्मनाक और बेहूदा बयान सामने आया है जिसमें वो कह रहे हैं कि पहलगाम के छह आतंकवादियों को इसलिए नहीं पकड़ा जा रहा है क्योंकि हो सकता है कि एक दिन आपको भाजपा कार्यालय से एक प्रेस नोट मिल जाए कि वे छह लोग भाजपा में शामिल हो गए हैं। लेकिन विपक्ष को यह नहीं पता कि जनता सब देख रही है सुन रही है और मौका मिलते ही कोई इन नेताओं को सबक ना सीखाए पर जनता जरूर सिखा देगी।

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