हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव द्वारा की गई एक पोस्ट उनपर ही भारी पड़ गई, अखिलेश ने अपनी पोस्ट में यूपी के ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा पर तंज कसा था और लिखा था कि भाजपा के बाजार में अब बिजली विभाग बिकेगा और जेनरेशन, ट्रांसमिशन या डिस्ट्रीब्यूशन में कोई तरक्की नहीं हुई है बेचारी जनता जब विरोध करती है तो भाजपाइयों की बत्ती गुल हो जाती है, बस नारे लगते हैं। अब आपको बता दें कि मजारा क्या हुआ और कैसे मंत्री महोदय ए के शर्मा ने अपने एक आदेश से अखिलेश की ही बती गुल कर दी। दरअसल उर्जा मंत्री सुल्‍तानपुर दौरे पर गए थे और तब उनसे एक व्‍यक्ति ने शिकायत करी की गांव में तो सिर्फ 3 घंटे बिजली आती है। पर मंत्री जी ने कुछ कहने सुनने की बजाय जय श्रीराम का नारा लगाया और वहां से चलते बने , मंत्री का यह वीडियो खूब वायरल हो गया कईं लोगों के साथ अखिलेश को भी मौका मिल गया जबरदस्त आलोचना शुरू हुई कि बिजली समस्‍या दूर करने की जगह मंत्री महोदय जय श्रीराम का नारा लगा रहे हैं। पर रात होते होते मंत्री ने सुल्‍तानपुर के कादीपुर में विद्युत टेक्‍नीशियन उमांकर यादव को सस्‍पेंड कर दिया और इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर करते हुए लिख दिया की उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के शासनकाल में बिजली कभी आती थी तो सुखद घटना मानी जाती थी और समाचार बनता था। अब 24 घंटे में कभी-कभी किसी की लापरवाही से बिजली जाती है तोrare news बनती है पर जांच के बाद कारवाई की जाती है. तो मंत्री महोदय ने अखिलेश तो क्या इसके साथ साथ कांग्रेस को भी लपेट लिया। इसे कहते हैं Tit For Tat.

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गद्दार कमेंट पर रवनीत बिट्टू ने सच ही बोला कि राहुल देश के दुश्मन बुधवार को राहुल गांधी का बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को संसद परिसर में गद्दार कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, सिख समुदाय इसे पूरे सिख समाज का अपमान बता कर गुस्सा है, यही नहीं राहुल के कमेंट पर उऩके साथ बैठे सिख समुदाय के नेताओं का हंसना भी चर्चा का विषय बन गया है और उनके खिलाफ भी कारवाई की मांग जोर पकड़ रही है, शिरोमणि अकाली दल की बैठक से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही सच्चे हैं, आपको बता दें कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को अपना गद्दार मित्र बता दिया था तो जवाब में बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताया। ममता बनर्जी क्यों बन गई वकील ममता बनर्जी में कुछ हो ना हो एक तो कला जरूर है कि उन्हें पता है कि कैसे ,किस तरह हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में बने रह सकते हैं, कभी अपने बयानों से कभी केंद्र सरकार पर लगाए गए अजीबोगरीब आरोपों के कारण दीदी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं और जब से ममता दीदी ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर खुद जिरह करने की अपील की है वह बंगाल तो क्या देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं, हां यह बात अलग है कि ममता के इस फैसले से ना केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी ने ममता को घेरा है और कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रोपोगेंडा है , राजनीतिक पैंतरेबाजी है। केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने इस पर तंज किया और कहा कि ममता बनर्जी ने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर वहां केवल राजनीतिक भाषण दिया। यही नहीं मजूमदार ने दावा किया कि Chief Justice of India ने मुख्यमंत्री को बीच में रोककर उनके वकीलों को बोलने की अनुमति इसलिए दी क्योंकि ममता कानून के बजाय राजनीति की बात कर रही थीं। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या आईच राय ने ममता पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, तब ममता चुप थीं और अब केवल ध्यान भटकाने और अपनी वाहवाही के लिए खुद कोर्ट पहुंच गई हैं।दूसरी तरफ माक्सर्वादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने सवाल उठाया कि अगरजनता की परेशानी को लेकर ममता बनर्जी इतनी सीरियस थी तो उन्होंने बहुत पहले प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? वहीं इस बात को तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक बता कर पेश कर रहा है। pm को घेरा-आरोप -मारने की कोशिश थी संसद में बजट सत्र के दौरान वो सब हो रहा है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है, अभी तक देखने -सुनने में आता था कि विपक्ष ने नारेबाजी की , संसद से वाकआउट कर दिया, संसद के बाहर धरना -प्रदर्शन किया, लेकिन बुधवार को जो हुआ वो हैरान करने वाला नजारा था विपक्ष ने ना केवल हंगामा करके संसद को ठप किया बल्कि कईं महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने से कुछ पहले ही ना केवल प्रदर्शन शुरू कर दिया। बल्कि कईं सीटों, जिसमें पीएम मोदी की सीट भी शामिल थी, की कुर्सियों को ब्लॉक कर दिया। इन सांसदों ने हाथों में एक बैनर थाम रखा था जिसपर लिखा था , जो सही है, वही करो। ये महिला सांसद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर अपना विरोध कर रही थी। कई मंत्रियों के हस्तक्षेप के ही ये महिला सांसद अपनी जगह लौटी , इन महिला सांसदों में वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि समेत कईं और दलों की महिलाएं शामिल थीं। इस हंगामे की कईं बीजेपी के नेताओं ने निंदा की, बीजेपी नेता मनोज तिवारी का कहना था कि जो भी कुछ हुआ वो डरावना था और महिला सांसदों का मकसद पीएम मोदी पर हमला करना था, मनोज तिवारी ने कहा कि महिला सांसदों को पहले से प्लान बनाकर प्रधानमंत्री की सीट के चारों ओर तैनात किया गया था, वो तो मंत्री किरण रिजिजू ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को कंट्रोल कर लिया।