Bihar में गजब- राहुल का झूठ फिर पकड़ा गया

बिहार में आजकल गजब ही हो रहा है, बिहार से कईं ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जहां राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का वोट चोरी का आरोप खुलेआम झूठा साबित हो रहा है और बीजेपी इसे पूरी तरह से भुना रही है, हाल ही में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक वीडियो शेयर किया और राहुल गांधी पर करारा वार किया इस वीडियो में एक महिला राहुल गांधी से शिकायत करती है कि वोटर लिस्ट में उसका नाम नहीं है। लेकिन पता चलता है कि महिला को वार्ड सचिव ने ही राहुल गांधी से शिकायत करने को कहा था , समझ गए ना राहुल से झूठ बोलने को कहा था। सबको पता है कि बिहार में इस समय राहुल और तेजस्वी समेत महागठबंधन के तमाम बड़े नेता ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर हैं। और वो लगातार केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं और ऐसे में इस तरह के वीडियो के सामने आने से इन नेताओं की भद पिट रही है। जेपी नड्डा ने राहुल पर तंज कसते हुए एक वीडियो भी शेयर किया जो बहुत ज्यादा वायरल हो रहा है इसमें कहा जा रहा है कि खड़ा हूं आज भी वही…जहां मेरा झूठ पकड़ाया, सच सामने आया, और मैंने अपना मजाक बनवाया… खड़ा हूं आज भी वहीं। आपको बता दें राहुल के यह झूठ वाला वीडियो औरंगाबाद में बना था।
ASSAM एक बार फिर हिमंत बिस्वा शर्मा राहुल पर भड़के

पता चला है कि बिहार के बाद असम में भी जल्दी ही वोट पुननिरीक्षण प्रक्रिया यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन शुरू हो जाएगी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अभी से इसको लेकर राहुल गांधी पर हमला करना शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि असम में अगले साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं और sir क लेकर हिमंत बिस्वा सरमा बहुत सीरियल हैं और यही कारण हैं उन्होंने बिहार में चल रहे sir का विरोध करने पर राहुल को जम कर सुनाया है सरमा ने पूछा है कि राहुल क्या चाहते हैं उन्हें खुद नहीं , वह चुनाव आयोग जाकर और वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ने के लिए अनुरोध कर सकते हैं पर उनकी कोई दिलचस्पी ही नहीं है, सरमा ने यह भी कहा कि अगर वोटर लिस्ट गलत है, तो कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना विधानसभा चुनाव कैसे जीते, कांग्रेस जीते तो सब ठीक नहीं तो सब गलत ,मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम में sir होना बहुत जरूरी है क्योंकि “असम के नदी के किनारे वाले इलाकों के अलावा कुछ अन्य जगहों पर मरे हुए लोगों के नाम भी वोटर लिस्ट में शामिल हैं यही नहीं शादीशुदा बेटियों के नाम भी हैं और इन इलाकों में वोटिंग करीब 100 प्रतिशत होती है, SIR ही फर्जी वोटर्स को बाहर करने का तरीका है आपको बता दें कि असम में आखिरी बार सन 2005 में वोटर लिस्ट का इंटेंसिव रिवीजन हुआ था।
