PM मोदी गजब के Dialogue -सलीम जावेद की जोडी भी पानी भरे

 

पीएम मोदी के जन्मदिन पर पीएम मोदी की शख्सियत की बात करते हैं। उनकी छवि , उनकी पर्सनालिटी ऐसी है और लोगों से अलग है, और यही कारण है कि देश- विदेशों में मोदी जी की गिनती टॉप लोकप्रिय नेताओं में होती है। उनका पैशन विकास के लिए है। उनका जो कम्युनिकेशन का एक तरीका है। उनके पहनने का ढंग, उनके अटायर यानी कपड़ों का कलेक्शन, उनके चलने का ढंग , उनकी बॉडी लैंग्वेज है, उनका जो ज्ञान है और रूट लेवल तक के लोगों से वो बात कर सकते हैं उनसे जुड़ जाते हैं और यही कारण है कि मोदी जी को एक अलग
व्यक्तित्व प्रदान किया है।

मोदी कट कुर्ता देशभर में मशहूर

सबसे पहले अगर उनके अटायर यानी कपड़ों की बात करें, उनके पहनावे की बात करें तो उनका जो हाफ कट कुर्ता है और चूड़ीदार पजामा जो पहनते हैं मोदी जी हमेशा ही पहनते हैं। तो एक सिग्नेचर बन चुका है और देश में मोदी कट कुर्ते की डिमांड तो बहुत बड़ी है। जब से मोदी जी ने वो कुर्ता पहनना शुरू किया है। इसके अलावा उनके जो डिज़दार कुर्ते होते हैं उनकी भी चर्चा होती है। अपने सूट के साथ जो मैचिंग का वो रुमाल लेते हैं। कई बार मफलर बहुत मैचिंग का ले लेते हैं। कई बार वो स्टोल ऐसे डालते हैं बिल्कुल मैचिंग का। उसकी बहुत ज्यादा चर्चा होती है। अगर उनकी दाढ़ी भी देखी जाए तो शेविंग जो है बहुत ही प्रॉपर होती है। कभी भी मेसनहीं होता है। क्योंकि दाढ़ी जो जब लोग रखते हैं तो कहीं ना कहीं ऐसा मौके आता है कि हम देखते हैं कि कहीं ना कहीं कुछ इधर-उधर बाल हो गए हैं। लेकिन मोदी जी हमेशा सलीके में दिखते हैं। बिल्कुल उनकी दाढ़ी बनी हुई होती है। बाल एकदम सेट होते हैं और चकाचक उनके कुर्ते पजामे होते हैं। ,यही नहीं अगर उनके हाथों की तरफ ध्यान दें तो उनकी चमकदार घड़ियां भी लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं। ब्रांडेड होती हैं ,यह पता चला है कि मोदी जी को घड़ियों और पेन का भी शौक है।

उनकी बातचीत का तरीका बनाता Modi ji को दूसरों से अलग

 

अगर मोदी जी के कम्युनिकेशन स्किल की बात करें तो तमाम लोग मानते हैं तमाम नेता चाहे वो बीजेपी के नेता हो चाहे वो विपक्ष के नेता हो कि कहीं ना कहीं बहुत जबरदस्त स्किल है मोदी जी में लोगों को अपने से कनेक्ट करने की और उसके पीछे कारण क्या है? मोदी जी जहां भी जाते हैं पता चला है कि कहीं भी उनको स्पीच देनी हो, सभा में जाना हो, कहीं बड़े फंक्शन में जाना हो, जाने से पहले वो कहां जा रहे हैं, किससे मिलना है, किस जगह है, उसकी सारी हिस्ट्री, उसकी संस्कृति, लोगों की जो एक परेशानियां है, उसके बारे में पूरा होमवर्क करते हैं और जब वहां पहुंचते हैं तो बस उसी जगह की अपनी स्पीच में बीच-बीच में बातें करते हैं। और ये इसलिए जरूरी होती है इससे जो वहां दर्शक बैठे होते हैं, लोग बैठे होते हैं वो कनेक्ट होते हैं। उनको लगता है कि यह नेता कहीं ना कहीं हमारी जमीन से जुड़ा हुआ है। इसको हमारी परेशानियों के बारे में भी पता है। हमारी खुशियों के बारे में भी पता है। हमारे त्यौहारों के बारे में भी पता है। तो ये सब मोदी जी करते हैं। होमवर्क जो है बहुत अच्छी तरह से तैयार करते हैं। जहां भी जाते हैं जिससे भी मिलते हैं उनको पता होता है। उनका जो ड्रेसिंग सेंस है वो भी उसी हिसाब से होता है। अगर आप देखें वो विदेश यात्रा में है। ठंडे देश में है और उनको लगता है कि यहां सूट की जरूरत है। वो तो सूट पहनने में ही जगते नहीं है। कुर्ते पजामे को वो उस समय नहीं पहनते हैं। सूट पहनते हैं। तो कहीं ना कहीं यह स्किल्स जो
मोदी जी की है, कम्युनिकेशन स्किल्स लोगों को कनेक्ट करने की अपने साथ ये बहुत ज्यादा है और इसकी चर्चाएं होती रहती है। उसके पीछे कारण ये है कि बहुत हार्ड वर्किंग है। मोदी जी जहां भी जाते हैं पूरा होमवर्क तैयार करके जाते है।

Modi ji के कुछ famous Dialogue

 

एक और बात यहां हम जरूर चर्चा करेंगे मोदी जी की स्पीच के बारे में कि जितनी भी स्पीचेस अगर आपने सुनी हो मोदी जी की खासतौर पर जब वो इलेक्शन के समय स्पीच देते है। तो ये चर्चा ये भी चलती है कि सलीम जावेद की
जोड़ी है। उन्होंने इतने डायलॉग इतनी पंच लाइन नहीं लिखी होंगी जो इतनी ज्यादा पॉपुलर होंगी हुई होंगी जितनी मोदी जी के बीच में जो डायलॉग होते हैं वो बहुत ज्यादा पॉपुलर हो जाते हैं। अभी हाल फिलहाल में उन्होंने मथुरा में रैली की थी और उन्होंने कहा था कि

————₹12 में तो कफ़न भी नहीं मिलता और मैं आपके लिए बीमा लेकर आया हूं।

————- इसके अलावा मोदी जी यह भी कहते हैं कि मां बहनों की इज्जत के लिए मैं शौचालय का काम लेकर चला हूं।

ये जो उनका जो एक एक लोगों को छूने वाला जो एक स्पेशली जो हमारी जो वर्किंग क्लास है हमारी लेडीज है जो हमारी जो ग्रामीण महिलाएं हैं उनको ये जो डायलॉग है बहुत अच्छी तरह से उनके दिलो दिमाग मे छाया था, और अक्सर वो उनकी इसकी चर्चा भी करती हैं।

———- इसके अलावा उनका एक डायलॉग था देश के लिए मैं मर तो नहीं सकता लेकिन हां देश के लिए मैं जिंदा रहकर काम जरूर करूंगा।

————मोदीजी का यह बयान भी खूब वायलर हुआ कि जिसकी आदत धरने की है उसको वो काम दिया जाए। हमारी आदत तो सरकार चलाने की है तो हम वही काम करेंगे।

मोदी जी के डायलॉग्स होते हैं उसमें विपक्ष पे जो तंज होता है वो भी देखने में आता है

——— मनरेगा को लेकर उन्होंने कांग्रेस पे बहुत ही पॉलिश ढंग से तंग एक तंज कसा था कि मनरेगा मैं कभी बंद नहीं करूंगा। क्योंकि मनरेगा तो कांग्रेस का एक जो विफलताएं हैं उसका एक स्मारक है। एक सिंबल है

———उन्होंने कहा था कि जब मैच खेलते हैं तो कोई खिलाड़ी अगर कम रन में आउट हो जाता है तो लोगों को ज्यादा दुख नहीं होता। लेकिन अगर सचिन तेंदुलकर 10 रन बनाकर आउट होता है, लोगों को दुख होता है और मेरे साथ भी ऐसा होता है तो कम से कम लोग मुझे उस श्रेणी में रखते हैं।

———ईवीएम एक ऐसी एक ऐसी मशीन है जो AK-47 जो बुलेट होती है उससे भी ज्यादा दमदार है, असरदार है। और ये ईवीएम को लेकर मोदी जी ने कहा था कि ईवीएम की जितनी शक्ति AK-47 जो बुलेट है उसमें भी नहीं होगी जितनी इस बैलेट में है।

—————-मैं संत्री बनकर बैठा हूं। मैं प्रधान सेवक तो हूं ही। मैं ट्रस्टी भी हूं। मैं किसी को लूटने नहीं दूंगा।

———- एक और डायलॉग की हम यहां बात करेंगे जो काफी फेमस हुआ था। उन्होंने कहा था कि मैं मक्खन पर लकीर खींचने वालों से मैं से नहीं हूं। मैं पत्थर पर लकीर खींचता हूं।

 

विपक्ष पर प्यार भरे अंदाज में कसते हैं तंज

तो और भी बहुत से डायलॉग हैं जो फेमस हुए थे। कुछ के बारे में हमने लिखा। सबसे बड़ी बात खासियत मोदी जी की यह है जो लोग कहते भी हैं कि वो तंज भी कसते हैं एक बहुत ही प्यार भरे अंदाज में पुचकारते हुए पता भी नहीं चलता कि वो कमेंट कर रहे हैं। किसी को किसी की गलतियां गिनवा रहे हैं। बहुत ही पॉलिश तरीके से वो अपने विपक्ष पर वार करते हैं और जो डायलॉग्स हैं , कि सलीम जावेद के डायलॉग इतने फेमस नहीं होंगे जितने मोदी जी के डायलॉग फेमस होते हैं। अब यह तो सीक्रेट है कि मोदी जी खुद लिखते हैं किसी से लिखवाते हैं। होमवर्क तो वह बहुत करते हैं। कहा जाता है संसद में जब बोलते हैं तो उनकी स्पीच सब सुनते हैं और जिस तरह के वो जोक्स भी सुनाते हैं। वो पुरानी कहावतें भी सुनाते हैं। पुराने एक्सपीरियंस भी उठकर सुनाते हैं और लगता है कि पूरा होमवर्क वो तैयार करके आए हैं।

 

क्या यही सीट तुडवाएगी राहुल-तेजस्वी की दोस्ती

बिहार की इस सीट पर लड़ने को लेकर पहले से ही महागठबंधन के दो बड़े दलों यानी कांग्रेस और rjd आमने-सामने हैं, लेकिन इन सब के वीआईपी यानी मुकेश साहनी की पार्टी ने भी इस सीट को लेकर अपनी दावेदारी पेश कर दी है जिससे माना जा रहा है कि किशनगंज के बहादुरगंज सीट पर कांग्रेस का मुकाबला बीजेपी या jdu से होने की बजाय अपने सहयोगी दलों यानी rjd और vip पार्टी से ज्यादा होगा। आपको बता दें कि कांग्रेस इस सीट को अपना गढ़ मानती है और इसको लेकर बहुत ज्यादा possesive भी है , और हो भी क्यों अब तक हुए 15 विधानसभा चुनाव और एक उप चुनाव में से कांग्रेस ने यहां 10 बार जीत हासिल की है। पर 2020 में aimim ने यह सीट जीत कर congress को करारा झटका दिया था लेकिन अब देखना यही है कि इस सीट के लिए महागठबंधन के एकता टूटेगी और congress -rjd और vip पार्टी अपने अपने उम्मीदवार उतारेगी या फिर कुछ समझौता होगा, पर दिलचस्प यही होगा कि क्या कांग्रेस अपने इस गढ पर लड़ने के लिए अपने सहयोगी दलों को मना पाती है या नहीं, वैसे आपको बता दें कि इस सीट पर rjd और jdu को कभी सफलता नहीं मिली है।

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