Bihar —चुनाव तिथियों को लेकर ही congress का कलह सामने

बिहार में चुनाव की dates को लेकर कांग्रेस नेताओं के ही अलग अलग बयान सामने आने शुरू हो गए हैं, आपको बता दें कि जहां बिहार में कईं कांग्रेसी नेताओं ने इन तारीखों पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि छठ पूजा के बाद बिहार के बहुत से निवासी अपने कामों पर वापस दूसरे राज्यों में चले जाएंगे और इससे बहुत से लोग वोट डालने से वंचित हो जाएंगे, वहीं दूसरी ओर, राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने इन चुनाव कराने के समय का स्वागत किया है और कहा है कि पूजा और पर्व को ध्यान में रखते हुए बिहार में चुनाव करवाना स्वागत योग्य है, चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं की तरफ से इस तरह के विरोधाभास बयान सामने आने से साफ लगता है कि कांग्रेस में भी वर्चस्व को लेकर अंदरूनी लड़ाई चल रही है, बिहार का हर कांग्रेसी नेता अपने को बिहार का सुप्रीमों बनने की कोशिश कर रहा है, वैसे कांग्रेस के नेता राहुल गांधी भी बिहार में कांग्रेस को rjd की b टीम बनने की जगह ए टीम बनाने की कोशिश में लगे हैं और लगता है कि power पाने की लड़ाई पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह चल रही है।

BIHAR —क्या हजारों लोग नहीं डाल पाएंगे वोट

विपक्ष को कोई खुश नहीं कर सकता, क्योंकि विपक्ष का काम ही सरकार के हर काम के लिए सवाल उठाना है, पर बिहार में अजब ही खेल चल रहा है एक तरफ विपक्ष यानी rjd और congress ks नेता इस बात को लेकर गर्व कर रहे हैं कि चुनाव आयोग ने उनकी मांग पर दो फेज में चुनाव कराने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है इससे कमजोर संगठन वाले कांग्रेस और rjd भी ज्यादा आसानी से चुनाव लड़ सकेंगे, और दूसरी तरफ एक दिन में होने वाले चुनाव का बीजेपी चुनावी प्रबंधन में फायदा ले सकती थी जो अब नहीं हो सकेगा, पर लेकिन दूसरी तरफ चुनाव की तारीखों पर ये दोनों दल आयोग को घेर रहे हैं और इसे छठ और दिवाली की छुट्टियों से जोड़ रहे हैं, दरअसल इन दलों का आरोप है कि दिवाली और छठ के बीच चुनाव होने चाहिए थे क्योंकि बिहार से बाहर नौकरी करने वाले तमाम लोग घरों पर होते हैं औप वोट दे सकते हैं, अब ऐसा संभव नहीं है छठ के बाद सब अपने कामों पर निकल जाएंगे , इससे हजारों लोग वोट नहीं डाल पाएंगे, अब सवाल यही है कि इससे किस दल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचेगा, वैसे इसका जवाब तो 14 नबंवर को ही पता चलेगा जब रिजल्ट आएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

पाकिस्तान से आती थी सैलरी-Congress का ये सांसद फंस सकता है जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर सबूतों के साथ सामने आ रही है इससे यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा है, अब चूंकि ये मामला राजनीती से उठकर अब ये मामला देश की सुऱक्षा से जुड़ रहा है तो इसके लिए कांग्रेस की परेशानी जाहिर है और इसके जवाब में कांग्रेस के कईं नेता ऐसे तर्क पेश कर रही हैं जिनकी वास्तविकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला समझते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलकर लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई को एक पाकिस्तानी फर्म ने नौकरी दी थी और फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया था और इस दौरान उनकी सैलरी पाकिस्तान के एक नागरिक अली तौकीर शेख दिया करते थे, रविवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सरमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है , उन्होंने बताया कि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में कईं गंभीर सवाल खड़े किए हैं, सरमा ने कहा कि ib यानी इंटलीजेंस की गोपनीय जानकारी इसी तरह पाकिस्तान भेजी गई, उन्होंने यह भी बताया कि शेख 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया और भारत विरोधी नैरिटिव तैयार किया । ————–गौरव गौगई की पत्नी आरोपों के घेरे में यही नहीं रविवार को ही बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी गौरव गोगई को घेरते हुए सोशल मीडिया पर एक सवाल करके कांग्रेस को और परेशानी में डाल दिया, प्रदीप भंडारी ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि गौरव गोगोई ने 2014 में कालीबोर से सांसद चुने जाने के तुरंत बाद 14 मार्च 2015 को युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गौरव गोगोई बताएंगे कि उनकी पाकिस्तान यात्रा को वहां के गृह मंत्रालय ने सुविधाएं दी थीं, ————गोपनीय ढंग से पाकिस्तान किया दौरा अब मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है तो बीजेपी के कई नेता गौरव गौगई से सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या वो बता सकते हैं कि उनकी पतनी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर रही थी। बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि अली तौकीर शेख पर्यावरणविद नहीं था, बल्कि सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान के क्षेत्रीय विवादों से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान की तरफ से काम कर रहे थे। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी दावा किया है कि शेख नियमित रूप से सोशल मीडिया पर एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए और अपना अकाउंट बंद कर दिया। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव गोगई ने 2013 में पाकिस्तान का बहुत ही गोपनीय दौरा किया था। गौरव गौगई का आरोप जमीन घोटाला छुपाने के लिए पूरा कांड वैसे इस जांच और आरोपों के सामने आने के बाद गौरव गौगई कुछ बताने की बजाय बेतुके जवाब दे रहे हैं कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का R&AW एजेंट हूं, गौरव यह भी कह रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री ये आरोप अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, आपको बता दें हाल ही गौरव गौगई ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने 12000 बीघा जमीन पर कबजा कर रखा है और जब ये बातें हम सामने ला रहे हैं तो हमें ही देशदोही साबित किया जा रहा है। पर जो भी हो जिस तरह से जांच कमिटी की रिपोर्ट गौरव गौगई और उनकी पत्नी के पाकिस्तीनी लिंक साबित कर चुकी है उससे आने वाले समय में देश के साथ आसाम में ये मुद्दा कांग्रेस के लिए भारी पड़ने वाला है।