नीतीश अपने ही नेताओं से परेशान कैसे चलाएंगे सरकार
बिहार में नीतीश के लिए अपनी सरकार चलाना दिन प्रितदिन मुश्किल ही होता जा रहा है, पर हैरानी परेशानी तो ये है कि ये मुशिकलें विपक्ष से ज्यादा उनके अपने नेता , अपने मंत्री दे रहे हैं, अब ताजा खबर यह है कि बिहार के Deputy CM Vijay Kumar Sinha का बडबोला स्वाभाव नीतीश के लिए बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है, हाल ये है कि राज्य राजस्व संघ ने सीएम नीतीश कुमार को सीधे तौर पर चेतावनी दे दी है कि अगर विजय कुमार को संभाला नहीं गया तो पूरा नौकरशाह तंत्र बगावत पर उतर आएगा। . दरअसल विजय सिन्हा अपनी गलत भाषा, बडबोला पन और तीखी नौकझोंक के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं और उनके सरेआम किसी को अपमान करने की आदत के काऱण भी नौकरशाह उन्हें पसंद नहीं करते हैं, और इनकी इसी आदत के कारण हाल ये है कि नौकरशाह तंत्र उनके पीछे लग गया है, हाल ही में Bihar Revenue Service Association-United ने उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के खिलाफ CM नीतीश कुमार को चिट्ठी लिख कर विभाग के अधिकारियों को जन संवाद कार्यक्रम के दौरान अपमानित करने का आरोप लगाया है और साथ ही कड़े शबदों में कह दिया कि अगर विजय सिंहा ने भाषा नहीं सुधारी तो उनका बहिष्कार किया जाएगा।
Deputy CM की भाषा नीतीश को करे परेशान
दरअसल अनुशासन का डंडा चलाने के चक्कर में विजय सिंहा बहुत ही गलत भाषा का प्रयोग कर डालते हैं जैसे कि हाल ही में उन्होंने जनता के मसले पर सुनवाई के दौरान अधिकारियों को कह दिया कि ‘खड़े-खड़े सस्पेंड कर दूंगा, जनता के सामने जवाब दो, यही नहीं उन्होंने जनता के मंच से ही अधिकारियों को सुना दिया कि DM, SP सुन रहे हो ना इस तरह की भाषा नहीं चलेगी।


चुनाव के दौरान बॉडी गार्ड को भी नहीं बख्शा था
वैसे चुनाव प्रचार के दौरान भी विजय सिनहा गलत शब्दों के इस्तेमाल के कारण चर्चा में आए थे , उनकी गलत भाषा के काऱण उनकी सुरक्षा में लगे एसपी समेत , जवान भी डीमॉरलाइज महसूस कर रहे थे, विजय सिन्हा ने कहा था कि यहां का एसपी कायर और कमजोर है, जो गुंडों को रोक नहीं पा रहा है, एक और जगह विजय सिंहा ने यह तक कह दिया कि ये बॉडी गार्ड है , जो बंदूक चला नहीं सकता, गोबर मिट्टी इसके मुंह पर लगा है।
नौकरशाह का सब्र का पैमाना टूट चुका है
इन शब्दों के कारण विजय सिहा काफी ट्रोल भी हुए थे और खुद को ही कठघरे में खड़ा कर दिया था, अब चुनाव के बाद मंत्री पद की सीट संभालने के बाद भी विजय सिंहा लगातार अभद्ग भाषा का प्रयोग कर रहे हैं और अब लगता है कि नौकरशाह का सब्र का पैमाना टूट चुका है और उन्होंने नीतीश कुमार को अल्टीमेटम दे दिया है , बेचारे नीतीश करें तो क्या करें क्योंकि आपको बता दें कि विजय सिंहा अधिकारियों से तो क्या कईं बार अपनी ही पार्टी के नेता सम्राट चौधरी के साथ साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी भिड़ जाते हैं। पर यह बीजेपी के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि अभद्र भाषा का नुकसान चाहे तुरंत ना हो पर आगे जाकर भुगतना ही पड़ता है,

नेताओं में एक बात तो लगभग कामन ही देखी जाती है , जब वोट चाहिए होते हैं, गद्दी पानी होती है तो जनता के बीच , अधिकारियों के बीच ऐसा प्यार, विश्वास, सम्मान लूटाते हैं कि लगता है कि इनसे ज्यादा सच्चा, सीधा, ईमानदार व्यकित कोई हो ही नहीं सकता , पर सीट पाते ही ये नेता बिल्कुल गिरगिट की तरह रंग बदल लेते हैं
