CONGRESS पिछले एक दशक में सबसे ज्यादा नेताओं ने किया दल-बदल

देश की सबसे बड़ी और पुरानी पार्टी यानी कांग्रेस में लगता है सब कुछ बिखर गया है और चर्चाए चल रही हैं कि दुर्दशा इतनी हो गई कि सबसे ज्यादा दल बदल इसी पार्टी के नेता कर रहे हैं, इस चर्चा को और हवा मिल रही है जबसे महाराष्ट्र में हाल ही में कांग्रेस के 12 पार्षदों ने बीजेपी को वोट दे दिया और कांग्रेस को उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से सस्पेंड करना पड़ा। माना जा रहा है कि पिछले एक दशक में कांग्रेस ऐसा दल बन चुकी है जिसमें सबसे अधिक दलबदल हुआ है , देखा गया है कि 2014 के बाद कांग्रेस में नेताओं के इस्तीफे तेज हो गए थे और 2017 और 2021 के बीच ये सबसे अधिक रहे, जैसे कि असम में 2015 में कांग्रेस के 9 विधायक बीजेपी चले गए, कर्नाटक में 2019 में 15 विधायक बीजेपी में आए, इसी साल गोवा से १२ विधायक बीजेपी में गए। मधय्प्रदेश में सबसे ज्यादा 2020 में 20 विधायक बीजेपी चले गए। यही नहीं तेलांगना में कांग्रेस के १२ विधायकों ने brs ज्वाइन कर ली। इसी प्रकार गुजरात , पांडूचेरी, अरूणाचल मेघालय , बिहार में भी कांग्रेस छोड़ने वाले विधायकों की संख्या है। कहा यही जाता है पार्टी की अंदरूनी लड़ाई, और नेतृत्व की कमी के चलते ऐसा हो रहा है, कांग्रेस नेता खुद कह रहे हैं कि कोई इस बड़ी पार्टी को संभालने वाला नहीं रहा और इस बात की चेतावनी कुछ समय पहले कांग्रेस के 23 बड़े कद्दावर नेताओं ने कांग्रेस आलाकमान को दी थी, कांग्रेस के बड़े नेता कपिल सिब्बल जो अब कांग्रेस में नहीं रहे उन्होंने तो ये तक कह दिया था कि अस्तबल से घोडे भाग रहे हैं, संभालों कही अस्तबल खाली ना हो जाए, पर लगता है कांग्रेस कुछ सीख नहीं पा रही और अस्तबल खाली होता जा रहा है।
10 मिनट में मुंबई बंद करवाने के धमकी पर BJP ने ली जबरदस्त क्लास

उद्वव ठाकरे पार्टी के नेता संजय राउत की जुबान जब फिसलती है तो बहुत फिसल जाती है और वो अपने Aggressive, भडकाउ बयानों के लिए भी जाने जाते हैं, पर इस बार संजय राउत की बदजुबानी उन्हें महंगी ही पड़ गई, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेद्र फडणवीस ने उन्हें आड़े हाथों लेकर जमकर सुनाया, दरअसल हाल ही में संजय राउत ने एक इंटरव्यू में अति उत्साह में यह कह डाला कि उनकी पार्टी की उपलब्धि है कि वह आज भी 10 मिनट में मुंबई बंद करा सकती है। इसपर देवेंद्र फडणवीस ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे खोखली धमकियों से नहीं डरते है। राउत अपने घर के आस-पास का इलाका भी बंद नहीं करा सकते।फडणवीस ने राउत पर तंज कसते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे से अलग होने के बाद जब शिंदे गुवाहाटी गए थे तो इन्होंने दावा किया था कि उन्हें मुंबई में कदम नहीं रखने दिया जाएगा।शिंदे फिर भी 50 विधायकों के साथ मुंबई आए। शिंदे और मैं भी मुंबई की सड़कों से राजभवन गए। उसके बाद, हमने सरकार बनाई। पर साथ ही फडणवीस ने शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को आदर देते हुए यह भी कह दिया कि वह अगर एक इशारे करते तो दो घंटे में मुंबई बंद हो सकती थी। पर अब शिवसेना में कोई ताकत नहीं है।
