BJP में क्यों पनप रहा विद्रोह?

महाराष्ट्र निकाय चुनावों में बीजेपी की बंपर जीत से हर कोई खुश तो है पर यह जीत अपने साथ कुछ परेशानियां , विवाद लेकर भी आई है जिसको लेकर जीत का मजा धीरे-धीरे कम होता जा रहा है, सबसे पहले तो मेयर पद को लेकर ही बीजेपी और उसके सहयोगी दल शिंदे में लगातार तनातनी की खबरें सामने आ रही हैं और अब नागपुर से एक खबर आई है जिससे बीजेपी खेमें में परेशानी दिखाई दे रही है। पता चला है कि निकाय चुनाव में अपने समर्थकों को टिकट नहीं मिलने के कारण नाराज बीजेपी नेता संदीप जोशी ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी, उन्होंने अपने गुस्से का खुलकर सोशल मीडिया पर इजहार भी कर दिया। आपको बता दें कि संदीप जोशी नागपुर के पूर्व मेयर रह चुके हैं और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के काफी करीब हैं। अब जाहिर सी बात है उनके इस्तीफे से बीजेपी में भी अंदरूनी कलह की बाते ऩिकलकर सामने आ रही हैं, और इसको दबाने की पूरी कोशिश की जा रही है, साथ ही संदीप जोशी को मनाने की कोशिश भी जारी है। नागपुर के पूर्व मेयर दयाशंकर तिवारी ने साफ कहा कि पार्टी में अंदरूनी कलह की अफवाहें बिल्कुल झूठी हैं। संदीप जोशी अपने फैसले पर विचार करेंगे और वह खुद उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं
अखिलेश यादव के परिवार में यह क्या हो रहा?

यूपी की राजनीती में समाजवादी पार्टी का परिवार इतना बड़ा है कि हर दूसरे दिन उनके परिवार का कोई ना कोई मसला चर्चा का विषय बन जाता है और जब कोई खबर समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव से जुड़ी हो तो जाहिर सी बात है वो आग की तरह बहुत जल्द चारों ओर फैलेगी, यही हुआ जब प्रतीक यादव का इंस्टाग्राम पोस्ट सार्वजनिक हो गया जिसमें प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव को तलाक देने की बात कही है, प्रतीक ने लिखा है कि मैं अपर्णा बिष्ट यादव को जल्द से जल्द तलाक देने जा रहा हूं। उन्होंने मेरे परिवार के रिश्ते खराब करे हैं। बस फिर क्या था चर्चाओं का बाजार गर्म है कि पत्नी पति के बीच ऐसा क्या हो गया कि प्रतीक को इस तरह की पोस्ट लिखनी पड़ी, प्रतीक इस समय विदेश में हैं और अपर्णा यादव की तरफ से इसपर कोई बयान नहीं दिया गया पर अपर्णा के भाई अमन बिष्ट ने यह कहकर मामले को twist दे दिया कि प्रतीक यादव का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया है और प्रतीक ऐसा पाेस्ट लिख ही नहीं लिख सकते , इसकी पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है। अमन ने यह भी आरोप लगाया कि किसी ने जानबूझकर परिवार में विवाद पैदा करने के लिए ऐसा किया। पर चर्चा तो चल निकली है कि कुछ तो गड़बड है क्योंकि इतना समय बीत जाने पर भी अपर्णा और प्रतीक का कोई नया बयान सामने नहीं आया है। आपको बता दें कि साल 2022 में अपर्णा बीजेपी में शामिल हुईं थी, उनको टिकट नहीं मिला पर राज्य महिला आयोग का उपाध्यक्ष बना दिया गया।
