आजम खां का युग खत्म- क्या BJP तैयार कर रही जयप्रदा को

आजकल फिल्म अभिनेत्री और बीजेपी की नेता, जयप्रदा एक बार फिर काफी चर्चा में बनी हुई है और चर्चा में क्यों बनी हुई क्योंकि हाल फिलहाल में ही जयप्रदा ने यूपी के बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात की। काफी लंबी उनकी बातचीत हुई। उसके बाद उन्होंने अपर्णा यादव से भी मुलाकात की।अपर्णा यादव कौन मुलायम सिंह की बहू हैं और आजकल बीजेपी में ही हैं। जयाप्रदा ने इन दोनों से लंबी मुलाकात की और उसके उसके बाद एक बार फिर चर्चाओं में है कि क्या जयप्रदा की वापसी हो रही है क्योंकि बहुत समय से जयप्रदा राजनीति के हाशिए पर पहुंची हुई है, लेकिन इन मुलाकातों से चर्चा होने लगी कि क्या 2027 के चुनाव में बीजेपी जयप्रदा की लोकप्रियता और जो उनकी एक इमेज है एक फीमेल की जो इमेज है एक नेता की जो इमेज है उसको भुनाने के लिए क्या जयप्रदा को रामपुर से दोबारा सकती है रामपुर की बात करें और आजम खान की बात ना करें। ऐसा हो नहीं सकता, आजम खान के बारे में सभी जानते हैं। पिछले काफी समय से उनका जेल में अंदर आना जाना बना हुआ है। और इस अंदर बाहर के चलते जाहिर तौर पर रामपुर में जो आजम खान की पकड़ थी जो कद्दावर नेता थे रामपुर के वो वो पकड़ धीरे-धीरे खत्म हो रही है। जनता उनसे दूर होती जा रही है क्योंकि बार-बार वो जेल जाते हैं, बाहर आते हैं और आजकल वो जेल में हैं और आजम खान के जेल जाने से किसी को फायदा हो ना हो लेकिन लगता है कि अब जयप्रदा इसका पूरा फायदा उठाना चाहती हैं और चर्चाएं यही है कि क्या रामपुर से एक बार जयप्रदा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। आने वाले समय में जो यूपी में चुनाव है 2027 में। जयप्रदा दो बार रामपुर से सांसद क्या तीसरी बार खड़ी होंगी जयप्रदा ने अपना जो राजनीतिक करियर है वो आंध्र प्रदेश की राजनीति से शुरू किया था लेकिन उनको सफलता मिली यूपी में आकर और वो भी यूपी में समाजवादी पार्टी का उन्होंनेदामन थामा था। अखिलेश यादव को अपना छोटा भाई बताती है और अखिलेश यादव ने उनको टिकट दिलवाया समाजवादी पार्टी इनके टिकट पर वो 2004 से और 2009 का इलेक्शन उन्होंने रामपुर से लड़ा और वो दो बार सांसद चुनी गई। उन्होंने लोकसभा का इलेक्शन वहां से लड़ा और वह सांसद चुनी गई और जब उनका इलेक्शन हुआ वहां पर समाजवादी पार्टी क टिकट पर थी तो वहीं पर रामपुर के जो कद्दावर नेता थे आजम खान उन्होंने जयप्रदा की काफी मदद की काफी प्रचार प्रसार किया और कहा जाता है कि जयप्रदा को जिताने में आजम खान का बहुत बड़ा हाथ रहा। लेकिन राजनीति में सब कुछ हो सकता है। तो जयप्रदा को समाजवादी पार्टी से निकाला दिया गया तो उन्होंने बीच में राष्ट्रीय लोकदल जॉइन किया और उसके बाद उन्होंने बीजेपी जॉइन कर ली और जब उन्होंने बीजेपी जॉइन की तो उनको भाजपा ने रामपुर से ही आजम खान के अगेंस्ट लड़ने के लिए टिकट दे दिया। अब कॉन्फिडेंस में बीजेपी ये थी कि आजम आजम खान के अगेंस्ट जयप्रदा का पलड़ा भारी है क्योंकि दो बार सांसद रह चुकी है।
जयाप्रदा के खिलाफ बहुत खराब माहौल बनाकर क्या गया राजनीति से दूर

लेकिन आजम खान तो आजम खान है। उन्होंने जबरदस्त जो प्रचार किया जयप्रदा के अगेंस्ट और जिस तरह से एक माहौल बनाया ऐसे में जयप्रदा जो है चुनाव हार गई और इस दौरान काफी कुछ घटा जिससे जयप्रदा को राजनीति से काफी दूर ले गया। जयप्रदा के अगेंस्ट बहुत ही गलत और अश्लील बातों का प्रयोग करना शुरू कर दिया। समाजवादी नेता टी हसन टी ने 2019 के चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें तवायफ तक कह दिया और यही नहीं 2019 के चुनाव प्रचार ने आजम खान ने जयप्रदा पर बिलो द बेल्ट वार किया और वो भी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की उपस्थिति में । लेकिन बाद में जब उन पर एफआईआर दर्ज हुई तो वो साफ मुकर गए। उन्होंने कहा कि मैंने तो नाम किसी का नहीं लिया। जयप्रदा ये चुनाव हार गई और उसके बाद से ही राजनीती से दूर हो गई वैसे आजम खां की टिप्पणी पर बीजेपी के नेताओं ने और सुषमा स्वराज उस समय जो थी
उन्होंने बकायदा ट्वीट करके लिखा था कि मुलायम सिंह यादव को एड्रेस किया था कि भीष्म पितामह जो बैठे हैं उनके सामने ये सब हो रहा है और वो चुपचाप सब कुछ देख रहे हैं।
आजम खां का दबदबा खत्म हो रहा
अब रामपुर में देखा जा रहा है कि आजम खान का जो दबदबा है वो कम हो रहा है तो ऐसे में जयप्रदा दोबारा यूपी के दो प्रमुख नेताओं से मिलती है तो डेफिनेटली चर्चाओं का बाजार गरम है कि क्या एक एक बार फिर 2027 में बीजेपी जयप्रदा को रामपुर से खड़ा करने वाली है और क्या संगठन में जयप्रदा को कोई बड़ा स्थान मिलने की तैयारी कर रही है क्योंकि एक महिला नेता है जयप्रदा और बहुत ही सॉफ्ट इमेज रखती है और अभिनेत्री हैं तो लोग उनके बारे में जानते भी हैं उनकी सभाओं में भारी भीड़ उमड़ती भी है उनको देखने के लिए तो ऐसे में बीजेपी क्या जयप्रदा के चेहरे को भुनाना चाहती है यहां बीजेपी पूरा फायदा उठाना चाहती है आजम खान क्योंकि जेल में है और पिछले काफी समय से ये देखा जा रहा है कि जो सिंहासन है रामपुर का वो खिसक रहा है आजम खान के नीचे से क्योंकि उनकी पूरी फैमिली ही किसी ना किसी तरह के आरोप के तहत अंदर बाहर जा रही है जेल से और ऐसे में जनता भी है वो भी मायूस होती है जब वो
देखती है उनका नेता लगातार जेल जा रहा है तो काम क्या करेगा अगर वो सांसद चुना भी गया हो तो जेल चला जाएगा तो काम क्या करेगा और वैसे में योगी की सरकार है सबको पता है कि जेल जाकर कोई नेता चला गया तो अपना साम्राज्य वहां से नहीं चला सकता है। वो योगी जी होने नहीं देंगे। तो ऐसे में रामपुर का माहौल है बदला बदला नजर आ रहा है। आजम खान का रूतबा धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और ये बात की संभावना पूरी हो रही है कि जयप्रदा को रामपुर से चुनाव लड़ाया जा सकता है।
