Reiki से शरीर के पांच तत्वों को चार्ज करके और Energy मिले
रेकी हमारे पांच तत्व जो हमारे पांच कुदरत के यूनिवर्सल के तत्व है , जिससे हमारा शरीर बना है उनके साथ मिलकर रेकी बहुत काम करती है। वो पांच तत्व हमारे जीवन के बहुत महत्वपूर्ण तत्व है और शायद हमारी पूरी जीवन धारा ही उन्हीं तत्वों पे आधारित है। अगर हम उन तत्वों को रेकी के साथ जोड़ देते हैं, तो देखेंगे आपके अंदर रेकी एनर्जी कितनी तेजी से आएगी और आपको कितने फायदे किस किस रूप में दोगी। सृष्टि की जो देन है, भगवान के रूप में हमें काया मिली है। यह भगवान पांच तत्व से ही निकल के बना है। ये तत्व हैं, पृथ्वी, आकाश , पानी , जल , वायु, शायद हमारे पूर्वज जानते थे कि हमें तत्वों के बारे में हमेशा याद रखना चाहिए। तो इसी तत्वों को मिलाकर उसने भगवान का नाम दिया।
पृथ्वी मिट्टी का पिंड जो देती तमाम फायदे
सबसे पहला तत्व है भा जो शुरू होता है भगवान से वो तत्व है भूमि पृथ्वी। हमारी जननी आप देखिए कुदरत की हर चीज इसी पृथ्वी से निकलती है। इसी गर्भ से निकलती है। और इसी गर्भ से निकलने वाली हर चीज पे हम निर्मित है। आधारित है। चाहे खाना पीना हो, चाहे हमारे खनिज पदार्थ हो, चाहे हमारे कोई भी मैटेलिक आइटम हो। इसी पृथ्वी के गर्भ से निकलती है पृथ्वी जो मिट्टी के एक बहुत अच्छे पिंड से बनी हुई है। यह मिट्टी जो है हमारी बहुत महत्वपूर्ण है और हमारी विशेष औषधि के रूप में काम आती है। अगर आप अपने किसी भी अंग के ऊपर जो रोग ग्रस्त है, कोई दर्द हो रहा है, पीड़ा हो रही है, इसी पृथ्वी की मिट्टी को हाथ में लेके रेकी के प्रतीक चिन्ह से चार्ज करके उस स्थान पर लगाएंगे और यूनिवर्सल से आवाहन करेंगे कि हे कुदरत की दिव्य शक्तियों मेरे इस अंग को हील करो। रेकी की ऊर्जाओं के साथ तो आप देखेंगे जादुई असर आपका वो अंग बहुत जल्दी ठीक होना शुरू हो जाएगा। पृथ्वी की जो हमारी जो तत्व है बहुत महत्वपूर्ण है। हम इसे रेकी के साथ जोड़ के और अच्छे अधिक उपयोग में ला सकते हैं।
Reiki की मदद से पांच दिव्य शक्तियों को चार्ज करें
रेकी के साथ मिलके हमारे पांच तत्व जो है हमारी जीवन को बिल्कुल बदल सकते हैं पर जरूरत विश्वास की भी है , इनकी दिव्य शक्तियां हमारी ऊर्जाओं के साथ मिलके हमें अंदर एक नई उत्साह देती है। नई एनर्जी देती है। नई-नई रोगों से लड़ने की शक्ति देती है। रेकी के नियम को प्रकृति के नियमों के साथ बनाने के बाद आप देखेंगे आपके अंदर वो सिद्ध पुरुष वाली शक्तियां आ चुकी है जिसके बारे में आप सिर्फ देखते थे सुनते थे कि कैसे ऋषि मुनि अपने हाथों के स्पर्श करके लोगों को ठीक करते थे उन्हें स्वस्थ करते थे बगैर किसी दवाइयों के सिर्फ प्रकृति के साथ जुड़ के प्रकृति के नियमों का पालन करके और साथ में अपने रहने सहने खाने पीने की शैलियों को बदलने के लिए बदलने के साथ-साथ इन विधि में और भी ज्यादा उपयोग होते हैं और भी ज्यादा फर्क पड़ते है ।
