नीतीश पहुंचे दिल्ली RJD क्यों है सदमे में Emotional नहीं कोई और है बड़ी वजह
बिहार में चर्चा जोरों पर है कि नीतीश के दिल्ली जाने से rjd खुश होने की बजाय परेशान क्यों है rjd की छटपटहाट कुछ इस तरह से सामने आ रही है कि तेजस्वी से लेकर उनकी बहने तक नीतीश पर तंज कस रही हैं —-जैसे बीजेपी ने नीतीश को हाईजैक कर लिया है, बिहार गया हाथ से, पर सवाल यही उठ रहा है कि बिहार की राजनीती में अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंदी कुमार के यानी नीतीश के दिल्ली जाने से तो विपक्ष यानी rjd को खुश होना चाहिए, लेकिन वो उदास क्यों है , ‘सदमे’ में क्यों है , अब अपने पुराने साथी के अचानक जाने से rjd इमोशनल हो रही है ऐसा कुछ नहीं है दरअसल वजह कुछ और ही है जिसके बारे में बात करते हैं, जी हां बीजेपी की ‘क्लीन स्वीप स्ट्रेटेजी के चलते rjd परेशान हो रही है, बिहार में अपना cm बनाने के लिए बीजेपी को लंबा इंतजार करना पड़ा। पर अगर उन राज्यों की बात करें, जहां बीजेपी की सरकार है तो rjd की उदासी के साथ टेंशन भी आसानी से समझ आ जाती है, अब यह तो सभी को पता है कि बीजेपी की एक ही रणनीति है जहां सरकार बने , फिर वो हिले नहीं । मध्य प्रदेश की बात करें तो साल 2003 के बा द से कांग्रेस सिर्फ एक बार ही सत्ता में वापसी आ पाई है और वो भी केवल एक साल के लिए। उसके बाद उत्तराखंड की बात करें तो, साल 2017 के बाद से ही कांग्रेस को विपक्ष ही नसीब हो रहा है, इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 2003 से 2026 तक के लंबे समय में कांग्रेस बस एक ही बार कुर्सी पर बैठी है। गुजरात की बात करें तो विपक्ष मानो गायब ही हो चुका है। कहने का मतलब यही है कि बीजेपी जहां सरकार बनाती है, वहां अपनी जड़ें इतनी मजबूत कर लेती है कि विपक्ष का सरकार में आना असंभव ही हो जाता है और बिहार में यही डर rjd को सता रहा है जो भी हो नीतीश के रहते rjd के पास सरकार में बने रहने की हमेशा गुंजइश रहती थी क्योंकि नीतीश बाबू इधर- कभी उधर जाने आने का खेला खेलते रहते थे , पर अब नीतीश की बिहार से विदाई हो चुकी है और rjd का यह विकल्प भी बंद हो जाएगा। rjd को साफ दिख रहा है कि अब तो बिहार में बीजेपी राज शुरू होने वाला है जिसका अंत होना मुशिकल ही है। 47 साल बाद यहां बीजेपी का मुख्यमंत्री बन रहा है और वह अब फ्रंट-फुट पर आकर खेलगी भी और अपनी जड़े मजबूत करेगी ।
